बलरामपुर-गोंडा लोकसभा क्षेत्र अंतर्गत बलरामपुर जनपद का रेहरा बाजार ब्लॉक में बच्चों के पोषण को लेकर एक नई पहल की शुरुआत होने जा रही है। 1 अक्टूबर से 21 ग्राम पंचायतों के 60 आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को पौष्टिक एवं संतुलित भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। केंद्रीय पर्यावरण,वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा विदेश राज्यमंत्री एवं गोंडा सांसद कीर्तिवर्धन सिंह‘राजा भैया’के प्रयासों से शुरू हो रही इस पहल में जोमैटो फीडिंग इंडिया और बलरामपुर जिला प्रशासन की साझेदारी होगी। इस अभियान का शुभारंभ 1 अक्टूबर को दतलूपुर स्थित बाबू आरपीवी एजुकेशनल एकेडमी में आयोजित कार्यक्रम में किया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में तैयारियां तेज हो गई हैं।इसे‘आंगन का मिलन’कार्यक्रम से भी जोड़ा गया है। पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की योजना अभियान के तहत चयनित आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को प्रतिदिन तीन बार संतुलित एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की योजना है। इसके लिए अचलपुर चौधरी में आधुनिक केंद्रीय रसोई तैयार की जा रही है। यहां से प्रतिदिन करीब 4,000 गर्म एवं पौष्टिक भोजन पैकेट विशेष वाहनों के माध्यम से संबंधित आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचाए जाएंगे। भोजन की गुणवत्ता और समयबद्ध आपूर्ति के साथ बच्चों के स्वास्थ्य,पोषण स्तर और नियमित उपस्थिति की निगरानी भी की जाएगी।इसमें फीडिंग इंडिया की टीम और आंगनबाड़ी कर्मियों की संयुक्त भूमिका रहेगी। इस पहल के लिए क्षेत्र का चयन एक विस्तृत अध्ययन के बाद किया गया। जानकारी के मुताबिक,अप्रैल 2026 से फीडिंग इंडिया की टीम और जिला प्रशासन की ओर से क्षेत्रवार आकलन, समीक्षा और आंकड़ों का अध्ययन किया गया।कुपोषण से जुड़े आंकड़ों के विश्लेषण के बाद उतरौला क्षेत्र के रेहरा बाजार ब्लॉक को अभियान के प्रथम चरण के लिए चुना गया। 22 सितंबर को बलरामपुर जिला प्रशासन और जोमैटो फीडिंग इंडिया के बीच MoU पर हस्ताक्षर किए गए।इसके बाद अब 1 अक्टूबर से धरातल पर अभियान की शुरुआत होने जा रही है। केंद्रीय राज्यमंत्री एवं गोंडा सांसद कीर्तिवर्धन सिंह के अनुसार,पहले चरण में रेहरा बाजार ब्लॉक की 21 ग्राम पंचायतों के 60 आंगनबाड़ी केंद्र शामिल किए गए हैं। ग्राम पंचायतों तक विस्तारित करने की तैयारी आने वाले चरणों में इस पहल को रेहरा ब्लॉक की सभी ग्राम पंचायतों तक विस्तारित करने की तैयारी है। यह पहल ऐसे समय में शुरू हो रही है,जब केंद्र सरकार की ओर से आंगनबाड़ी सेवाओं और बच्चों के पोषण को प्राथमिकता दी जा रही है। नीति आयोग के आकांक्षी जिलों में शामिल बलरामपुर में इस तरह की पहल को पोषण संबंधी चुनौतियों से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है। भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था अभियान का उद्देश्य केवल बच्चों तक भोजन पहुंचाना ही नहीं, बल्कि उनके पोषण स्तर में सुधार और नियमित निगरानी के जरिए स्वस्थ बचपन की मजबूत नींव तैयार करना है। पहल के सफल क्रियान्वयन से आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े बच्चों को नियमित रूप से पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित होने की उम्मीद है।

