Viral Slogans From Delhi Women Protest: दिल्ली में महिलाएं और छात्राएं महिला सुरक्षा और बुनियादी नागरिक सुविधाओं की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि महिलाओं को सुरक्षा के नाम पर उनकी आजादी या आवाजाही सीमित करने के बजाय सार्वजनिक जगहों को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाया जाना चाहिए। सोशल मीडिया पर इस प्रदर्शन के वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें प्रदर्शनकारियों के क्रिएटिव और तुकबंदी वाले स्लोगन लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। आइए देखते हैं इस प्रदर्शन के कुछ वायरल स्लोगन, जो इन दिनों सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे महिलाओं के ये क्रिएटिव स्लोगन
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं और छात्राओं ने अलग अलग अंदाज में अपनी बात रखी। इनमें कुछ स्लोगन तुकबंदी वाले हैं, तो कुछ महिलाओं की सुरक्षा और आजादी से जुड़े सवाल उठाते हैं। सोशल मीडिया पर चर्चा में आए इन स्लोगन में शामिल हैं।
- शर्म नहीं है मर्दों में, औरत क्यों है पर्दों में?
- मेरे सिर में दर्द है, इसका कारण मर्द है।
- नारी अपने आप की, नहीं किसी के बाप की।
- तोड़ के रख दो वो समाज, नारी जिसमें बंधी है आज।
- हक की दावेदारी है, सारी रात हमारी है।
- जुल्मी जब तक जुल्म करेगा, सत्ता के गलियारों से चप्पा चप्पा गूंज उठेगा इंकलाब के नारों से।
- दो पराठा, एक चाय, मर्द जात टाटा बाय बाय।
- एक पिज्जा, दो स्लाइस, वीमेन नीड सेफ्टी, नॉट एडवाइस।
- एक रुपैया, दो अठन्नी, मर्द जात है निकम्मी।
- एक केला, दो अंगूर, नहीं चाहिए ये लंगूर।
- मक्के की रोटी, सरसों का साग, नारी शक्ति जिंदाबाद।
- ठंडी चाय गरम करो, मर्द जात शर्म करो।
- एक पारले जी, दो ओरियो, शाबाश मेरी छोरियो।
- एक जीरा, दो अजवाइन, मर्द समाज दो रिजाइन।
- तवे पर रोटी, रोटी पर घी, मर्द समाज की हरकतें छी छी।
- हमारे कपड़े, हमारी मर्जी, मर्द जात क्यों बन रहे दर्जी?
- दो बड़े, एक पाव, मर्द जात सुधर जाओ।
- एक पकोड़ा, दो समोसा, मर्दों का ना कोई भरोसा।
- एक समोसा तेल में, रेपिस्ट जाओ जेल में।
- एक कचौड़ी, दो समोसा, इन मर्दों का क्या भरोसा।
- एक सुत्ता, दो चाय, मर्द जात हाय हाय।
स्लोगन की हो रही तारीफ
महिला प्रदर्शन के दौरान लगाए गए ये क्रिएटिव वाले स्लोगन सोशल मीडिया पर भी चर्चा में हैं। लोग इन स्लोगन की तारीफ करने के साथ ही इन पर रील भी बना रहे हैं। इनकी रचनात्मक शैली को लेकर भी यूजर्स अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा, “महिलाएं पुरुषों के खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैं और पुरुष महिलाओं का समर्थन कर रहे हैं… इस तरह के नजारे पसंद हैं।” कुछ यूजर्स इन स्लोगन की तुलना क्रिएटिव कॉपीराइटिंग से भी करते नजर आ रहे हैं।

