लुधियाना में पैसों के लेन-देन और ब्याज से जुड़ी एक बड़ी और हैरान करने वाली धोखाधड़ी सामने आई है। आरोप है कि ब्याज पर दिए गए करीब 1 करोड़ 48 लाख रुपए के बदले कुछ लोगों ने मिलकर एक व्यक्ति का 8000 गज का प्लॉट हड़प लिया। शिकायतकर्ता के अनुसार,विश्वास में लेकर कोरे कागजों पर साइन करवाए गए और फिर उनके जरिए प्रॉपर्टी हथिया ली गई।
कैसे रची गई पूरी साजिश करोड़ों का कर्ज: दुर्गा पुरी, लुधियाना के रहने वाले 48 वर्षीय नीरज कपूर ने पुलिस को बताया कि वह अक्सर आरोपियों से ब्याज पर पैसे लेता था। सितंबर 2025 में, नीरज ने उनसे 1 करोड़ 48 लाख 50 हजार रुपये ब्याज पर लिए थे। कोरे कागजों पर साइन: इस भारी रकम के बदले में आरोपियों ने गारंटी के तौर पर नीरज से 50 कोरे (खाली) कागजों और एक चेक पर हस्ताक्षर करवा लिए थे। फर्जी केस से शुरुआत: नीरज के मुताबिक, बाद में आरोपियों ने उल्टा उसके ऊपर ही एक केस दर्ज करवा दिया। जाली हस्ताक्षर और प्लॉट पर कब्जा: जब नीरज ने केस के दस्तावेजों की बारीकी से जांच की, तो पता चला कि कागजातों पर उसके जाली (फर्जी) हस्ताक्षर किए गए थे। आरोपियों ने उन 50 कोरे हस्ताक्षरित कागजों का गलत इस्तेमाल करके गांव बीरमी (हीरो होम्स के सामने) स्थित 8000 वर्ग गज के प्लॉट की रजिस्ट्री के कागजात अपने हक में तैयार कर लिए और ‘फुल एंड फाइनल’ सेटलमेंट का झूठा दावा पेश कर दिया। कौन हैं इस बड़ी ठगी के आरोपी? जानकारी के अनुसार इस मामले में कुल 6 लोगों को नामजद किया गया है जिसमे रजत गुप्ता (निवासी सिटी सेंटर के पास, शहीद भगत सिंह नगर),आशीष गुप्ता (अरुण कुमार गुप्ता का बेटा),अरुण कुमार गुप्ता (निवासी मॉडल टाउन, लुधियाना) ,वनीता गुप्ता (निवासी न्यू कृष्णा मंदिर के पास, मॉडल टाउन एक्सटेंशन),वंश जैन (निवासी टैगोर नगर),रवजोत जैन (निवासी टैगोर नगर, सिविल लाइन्स) अब क्या हुई कार्रवाई नीरज कपूर की शिकायत के आधार पर लुधियाना के सराभा नगर थाने में 29 सितंबर 2026 को एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस (BNS) की धारा 333, 351(3), और 3(5) के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया है। फिलहाल इस पूरे मामले की तफ्तीश एएसआई (ASI) उमेश कुमार कर रहे हैं। पुलिस मामले की आगे की जांच में जुट गई है।

