मेयर ने एजेंसी को युद्धस्तर पर काम के निर्देश दिए:दुर्गा पूजा से पहले शहर के 15 हजार खंभों पर स्ट्रीट लाइट लगाएगी एजेंसी

मेयर ने एजेंसी को युद्धस्तर पर काम के निर्देश दिए:दुर्गा पूजा से पहले शहर के 15 हजार खंभों पर स्ट्रीट लाइट लगाएगी एजेंसी

दुर्गा पूजा के अवसर पर शहर के किसी भी कोने में अंधेरा न रहे, इसे लेकर मंगलवार को मेयर डॉ. वसुंधरा लाल ने समीक्षा बैठक की। मेयर ने शत-प्रतिशत लाइटों को लगाने का कार्य तय समय-सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि लाइटों के तकनीकी मानकों और कार्य की गुणवत्ता के साथ किसी भी स्तर पर कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शहर के 15 हजार खंभों पर स्ट्रीट लाइट लगाने का काम एजेंसी करेगी। त्योहार के अवसर पर शहरवासियों को सुगम, स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए निविदा प्रक्रिया को तेजी से पूरा कराया गया है। मेयर ने कहा कि पर्याप्त मानवबल और आवश्यक उपकरणों का इंतजाम कर काम को युद्धस्तर पर चलाएं, ताकि पूजा की शुरुआत से पहले सभी चिह्नित मार्ग, चौराहे और वार्ड दूधिया रोशनी से नहा उठें। उन्होंने रोशनी शाखा प्रभारी जयप्रकाश यादव को प्रतिदिन वार्ड स्तर पर कार्यों की मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया है। बैठक में स्ट्रीट लाइट लगाने वाली कार्यदायी एजेंसी के प्रतिनिधि विश्वजीत सिंह आदि उपस्थित थे। पिछली एजेंसी के कामों में खामियां रह गई थीं पूर्व में ईईसीएल (EECL) एजेंसी को लाइट लगाने व मेंटेनेंस का जिम्मा दिया गया था। एजेंसी को सेंट्रलाइज्ड स्विच सिस्टम (Centralized Switch System) लगाना था, ताकि पूरे शहर की लाइट ज़ोनवार कंट्रोल की जा सके। खराबी ठीक करने में देरी होने पर जुर्माने का प्रावधान था। कंट्रोल रूम और उसका नंबर भी प्रकाशित करना था। लेकिन एजेंसी ने यह काम नहीं किया और खराब लाइटों को ठीक करने में देरी की। 10 हजार खंभों पर लाइटें तो लगाई गईं, लेकिन शहर में लगे 5 से 6 हजार नए खंभों पर लाइटें लगाई ही नहीं गईं। इस बार भी मॉनिटरिंग में कमी रहने पर ऐसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। दुर्गा पूजा के अवसर पर शहर के किसी भी कोने में अंधेरा न रहे, इसे लेकर मंगलवार को मेयर डॉ. वसुंधरा लाल ने समीक्षा बैठक की। मेयर ने शत-प्रतिशत लाइटों को लगाने का कार्य तय समय-सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि लाइटों के तकनीकी मानकों और कार्य की गुणवत्ता के साथ किसी भी स्तर पर कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शहर के 15 हजार खंभों पर स्ट्रीट लाइट लगाने का काम एजेंसी करेगी। त्योहार के अवसर पर शहरवासियों को सुगम, स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए निविदा प्रक्रिया को तेजी से पूरा कराया गया है। मेयर ने कहा कि पर्याप्त मानवबल और आवश्यक उपकरणों का इंतजाम कर काम को युद्धस्तर पर चलाएं, ताकि पूजा की शुरुआत से पहले सभी चिह्नित मार्ग, चौराहे और वार्ड दूधिया रोशनी से नहा उठें। उन्होंने रोशनी शाखा प्रभारी जयप्रकाश यादव को प्रतिदिन वार्ड स्तर पर कार्यों की मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया है। बैठक में स्ट्रीट लाइट लगाने वाली कार्यदायी एजेंसी के प्रतिनिधि विश्वजीत सिंह आदि उपस्थित थे। पिछली एजेंसी के कामों में खामियां रह गई थीं पूर्व में ईईसीएल (EECL) एजेंसी को लाइट लगाने व मेंटेनेंस का जिम्मा दिया गया था। एजेंसी को सेंट्रलाइज्ड स्विच सिस्टम (Centralized Switch System) लगाना था, ताकि पूरे शहर की लाइट ज़ोनवार कंट्रोल की जा सके। खराबी ठीक करने में देरी होने पर जुर्माने का प्रावधान था। कंट्रोल रूम और उसका नंबर भी प्रकाशित करना था। लेकिन एजेंसी ने यह काम नहीं किया और खराब लाइटों को ठीक करने में देरी की। 10 हजार खंभों पर लाइटें तो लगाई गईं, लेकिन शहर में लगे 5 से 6 हजार नए खंभों पर लाइटें लगाई ही नहीं गईं। इस बार भी मॉनिटरिंग में कमी रहने पर ऐसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।  

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