सिटी रिपोर्टर | समस्तीपुर जिले की पंचायतों में अब गांव की जरूरत के हिसाब से विकास योजनाओं का चयन किया जाएगा। इसके लिए 2 अक्टूबर को ग्राम सभा आयोजित की जाएगी। ग्राम सभा में ग्रामीणों की प्राथमिकताओं और पंचायत की वास्तविक जरूरतों पर चर्चा होगी। इसके बाद जिन योजनाओं पर सहमति बनेगी, उन्हें ग्राम पंचायत की विकास योजना में शामिल कर क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह पहल वीबी-जी राम जी योजना के तहत की जा रही है। योजना के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर स्थानीय जरूरतों और ग्राम सभा की अनुशंसा के आधार पर विकास कार्यों का चयन किया जाना है। इससे पंचायतों में ऐसे कार्यों को प्राथमिकता देने की कोशिश होगी, जिनका सीधे ग्रामीणों को लाभ मिले। ग्राम सभा में ग्रामीण अपने गांव की जरूरत के अनुसार योजनाओं को प्राथमिकता दे सकेंगे। योजना के तहत जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्रमुखता दी गई है। इसमें तालाब का निर्माण व जीर्णोद्धार, चेकडैम, रिचार्ज पिट, सिंचाई नहर और जल संचयन जैसे कार्य शामिल हैं। इसके अलावा ग्रामीण आधारभूत संरचना से जुड़े काम भी कराए जा सकेंगे। इनमें ग्रामीण सड़क, पुलिया, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल की आधारभूत संरचना, खेल मैदान, सामुदायिक सुविधाएं, स्वच्छता और कचरा प्रबंधन जैसी योजनाएं शामिल हैं।कृषि और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने वाली योजनाओं को भी ग्राम सभा में प्राथमिकता के आधार पर चुना जा सकता है। इसमें कृषि उत्पाद भंडारण, ग्रामीण हाट, कोल्ड स्टोरेज, वर्मी कंपोस्ट, पशुपालन और मत्स्य पालन से जुड़ी आधारभूत संरचनाएं शामिल हैं। योजना के तहत 125 दिनों के रोजगार का भी है प्रावधान बिहार में वीबी-जी राम जी योजना 1 जुलाई 2026 से लागू की गई है। इसके तहत ग्रामीण परिवारों के लिए साल में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी का प्रावधान बताया गया है। योजना में रोजगार के साथ गांव में स्थायी परिसंपत्तियां तैयार करने पर भी जोर दिया गया है। ग्राम सभा में चुनी गई योजनाओं के क्रियान्वयन से जहां ग्रामीण क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने का लक्ष्य है, वहीं स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराने की कोशिश होगी। 2 अक्टूबर की ग्राम सभा के बाद पंचायत स्तर पर चयनित योजनाओं को विकास योजना में शामिल कर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे गांव के लोगों की जरूरत के अनुसार योजनाओं को प्राथमिकता देने का रास्ता साफ होगा। सिटी रिपोर्टर | समस्तीपुर जिले की पंचायतों में अब गांव की जरूरत के हिसाब से विकास योजनाओं का चयन किया जाएगा। इसके लिए 2 अक्टूबर को ग्राम सभा आयोजित की जाएगी। ग्राम सभा में ग्रामीणों की प्राथमिकताओं और पंचायत की वास्तविक जरूरतों पर चर्चा होगी। इसके बाद जिन योजनाओं पर सहमति बनेगी, उन्हें ग्राम पंचायत की विकास योजना में शामिल कर क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह पहल वीबी-जी राम जी योजना के तहत की जा रही है। योजना के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर स्थानीय जरूरतों और ग्राम सभा की अनुशंसा के आधार पर विकास कार्यों का चयन किया जाना है। इससे पंचायतों में ऐसे कार्यों को प्राथमिकता देने की कोशिश होगी, जिनका सीधे ग्रामीणों को लाभ मिले। ग्राम सभा में ग्रामीण अपने गांव की जरूरत के अनुसार योजनाओं को प्राथमिकता दे सकेंगे। योजना के तहत जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्रमुखता दी गई है। इसमें तालाब का निर्माण व जीर्णोद्धार, चेकडैम, रिचार्ज पिट, सिंचाई नहर और जल संचयन जैसे कार्य शामिल हैं। इसके अलावा ग्रामीण आधारभूत संरचना से जुड़े काम भी कराए जा सकेंगे। इनमें ग्रामीण सड़क, पुलिया, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल की आधारभूत संरचना, खेल मैदान, सामुदायिक सुविधाएं, स्वच्छता और कचरा प्रबंधन जैसी योजनाएं शामिल हैं।कृषि और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने वाली योजनाओं को भी ग्राम सभा में प्राथमिकता के आधार पर चुना जा सकता है। इसमें कृषि उत्पाद भंडारण, ग्रामीण हाट, कोल्ड स्टोरेज, वर्मी कंपोस्ट, पशुपालन और मत्स्य पालन से जुड़ी आधारभूत संरचनाएं शामिल हैं। योजना के तहत 125 दिनों के रोजगार का भी है प्रावधान बिहार में वीबी-जी राम जी योजना 1 जुलाई 2026 से लागू की गई है। इसके तहत ग्रामीण परिवारों के लिए साल में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी का प्रावधान बताया गया है। योजना में रोजगार के साथ गांव में स्थायी परिसंपत्तियां तैयार करने पर भी जोर दिया गया है। ग्राम सभा में चुनी गई योजनाओं के क्रियान्वयन से जहां ग्रामीण क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने का लक्ष्य है, वहीं स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराने की कोशिश होगी। 2 अक्टूबर की ग्राम सभा के बाद पंचायत स्तर पर चयनित योजनाओं को विकास योजना में शामिल कर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे गांव के लोगों की जरूरत के अनुसार योजनाओं को प्राथमिकता देने का रास्ता साफ होगा।

