CEC Gyanesh Kumar पर महाभियोग प्रस्ताव का समर्थन करेगी AAP, INDIA गठबंधन की बैठक से बनाई दूरी

CEC Gyanesh Kumar पर महाभियोग प्रस्ताव का समर्थन करेगी AAP, INDIA गठबंधन की बैठक से बनाई दूरी

आम आदमी पार्टी (AAP) ने घोषणा की है कि वह दिल्ली में बुधवार को होने वाली INDIA ब्लॉक की बैठक में शामिल नहीं होगी। इस बैठक का मकसद चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना है। INDIA ब्लॉक की इस बैठक में चुनाव में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ़ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन पर विचार किया जाना है। हालांकि, AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि पार्टी इसके बजाय संसद में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ़ महाभियोग प्रस्ताव का समर्थन करेगी।

इसे भी पढ़ें: हेड कॉन्स्टेबल से मारपीट पर एक्शन, AAP नेता Saurabh Bharadwaj और Jarnail Singh पर FIR दर्ज

सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी पहले ही साफ़ कर चुकी है कि हम INDIA गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं, इसलिए ऐसी बैठक में शामिल होने का कोई मतलब नहीं है।” उन्होंने आगे कहा, “जहां तक ​​मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर महाभियोग का सवाल है, हम पहले ही उस पर हस्ताक्षर कर चुके हैं। अगर संसद में ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ महाभियोग प्रस्ताव लाया जाता है और कोई कार्रवाई होती है, तो हम सभी विपक्षी दलों के साथ मिलकर यह लड़ाई लड़ेंगे।

समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव के भी विपक्षी बैठक से दूरी बनाने की खबरों पर सिंह ने कांग्रेस पार्टी की आलोचना की और उस पर उत्तर प्रदेश में यादव और समाजवादी पार्टी के लिए मुश्किलें पैदा करने का आरोप लगाया। सिंह ने कहा कि हम देख रहे हैं कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव को कैसे परेशान कर रही है। आज हमने सुना कि कांग्रेस 150 सीटें चाहती है। कभी वे कहते हैं कि वे सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे; तो कभी कहते हैं कि उन्हें 200 सीटें चाहिए। क्या वे बीजेपी से लड़ रहे हैं या समाजवादी पार्टी से? उनके बयानों से ऐसा लगता है जैसे वे समाजवादी पार्टी से ही लड़ रहे हों।

इसे भी पढ़ें: Saurabh Bharadwaj पहुंचे Vikaspuri थाना, मंत्री Parvesh Sahib Singh पर केस दर्ज करने की मांग

यह राजनीतिक विवाद ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक खोजी रिपोर्ट के बाद और बढ़ गया। इस रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों के दौरान ‘स्टेटवाइड इंटर-रजिस्ट्रेशन’ (SIR) प्रक्रिया से जुड़े फैसलों और तौर-तरीकों पर कम से कम 14 बार आपत्तियां जताई थीं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *