मुजफ्फरपुर में वार्ड नंबर 15 की पार्षद सह नगर निगम सशक्त स्थायी समिति की सदस्य गणिता देवी के बेटे गौरव कुमार को फोन पर जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक अज्ञात व्यक्ति ने सिकंदरपुर थाने का अधिकारी बनकर गौरव को कॉल किया और धमकी दी। घटना के बाद गौरव ने सिकंदरपुर थाने में लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की। इसके बाद वह अपनी मां और परिवार के साथ सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी से भी मिले और पूरे मामले की जानकारी दी। ‘तुम्हारा समय नजदीक है, जल्द भगवान के पास जाने वाले हो’ गौरव कुमार के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 11:27 बजे उनके आधिकारिक मोबाइल नंबर पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को ‘राकेश मोहन’ बताते हुए थाना से बोलने की बात कही। गौरव ने बताया कि उन्होंने फोन करने वाले को प्रणाम किया तो दूसरी तरफ से कहा गया कि ‘तुम खूब मारपीट करते हो, तुम्हारा समय नजदीक है और जल्दी भगवान के पास जाने वाले हो।’ गौरव के मुताबिक, उन्हें आवाज सिकंदरपुर थाने के अधिकारी की नहीं लगी। इसके बाद उन्होंने फोन काट दिया। गौरव ने बताया कि कॉल करीब 51 सेकेंड तक चली। फोन काटने के बाद उन्होंने उसी नंबर पर दो बार कॉल बैक किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ। उनके अनुसार, जिस नंबर से कॉल आया, वह उत्तर प्रदेश का नंबर था। थाने में आवेदन, पुलिस जांच में जुटी घटना के बाद गौरव कुमार ने करीब 1:55 बजे सिकंदरपुर थाने में लिखित आवेदन दिया। आवेदन में कॉल करने वाले व्यक्ति द्वारा खुद को पुलिस अधिकारी बताने और जान से मारने की धमकी देने की पूरी जानकारी दी गई है। गौरव के अनुसार, उनका आधिकारिक मोबाइल नंबर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि परिवार के लोग घटना के बाद डरे हुए हैं। उन्होंने किसी के साथ व्यक्तिगत विवाद नहीं होने की बात कही और आशंका जताई कि हाल में सब्जी विक्रेता से जुड़ी एक घटना को लेकर किसी आपसी रंजिश के कारण उन्हें निशाना बनाने की कोशिश की जा रही हो सकती है। पार्षद परिवार ने सिटी एसपी से की मुलाकात मामले की जानकारी मिलने के बाद वार्ड पार्षद गणिता देवी अपने पति और बेटे गौरव कुमार के साथ सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी से मिलने पहुंचीं। परिवार ने सिटी एसपी को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान कर कार्रवाई की मांग की। पुलिस आवेदन के आधार पर मामले की जांच कर रही है। कॉल करने वाले व्यक्ति ने वास्तव में पुलिस अधिकारी के नाम का इस्तेमाल किया था या नहीं, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा। पुलिस कॉल करने वाले नंबर और घटना से जुड़े अन्य बिंदुओं की भी जांच कर रही है। मुजफ्फरपुर में वार्ड नंबर 15 की पार्षद सह नगर निगम सशक्त स्थायी समिति की सदस्य गणिता देवी के बेटे गौरव कुमार को फोन पर जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक अज्ञात व्यक्ति ने सिकंदरपुर थाने का अधिकारी बनकर गौरव को कॉल किया और धमकी दी। घटना के बाद गौरव ने सिकंदरपुर थाने में लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की। इसके बाद वह अपनी मां और परिवार के साथ सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी से भी मिले और पूरे मामले की जानकारी दी। ‘तुम्हारा समय नजदीक है, जल्द भगवान के पास जाने वाले हो’ गौरव कुमार के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 11:27 बजे उनके आधिकारिक मोबाइल नंबर पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को ‘राकेश मोहन’ बताते हुए थाना से बोलने की बात कही। गौरव ने बताया कि उन्होंने फोन करने वाले को प्रणाम किया तो दूसरी तरफ से कहा गया कि ‘तुम खूब मारपीट करते हो, तुम्हारा समय नजदीक है और जल्दी भगवान के पास जाने वाले हो।’ गौरव के मुताबिक, उन्हें आवाज सिकंदरपुर थाने के अधिकारी की नहीं लगी। इसके बाद उन्होंने फोन काट दिया। गौरव ने बताया कि कॉल करीब 51 सेकेंड तक चली। फोन काटने के बाद उन्होंने उसी नंबर पर दो बार कॉल बैक किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ। उनके अनुसार, जिस नंबर से कॉल आया, वह उत्तर प्रदेश का नंबर था। थाने में आवेदन, पुलिस जांच में जुटी घटना के बाद गौरव कुमार ने करीब 1:55 बजे सिकंदरपुर थाने में लिखित आवेदन दिया। आवेदन में कॉल करने वाले व्यक्ति द्वारा खुद को पुलिस अधिकारी बताने और जान से मारने की धमकी देने की पूरी जानकारी दी गई है। गौरव के अनुसार, उनका आधिकारिक मोबाइल नंबर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि परिवार के लोग घटना के बाद डरे हुए हैं। उन्होंने किसी के साथ व्यक्तिगत विवाद नहीं होने की बात कही और आशंका जताई कि हाल में सब्जी विक्रेता से जुड़ी एक घटना को लेकर किसी आपसी रंजिश के कारण उन्हें निशाना बनाने की कोशिश की जा रही हो सकती है। पार्षद परिवार ने सिटी एसपी से की मुलाकात मामले की जानकारी मिलने के बाद वार्ड पार्षद गणिता देवी अपने पति और बेटे गौरव कुमार के साथ सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी से मिलने पहुंचीं। परिवार ने सिटी एसपी को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान कर कार्रवाई की मांग की। पुलिस आवेदन के आधार पर मामले की जांच कर रही है। कॉल करने वाले व्यक्ति ने वास्तव में पुलिस अधिकारी के नाम का इस्तेमाल किया था या नहीं, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा। पुलिस कॉल करने वाले नंबर और घटना से जुड़े अन्य बिंदुओं की भी जांच कर रही है।

