एआई और गूगल ट्रांसलेट से भाषा की बाधा दूर:पितृपक्ष मेला में श्रद्धालुओं की मदद कर रहे पुलिसकर्मी; सुरक्षा के लिए 6 हजार जवान तैनात

एआई और गूगल ट्रांसलेट से भाषा की बाधा दूर:पितृपक्ष मेला में श्रद्धालुओं की मदद कर रहे पुलिसकर्मी; सुरक्षा के लिए 6 हजार जवान तैनात

गयाजी प्रशासन पितृपक्ष मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए पूरी मुस्तैदी से जुटा हुआ है। इस बार मेले में भाषाई समस्या को दूर करने के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। मेले में देश के अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक और श्रद्धालु आ रहे हैं। ​गूगल ट्रांसलेट और एआई की मदद देव घाट का निरीक्षण के बाद सिटी एसपी अभिनव कुमार ने कहा कि भाषा की समस्या से निपटने के लिए पुलिस अधिकारियों को गूगल ट्रांसलेट और एआई टूल्स का उपयोग करने के लिए ब्रीफ किया गया है। पुलिसकर्मी अब बंगाली, तेलुगु और तमिल जैसी भाषाओं में आसानी से बात कर श्रद्धालुओं की मदद कर रहे हैं। भाषा की मदद से खोए हुए लोगों और गुम हुए सामान को खोजने में बड़ी सफलता मिल रही है। ​375 पॉइंट्स पर 6 हजार से ज्यादा जवान तैनात ​मेले के 375 महत्वपूर्ण स्थलों पर पुलिस अधिकारियों और दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। ​मेले में 6,000 से अधिक पुलिस बल तैनात हैं। ​वरिष्ठ अधिकारी लगातार गश्त कर श्रद्धालुओं से सीधे समस्याएं पूछ रहे हैं और उनका तुरंत समाधान कर रहे हैं। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की तुरंत पहचान कर उससे पूछताछ की जा रही है। सुरक्षित पार्किंग के लिए पुलिस की अपील वाहनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केवल तय पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करने की अपील की गई है।​ भसुंडा, केंदुई और सीताकुंड जैसे पार्किंग स्थलों पर पर्याप्त सुरक्षा बल और सीसीटीवी कैमरे उपलब्ध हैं। ​बाईपास या तंग गलियों में गाड़ियां खड़ी करने से चोरी की आशंका बढ़ जाती है। यही नहीं ​अवैध पार्किंग रोकने के लिए दो क्यूआरटी (QRT) टीमें माइकिंग कर रही हैं और जुर्माना भी लगाया जा रहा है। गयाजी प्रशासन पितृपक्ष मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए पूरी मुस्तैदी से जुटा हुआ है। इस बार मेले में भाषाई समस्या को दूर करने के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। मेले में देश के अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक और श्रद्धालु आ रहे हैं। ​गूगल ट्रांसलेट और एआई की मदद देव घाट का निरीक्षण के बाद सिटी एसपी अभिनव कुमार ने कहा कि भाषा की समस्या से निपटने के लिए पुलिस अधिकारियों को गूगल ट्रांसलेट और एआई टूल्स का उपयोग करने के लिए ब्रीफ किया गया है। पुलिसकर्मी अब बंगाली, तेलुगु और तमिल जैसी भाषाओं में आसानी से बात कर श्रद्धालुओं की मदद कर रहे हैं। भाषा की मदद से खोए हुए लोगों और गुम हुए सामान को खोजने में बड़ी सफलता मिल रही है। ​375 पॉइंट्स पर 6 हजार से ज्यादा जवान तैनात ​मेले के 375 महत्वपूर्ण स्थलों पर पुलिस अधिकारियों और दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। ​मेले में 6,000 से अधिक पुलिस बल तैनात हैं। ​वरिष्ठ अधिकारी लगातार गश्त कर श्रद्धालुओं से सीधे समस्याएं पूछ रहे हैं और उनका तुरंत समाधान कर रहे हैं। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की तुरंत पहचान कर उससे पूछताछ की जा रही है। सुरक्षित पार्किंग के लिए पुलिस की अपील वाहनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केवल तय पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करने की अपील की गई है।​ भसुंडा, केंदुई और सीताकुंड जैसे पार्किंग स्थलों पर पर्याप्त सुरक्षा बल और सीसीटीवी कैमरे उपलब्ध हैं। ​बाईपास या तंग गलियों में गाड़ियां खड़ी करने से चोरी की आशंका बढ़ जाती है। यही नहीं ​अवैध पार्किंग रोकने के लिए दो क्यूआरटी (QRT) टीमें माइकिंग कर रही हैं और जुर्माना भी लगाया जा रहा है।  

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