धनबाद में हाथियों ने पारा शिक्षक को कुचला, मौत:दो महीने से घूम रहा झुंड; वन विभाग पर लापरवाही का आरोप, ग्रामीण मुआवजे पर अड़े

धनबाद में हाथियों ने पारा शिक्षक को कुचला, मौत:दो महीने से घूम रहा झुंड; वन विभाग पर लापरवाही का आरोप, ग्रामीण मुआवजे पर अड़े

धनबाद के टुंडी प्रखंड की जांताखूंटी पंचायत के गुलियाडीह गांव में मंगलवार तड़के जंगली हाथियों ने एक पारा शिक्षक को कुचलकर मार डाला। मृतक की पहचान 51 वर्षीय ग्रीजा मुर्मू के रूप में हुई है। वे नया प्राथमिक विद्यालय गुलियाडीह में सहायक शिक्षक के रूप में कार्यरत थे। हाथियों के हमले में ग्रीजा मुर्मू की मौके पर ही मौत हो गई। हाथियों के कारण लगातार फसलों को नुकसान पहुंच रहा घटना की जानकारी मिलते ही गांव में मातम पसर गया। वहीं, ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले करीब दो महीने से इलाके में हाथियों का झुंड घूम रहा है। हाथियों के कारण लगातार फसलों को नुकसान पहुंच रहा है और आबादी वाले इलाकों में भी खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के खतरे की जानकारी होने के बावजूद उन्हें आबादी वाले क्षेत्र से दूर करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था करने की मांग घटना के बाद मंगलवार सुबह तक प्रशासनिक अधिकारियों के मौके पर नहीं पहुंचने को लेकर भी ग्रामीणों में नाराजगी रही। ग्रामीणों ने डीएफओ को मौके पर बुलाने की मांग की। साथ ही मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने और क्षेत्र में हाथियों से सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था करने की मांग की। हाथियों को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर करने की भी मांग आक्रोशित ग्रामीणों ने कहा कि जब तक डीएफओ मौके पर नहीं पहुंचते और मुआवजे व सुरक्षा को लेकर ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक शव नहीं उठाया जाएगा। ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों के झुंड को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर करने की भी मांग की है। हाथियों के हमले में पारा शिक्षक की मौत के बाद पूरे इलाके में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते हाथियों के खतरे से निपटने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में भी ऐसी घटनाएं हो सकती हैं। धनबाद के टुंडी प्रखंड की जांताखूंटी पंचायत के गुलियाडीह गांव में मंगलवार तड़के जंगली हाथियों ने एक पारा शिक्षक को कुचलकर मार डाला। मृतक की पहचान 51 वर्षीय ग्रीजा मुर्मू के रूप में हुई है। वे नया प्राथमिक विद्यालय गुलियाडीह में सहायक शिक्षक के रूप में कार्यरत थे। हाथियों के हमले में ग्रीजा मुर्मू की मौके पर ही मौत हो गई। हाथियों के कारण लगातार फसलों को नुकसान पहुंच रहा घटना की जानकारी मिलते ही गांव में मातम पसर गया। वहीं, ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले करीब दो महीने से इलाके में हाथियों का झुंड घूम रहा है। हाथियों के कारण लगातार फसलों को नुकसान पहुंच रहा है और आबादी वाले इलाकों में भी खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के खतरे की जानकारी होने के बावजूद उन्हें आबादी वाले क्षेत्र से दूर करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था करने की मांग घटना के बाद मंगलवार सुबह तक प्रशासनिक अधिकारियों के मौके पर नहीं पहुंचने को लेकर भी ग्रामीणों में नाराजगी रही। ग्रामीणों ने डीएफओ को मौके पर बुलाने की मांग की। साथ ही मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने और क्षेत्र में हाथियों से सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था करने की मांग की। हाथियों को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर करने की भी मांग आक्रोशित ग्रामीणों ने कहा कि जब तक डीएफओ मौके पर नहीं पहुंचते और मुआवजे व सुरक्षा को लेकर ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक शव नहीं उठाया जाएगा। ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों के झुंड को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर करने की भी मांग की है। हाथियों के हमले में पारा शिक्षक की मौत के बाद पूरे इलाके में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते हाथियों के खतरे से निपटने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में भी ऐसी घटनाएं हो सकती हैं।  

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