संभल में तहसील क्षेत्र के गांव मंडलाई स्थित करीब 350 वर्ष पुराने श्री अर्धनारीश्वर महाकाल मंदिर की भूमि पर अवैध कब्जे के प्रयास का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों और महर्षि भगवान वाल्मीकि महासभा के पदाधिकारियों ने सोमवार को 1 बजे सदर तहसील पहुंचकर एसडीएम विकास चन्द्र को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मंदिर परिसर की भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने और पैमाइश संबंधी आदेश को निरस्त करने की मांग की। महासभा के पदाधिकारियों ने बताया कि मंडलाई गांव में स्थित श्री अर्धनारीश्वर महाकाल मंदिर प्राचीन धार्मिक स्थल है। यहां लंबे समय से विभिन्न हिंदू समाज के लोग पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान करते आ रहे हैं। उनके अनुसार मंदिर परिसर की भूमि चारों ओर से दीवार से घिरी हुई है और ग्रामीण मिलकर इसकी देखरेख करते हैं। मंदिर परिसर की भूमि पर कब्जा करने का प्रयास ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कुछ लोग निजी स्वार्थ के चलते मंदिर परिसर की भूमि पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। पदाधिकारियों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर गलत जानकारी देकर मंदिर की भूमि को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई कराने की कोशिश की जा रही है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है। महासभा ने मंदिर को वाल्मीकि समाज का क्षेत्र में प्रमुख धार्मिक स्थल बताते हुए कहा कि यहां होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों में सभी हिंदू समाज के लोग शामिल होते हैं। ग्रामीणों और महासभा के पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांग की कि मंदिर परिसर की भूमि पर किसी प्रकार का कब्जा या नया निर्माण न होने दिया जाए। उन्होंने पैमाइश संबंधी आदेश को निरस्त कर भूमि पर पूर्व की स्थिति बनाए रखने की मांग की। साथ ही मामले की जांच कर मंदिर परिसर की भूमि को लेकर किसी भी पक्ष के हित में आदेश जारी न करने का आग्रह किया। ज्ञापन देने वालों में नरेंद्र कुमार, महेंद्र कुमार, प्रेम सिंह, बबलू कुमार, मनवीर कुमार, डोरी लाल, राजपाल, जोगेंद्र सिंह और विक्रम सिंह आदि शामिल रहे।

