Maharashtra Politics: स्वीडन की संसद में सांसद चुनी गईं नीला विखे पाटील और महाराष्ट्र के मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील तथा पूर्व सांसद सुजय विखे पाटील के बीच राजनीतिक और पारिवारिक बयानबाजी जारी है। नीला विखे ने हाल ही में आरोप लगाया था कि पिछले करीब एक दशक से जिन लोगों से उनका कोई संपर्क नहीं रहा, वे उनके राजनीतिक सफर की सफलता का श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं। 41 वर्षीय नीला ने यह भी कहा था कि उनकी राजनीति चाचा से अलग है। उन्होंने कहा, “मैं अपनी पार्टी कभी नहीं बदलूंगी। उन्होंने पार्टी बदली है।” अब बीजेपी के वरिष्ठ नेता राधाकृष्ण विखे पाटील के बेटे सुजय ने इन आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा है कि उन्होंने अपनी चचेरी बहन नीला विखे की जीत का श्रेय लेने की कोशिश नहीं की। वह सिर्फ उनकी सफलता पर खुशी व्यक्त कर रहे थे, जो कि उनके संस्कार है।
स्वीडिश संसद के लिए हाल ही में निर्वाचित नीला विखे पाटील ने इस बात पर हैरानी जताई है कि महाराष्ट्र के उनके मंत्री चाचा और चचेरे भाई उनकी राजनीतिक सफलता का श्रेय ले रहे हैं। अलग हो चुके उनके चाचा महाराष्ट्र के मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील और चचेरा भाई लोकसभा के पूर्व सदस्य सुजय विखे पाटील हैं। नीला, राधाकृष्ण के बड़े भाई और शिक्षाविद् डॉ. अशोक विखे पाटिल की बेटी हैं।
सुजय विखे ने मीडिया से बातचीत में कहा कि महाराष्ट्र में इस समय सूखे और अन्य कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन उनके परिवार के निजी मामले को लेकर इतनी चर्चा होना उनके लिए हैरानी की बात है। उन्होंने कहा कि नीला विखे के स्वीडन की संसद के लिए चुने जाने की जानकारी उन्हें पहले नहीं थी। जब पत्रकारों ने उनसे इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया पूछी तो उन्होंने केवल इतना कहा कि परिवार का कोई सदस्य सांसद बना है तो उन्हें खुशी है।
‘श्रेय लेने का सवाल ही कहां से आया?’
सुजय विखे ने कहा कि कार्यकर्ताओं के सामने भाषण के दौरान उन्होंने बात को एक अलग संदर्भ में रखा था। उन्होंने कहा, “मैंने बस इतना कहा था कि भारत में भले ही एक विखे पाटिल चुनाव हार गए हों, लेकिन विदेश में एक विखे पाटिल सांसद बन गईं। नीला अपनी काबिलियत पर वहां काम कर रही हैं और हम अपनी मेहनत से यहां काम कर रहे हैं। इसमें किसी का श्रेय लेने का सवाल ही पैदा नहीं होता।”
बता दें कि भाजपा नेता सुजय विखे 2024 के लोकसभा चुनाव में अहिल्यानगर लोकसभा सीट से शरद पवार नीत एनसीपी (एसपी) के निलेश लंके से हार गए थे।
‘परिवार में संपर्क न हो, फिर भी खुशी व्यक्त करना संस्कार है’
सुजय विखे ने कहा कि भले ही परिवार के सदस्यों के बीच वर्तमान में संपर्क न हो, लेकिन परिवार का कोई व्यक्ति बड़ी उपलब्धि हासिल करता है तो उसके लिए अच्छी भावना व्यक्त करना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि यह संस्कार उन्हें बालासाहेब विखे पाटील से मिला है और वे उसी का पालन कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एक पारिवारिक विषय को इतना बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाया जाना और उस पर लगातार बात करना सही नहीं है। इस मुद्दे को यहीं रोक देना चाहिए।
‘क्या हमने फ्लेक्स लगाए या सार्वजनिक सत्कार किया?’
नीला विखे के आरोपों पर जवाब देते हुए सुजय विखे ने कहा कि उन्होंने नीला के सांसद चुने जाने की जानकारी देने के लिए कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की। उन्होंने सवाल किया कि क्या उन्होंने इस मौके पर पटाखे फोड़े, फ्लेक्स बोर्ड लगाए या नीला विखे का कोई सार्वजनिक सत्कार आयोजित किया था? ऐसा कुछ भी नहीं किया गया।
नीला 13 सितंबर को हुए राष्ट्रीय चुनाव में स्टॉकहोम सिटी निर्वाचन क्षेत्र से 349-सदस्यीय संसद के लिए निर्वाचित हुई हैं। वह ग्रीन पार्टी की प्रमुख सदस्य हैं।
राधाकृष्ण विखे पाटिल 2019 में बीजेपी में शामिल हुए थे। इससे पहले वह कांग्रेस और शिवसेना में रह चुके हैं। कांग्रेस में रहते हुए उन्होंने कैबिनेट मंत्री के साथ-साथ महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में भी काम किया था।

