फरीदाबाद के फतेहपुर तगा गांव में पांच नकाबपोश बदमाशों ने पूर्व सरपंच अब्दुल कदीम के घर करीब 1 करोड़ 5 लाख रुपए की डकैती की। शुक्रवार रात करीब 2:10 बजे बदमाश हथियार लेकर घर में घुसे और अब्दुल की कनपटी पर पिस्टल लगाकर पूछा- ‘माल कहां रखा है?’ अब्दुल ने कहा कि कौन सा माल? इस पर बदमाशों ने जमीन के मिले 25 करोड़ के बारे में पूछा। इसके बाद बदमाशों ने कमरे की चाबी मांगी। चाबी नहीं मिली तो रॉड से कमरे का ताला तोड़ा, अब्दुल को बांधकर अलमारी और बेड में रखे 1.05 करोड़ रुपए निकाल लिए। करीब 30 मिनट में वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश उनके पैर बांधकर उन्हें कमरे में छोड़कर भाग गए। अब्दुल के मुताबिक, घर में रखी इस रकम के बारे में किसी को जानकारी नहीं थी। बदमाशों के बातचीत करने के तरीके से उन्हें लगा कि वे यूपी-बिहार के रहने वाले हैं। दो दिन पहले ही नए घर में शिफ्ट किए थे रुपए अब्दुल कदीम पेशे से किसान हैं और पिछले कुछ सालों से प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट करने का काम कर रहे हैं। करीब 10 महीने पहले उन्होंने अपने भाई हारिश और अरसद के साथ मिलकर कुरैशीपुर में अपनी पौने 2 एकड़ जमीन 7.5 करोड़ रुपए में बेची थी। अब्दुल ने अपने हिस्से के पैसों में से करीब ढाई करोड़ रुपए में नूंह में जमीन खरीद ली थी। घर से लूटी गई रकम में उनके बड़े भाई हारिश के भी 60 लाख रुपए थे। यह रकम भी वारदात से दो दिन पहले ही पुराने मकान से नए घर में शिफ्ट की गई थी। पैसे अलमारी और बेड के अंदर रखे गए थे। अब्दुल ने करीब 4 महीने पहले 100 गज का प्लॉट खरीदा था। इसमें पहले से एक कमरा और बाथरूम बना हुआ था। इसके बाद उन्होंने दूसरा कमरा बनवाया। अब्दुल ने वारदात से दो दिन पहले ही इस दो कमरों के नए घर में गृह प्रवेश किया था। रात 11 बजे नए घर में सोने आए थे शुक्रवार रात करीब 11 बजे अब्दुल पुराने मकान से नए घर में सोने के लिए आए थे। वह घर में अकेले थे। परिवार के बाकी सदस्य कुछ ही दूरी पर स्थित पुराने मकान में थे। रात करीब 2:10 बजे पांच नकाबपोश बदमाश हथियारों के साथ घर में घुस आए। उन्होंने अब्दुल की कनपटी पर पिस्टल लगाई और रुपयों के बारे में पूछताछ शुरू कर दी। अब अब्दुल और बदमाश के बीच हुई बातचीत पढ़िए.. बदमाश: उठ जा, बहुत सो लिया।
अब्दुल: कौन है… कौन है? बदमाश: माल कहां रखा है?
अब्दुल: कौन सा माल? कहां रखा है? बदमाश: 25 करोड़ रुपए की जमीन बेची है तुमने। वो पैसा कहां रखा है?
अब्दुल: मैंने तो आज तक 25 करोड़ रुपए देखे भी नहीं। बदमाश: ज्यादा चालाक मत बन। चाबी बता, कहां है?
अब्दुल: किसकी चाबी? बदमाश: इस कमरे की, जिसमें माल रखा है।
अब्दुल: मेरे पास कोई चाबी नहीं है। बदमाश: है तेरे पास ही, चुपचाप दे दे। डंडे की तरफ हाथ बढ़ाया तो दो बदमाशों ने पिस्टल तानी अब्दुल ने बताया कि बातचीत के दौरान उन्होंने कमरे के कोने में रखे डंडे की तरफ हाथ बढ़ाया। यह देखते ही बदमाशों ने उन्हें रोक दिया। दो बदमाशों ने उनकी कनपटी और छाती पर पिस्टल तान दी। चाबी नहीं मिलने पर एक बदमाश बरामदे में खंभे के पास खड़ा हो गया। दो बदमाशों ने पास पड़े कपड़े से अब्दुल का मुंह बांध दिया और उनके हाथ भी बांध दिए। इसके बाद दो बदमाशों ने रॉड से कमरे के मेन गेट का ताला तोड़ दिया। अलमारी का लॉक तोड़ा, बेड के अंदर से भी निकाले रुपए कमरे में घुसने के बाद बदमाशों ने अलमारी का लॉक भी तोड़ दिया। अब्दुल को बंधक बनाकर खाट पर लिटा दिया गया। इसके बाद बदमाशों ने अलमारी और बेड में रखी रकम निकाली। बदमाशों ने अलमारी से 3.80 लाख रुपए निकाले। इसके बाद बेड के अंदर कट्टे में रखे 65 लाख रुपए और बैग में रखे 36 लाख रुपए भी निकाल लिए। पूरी रकम को एक बोरे में भर लिया गया। बदमाशों ने करीब 30 मिनट में पूरी वारदात को अंजाम दिया। बदमाश घर से केवल नकदी लेकर गए। अलमारी में रखी करीब आधा किलो चांदी उन्होंने नहीं ली। पैर बांधे, कमरे में छोड़कर भागे रकम लेकर जाने से पहले बदमाशों ने अब्दुल के पैर भी बांध दिए और उन्हें कमरे में छोड़कर भाग गए। करीब 5 मिनट बाद किसी तरह उनके पैरों में बंधा कपड़ा खिसक गया। इसके बाद हाथ बंधे होने के बावजूद अब्दुल कमरे से बाहर निकले और छत पर चढ़कर शोर मचाया। आवाज सुनकर उनका भतीजा मौके पर पहुंचा। इसके बाद पुलिस को कॉल कर डकैती की सूचना दी गई। 2005 से 2010 तक गांव के सरपंच रहे अब्दुल अब्दुल कदीम 2005 से 2010 तक फतेहपुर तगा गांव के सरपंच रहे हैं। इससे पहले उनके भाई अरसद 2000 से 2005 तक गांव के सरपंच रहे थे। अब्दुल के भाई अरसद ने बताया कि यह मकान उन्होंने अपने बेटे के लिए बनवाया था। गांव में पहली बार हुई ऐसी वारदात धौज थाना पुलिस ने मामले में डकैती की धाराओं में केस दर्ज किया है। थाना प्रभारी अनिल के मुताबिक, गांव में पहली बार इस तरह की वारदात हुई है। गांव में सीसीटीवी कैमरे भी नहीं हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

