पटना में तेज बारिश के बाद शहर की जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल उठ गए हैं। LNJP अस्पताल परिसर, शास्त्रीनगर थाना और सिविल सर्जन कार्यालय में घुटने तक पानी भर गया। इससे मरीजों और उनके परिजनों को काफी दिक्कत हुई। LNJP अस्पताल का पूरा परिसर जलमग्न हो गया। मरीजों को एक्स-रे और अन्य जांच के लिए ट्रॉली से पानी के बीच ले जाना पड़ा। फिसलन के कारण गिरने का डर भी बना रहा। आजाद नगर, मनेर की नेहा देवी ने बताया कि एक्स-रे विभाग तक मरीज को ले जाने में परेशानी हो रही है। पटना की संगीता कुमारी ने कहा कि गंदे पानी से संक्रमण का खतरा है, खासकर घाव वाले मरीजों को। स्थानीय लोगों और कर्मचारियों के मुताबिक, मानसून में यह समस्या हर साल आती है। तेज बारिश के बाद पानी भर जाता है और निकासी न होने से देर तक जमा रहता है। शास्त्रीनगर थाना भी पानी में डूबा बारिश की वजह शास्त्रीनगर थाने में भी जलजमाव देखने को मिला थाना परिसर में पानी जमा होने से पुलिसकर्मियों के साथ-साथ शिकायत और अन्य काम से पहुंचने वाले लोगों को भी परेशानी हुई। जलजमाव के कारण थाने के अंदर और बाहर आने-जाने में लोगों को पानी के बीच से गुजरना पड़ा। सिविल सर्जन कार्यालय में घुटने तक पानी पटना के सिविल सर्जन कार्यालय की स्थिति भी बारिश के बाद खराब हो गई। कार्यालय परिसर में घुटने तक पानी जमा हो गया। कार्यालय में जलजमाव की समस्या से परेशान कर्मचारियों ने बताया कि हर बार बारिश अक्सर ये समस्या उत्पन्न हो जाती है। जल जमाव में भी कर्मचारियों को पानी के बीच से होकर कार्यालय पहुंचना पड़ता हैं। लंबे समय तक जलजमाव रहने के कारण कार्यालय के सामान्य कामकाज पर भी असर पड़ा। कर्मचारी बोले- तेज बारिश होते ही हर बार यही हाल सिविल सर्जन कार्यालय के कर्मचारी राहुल कुमार ने बताया कि बारिश के बाद परिसर में पानी भरना कोई नई बात नहीं है। तेज बारिश होते ही अक्सर पूरा परिसर जलमग्न हो जाता है। उन्होंने कहा कि हर बार कर्मचारियों और कार्यालय आने वाले लोगों को इसी परेशानी से गुजरना पड़ता है। कई बार बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहता है, जिससे आवाजाही प्रभावित होती है। बावजूद इसके समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में ठोस पहल नहीं हुई है। पटना में तेज बारिश के बाद शहर की जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल उठ गए हैं। LNJP अस्पताल परिसर, शास्त्रीनगर थाना और सिविल सर्जन कार्यालय में घुटने तक पानी भर गया। इससे मरीजों और उनके परिजनों को काफी दिक्कत हुई। LNJP अस्पताल का पूरा परिसर जलमग्न हो गया। मरीजों को एक्स-रे और अन्य जांच के लिए ट्रॉली से पानी के बीच ले जाना पड़ा। फिसलन के कारण गिरने का डर भी बना रहा। आजाद नगर, मनेर की नेहा देवी ने बताया कि एक्स-रे विभाग तक मरीज को ले जाने में परेशानी हो रही है। पटना की संगीता कुमारी ने कहा कि गंदे पानी से संक्रमण का खतरा है, खासकर घाव वाले मरीजों को। स्थानीय लोगों और कर्मचारियों के मुताबिक, मानसून में यह समस्या हर साल आती है। तेज बारिश के बाद पानी भर जाता है और निकासी न होने से देर तक जमा रहता है। शास्त्रीनगर थाना भी पानी में डूबा बारिश की वजह शास्त्रीनगर थाने में भी जलजमाव देखने को मिला थाना परिसर में पानी जमा होने से पुलिसकर्मियों के साथ-साथ शिकायत और अन्य काम से पहुंचने वाले लोगों को भी परेशानी हुई। जलजमाव के कारण थाने के अंदर और बाहर आने-जाने में लोगों को पानी के बीच से गुजरना पड़ा। सिविल सर्जन कार्यालय में घुटने तक पानी पटना के सिविल सर्जन कार्यालय की स्थिति भी बारिश के बाद खराब हो गई। कार्यालय परिसर में घुटने तक पानी जमा हो गया। कार्यालय में जलजमाव की समस्या से परेशान कर्मचारियों ने बताया कि हर बार बारिश अक्सर ये समस्या उत्पन्न हो जाती है। जल जमाव में भी कर्मचारियों को पानी के बीच से होकर कार्यालय पहुंचना पड़ता हैं। लंबे समय तक जलजमाव रहने के कारण कार्यालय के सामान्य कामकाज पर भी असर पड़ा। कर्मचारी बोले- तेज बारिश होते ही हर बार यही हाल सिविल सर्जन कार्यालय के कर्मचारी राहुल कुमार ने बताया कि बारिश के बाद परिसर में पानी भरना कोई नई बात नहीं है। तेज बारिश होते ही अक्सर पूरा परिसर जलमग्न हो जाता है। उन्होंने कहा कि हर बार कर्मचारियों और कार्यालय आने वाले लोगों को इसी परेशानी से गुजरना पड़ता है। कई बार बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहता है, जिससे आवाजाही प्रभावित होती है। बावजूद इसके समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में ठोस पहल नहीं हुई है।

