कटिहार में ध्वनि प्रदूषण रोकने और शांत यातायात माहौल बनाने के लिए हर रविवार ‘नो हॉर्न डे’ मनाया जाएगा। जिला परिवहन विभाग ने वाहन चालकों से बेवजह हॉर्न न बजाने को कहा है। जिला परिवहन पदाधिकारी डेजी रानी ने बताया कि बेवजह हॉर्न बजाने से ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है। इसका सेहत और शांति पर बुरा असर पड़ता है। इससे सुनने की शक्ति कम होने, नींद में परेशानी और तनाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बच्चों, बुजुर्गों और बीमारों को भी तेज आवाज से दिक्कत होती है। विभाग ने तय मानकों वाले हॉर्न इस्तेमाल करने को कहा है। बहुत तेज या नियमों के खिलाफ प्रेशर और मल्टी-टोन हॉर्न गलत हैं। ऐसे वाहनों और इन्हें बेचने वाली दुकानों पर कार्रवाई की जाएगी। डीटीओ डेजी रानी ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए इसे जिम्मेदार ड्राइविंग की आदत बनाने की कोशिश बताया है। कटिहार में ध्वनि प्रदूषण रोकने और शांत यातायात माहौल बनाने के लिए हर रविवार ‘नो हॉर्न डे’ मनाया जाएगा। जिला परिवहन विभाग ने वाहन चालकों से बेवजह हॉर्न न बजाने को कहा है। जिला परिवहन पदाधिकारी डेजी रानी ने बताया कि बेवजह हॉर्न बजाने से ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है। इसका सेहत और शांति पर बुरा असर पड़ता है। इससे सुनने की शक्ति कम होने, नींद में परेशानी और तनाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बच्चों, बुजुर्गों और बीमारों को भी तेज आवाज से दिक्कत होती है। विभाग ने तय मानकों वाले हॉर्न इस्तेमाल करने को कहा है। बहुत तेज या नियमों के खिलाफ प्रेशर और मल्टी-टोन हॉर्न गलत हैं। ऐसे वाहनों और इन्हें बेचने वाली दुकानों पर कार्रवाई की जाएगी। डीटीओ डेजी रानी ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए इसे जिम्मेदार ड्राइविंग की आदत बनाने की कोशिश बताया है।

