झांसी में करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले डॉक्टर वीरेंद्र सिंगरिया और उसकी पत्नी पूजा शर्मा को पुलिस ने पंजाब के मोहाली से गिरफ्तार किया है। दोनों ने पार्टनर बनाने का झांसा देकर रिटायर्ड स्टेशन मास्टर से 25 लाख रुपए की ठगी की थी।
इसके अलावा भी उनके खिलाफ ठगी के लगभग आधा दर्जन केस दर्ज हैं। दोनों लगभग दो साल से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहे थे। पुलिस ने डॉ. वीरेंद्र पर 25 हजार रुपए का इनाम रखा था। शुक्रवार को उनकी लोकेशन मिली। तब पुलिस ने दबिश देकर दोनों को मोहाली के सेक्टर-77 से अरेस्ट कर लिया। शनिवार को उनको झांसी लाया गया। आरोपी डॉ. वीरेंद्र सिंगरिया झांसी मेडिकल कॉलेज में ईएमओ रह चुका है। दो साल पहले दर्ज हुआ था केस उरई निवासी ओमप्रकाश वर्मा ने 3 अक्टूबर 2024 को नवाबाद थाने में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। ओमप्रकाश चिरगांव स्टेशन मास्टर पद से रिटायर्ड हुए थे। उनकी बहू पूजा ने लैब टेक्निशियन का कोर्स किया है। पूजा ने ही डाॅ. वीरेंद्र से ओमप्रकाश का परिचय कराया था। डाॅ. वीरेंद्र ने अपनी पत्नी पूजा के साथ मिलकर उनको पार्टनर बनाने के नाम पर 25 लाख रुपए ले लिए। शिवाजी नगर में विद्या हेल्थ केयर के नाम पर उसने कई लोगों से ठगी की थी। मामला दर्ज होने के बाद दोनों आरोपी झांसी से भाग निकले। सर्विलांस टीम भी उनको तलाश रही थी। लोकेशन मिलने पर नवाबाद थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव की अगुवाई में पुलिस टीम मोहाली पहुंच गई। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करके झांसी लाया गया। यहां उनसे पूछताछ की जा रही है। एसएसपी विकास कुमार के मुताबिक आरोपी चिकित्सक पर नवाबाद, कोतवाली, गुरसराय समेत उरई में भी धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मामले दर्ज हैं। सात मामलों में वांछित है डा. वीरेंद्र मेडिकल कॉलेज में करीब तीन साल पहले ईएमओ रहा डा. वीरेंद्र सात मामलों में वांछित है। उसके खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में मामले दर्ज कराए गए। उसके खिलाफ नवाबाद, कोतवाली, गुरसराय समेत उरई कोतवाली में कुल सात मामले दर्ज हैं। यह सभी मामले धोखाधड़ी, अमानत में खयानत, विश्वासघात समेत धमकाने के आरोप में दर्ज हैं। पुलिस को लगातार चकमा देने पर एसएसपी ने पिछले साल ही 25 हजार का इनाम भी घोषित कर रखा था।

