नगर निगम कर्मचारियों को सीधे पुलिस कार्यालय न बुलाया जाए:नगर आयुक्त ने पुलिस कमिश्नर को लिखा पत्र, शासनादेश का दिया हवाला

नगर निगम कर्मचारियों को सीधे पुलिस कार्यालय न बुलाया जाए:नगर आयुक्त ने पुलिस कमिश्नर को लिखा पत्र, शासनादेश का दिया हवाला

कानपुर नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को शिकायतों की जांच के नाम पर सीधे पुलिस कार्यालय बुलाने को लेकर नगर आयुक्त ने पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखा है। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि अप्रमाणित या असत्यापित शिकायतों के आधार पर नगर निगम के किसी अधिकारी-कर्मचारी को सीधे पुलिस कार्यालय न बुलाया जाए और न ही बयान दर्ज किए जाएं। शिकायत होने पर पहले नगर निगम प्रशासन को इसकी जानकारी देकर तथ्य और साक्ष्य उपलब्ध कराने होंगे। शासनादेश व न्यायालय के आदेशों का हवाला नगर आयुक्त ने पत्र में शासनादेश और उच्च न्यायालय के आदेशों का हवाला देते हुए कहा है कि नगर निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों से संबंधित शिकायतों की जांच में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाए। किसी भी शिकायत को पहले संबंधित विभाग यानी नगर निगम प्रशासन के संज्ञान में लाया जाए, ताकि मामले का विभागीय स्तर पर परीक्षण किया जा सके। एसआईटी जांच के नाम पर फोन कर बुलाने की शिकायत दरअसल, संयुक्त कर्मचारी संघर्ष समिति ने नगर आयुक्त से शिकायत की थी कि एसआईटी जांच के नाम पर कथित झूठे शिकायती पत्रों के आधार पर नगर निगम कर्मचारियों को फोन कर पुलिस कार्यालय बुलाया जा रहा है। कर्मचारियों का आरोप था कि इस तरह उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। पहले निगम को दें शिकायत, फिर होगी कार्रवाई नगर आयुक्त ने कहा कि यदि किसी नगर निगम कर्मचारी के खिलाफ कोई शिकायत है तो पहले उसके तथ्य और साक्ष्य नगर निगम को उपलब्ध कराए जाएं। इसके बाद नियमानुसार विभागीय परीक्षण कराया जाएगा और शिकायत सही पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पुलिस कमिश्नरेट से भी अपेक्षा की है कि नगर निगम कर्मचारियों से संबंधित मामलों में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाए, ताकि बिना सत्यापन शिकायतों के आधार पर कर्मचारियों को सीधे पुलिस कार्यालय बुलाने की स्थिति न बने।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *