आरा में माले का प्रदर्शन, पुतला भी फूंका:जंतर-मंतर पर दीपंकर भट्टाचार्य समेत प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई का विरोध, सरकार के खिलाफ नारेबाजी

आरा में माले का प्रदर्शन, पुतला भी फूंका:जंतर-मंतर पर दीपंकर भट्टाचार्य समेत प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई का विरोध, सरकार के खिलाफ नारेबाजी

भोजपुर में भाकपा-माले कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव प्रक्रिया को लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शन भाकपा-माले के जिला कार्यालय, श्रीटोला से शुरू होकर आरा बस स्टैंड पहुंचा, जहां सभा आयोजित की गई। दरअसल, दिल्ली के जंतर-मंतर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन हुआ था। इस दौरान भाकपा-माले महासचिव दीपंकर भट्‌टाचार्य समेत अन्य प्रदर्शकारियों को हिरासत में लिया था। इसी के विरोध में भोजपुर में प्रदर्शन हुआ। लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का प्रयास भाकपा-माले के भोजपुर जिला सचिव अभ्युदय ने दीपंकर भट्टाचार्य समेत अन्य प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण नागरिक प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का प्रयास है। पार्टी का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी को लेकर उठ रहे सवालों पर कार्रवाई मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ होनी चाहिए, लेकिन विपक्षी नेताओं और नागरिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा रहा है। माले नेताओं ने कहा कि जंतर-मंतर पर हिरासत में लिए गए लोगों में पार्टी महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य के अलावा सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव, अधिवक्ता प्रशांत भूषण, आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा, अंजलि भारद्वाज, किसान महासभा के महासचिव पुरुषोत्तम शर्मा, एक्टू महासचिव राजीव डिमरी और दिल्ली पार्टी सचिव रवि राय समेत अन्य लोग शामिल हैं। केंद्रीय कमेटी सदस्य राजू यादव और राज्य कमेटी सदस्य और अगियांव के पूर्व विधायक शिवप्रकाश रंजन ने कहा कि वोट चोरी के खिलाफ और लोकतंत्र की रक्षा के लिए पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी से लोकतांत्रिक प्रतिरोध को रोका नहीं जा सकता।
भोजपुर में भी विभिन्न कार्यक्रम किए जाएंगे माले ने बताया कि 26 सितंबर से 2 अक्टूबर तक वाम दलों के देशव्यापी प्रतिवाद के आह्वान के तहत भोजपुर में भी विभिन्न कार्यक्रम किए जाएंगे। 28 सितंबर को शहीद भगत सिंह की जयंती पर आइसा और आरवाईए की ओर से ‘इंकलाब मार्च’ निकाला जाएगा। वहीं 27 और 29 सितंबर को सभी प्रखंड मुख्यालयों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन करने की घोषणा की गई है। कार्यक्रम में चंद्रदीप सिंह, रमेश जी, संगीता सिंह, सुधीर कुमार सिंह, विजय ओझा, क्यामुद्दीन अंसारी, इंदू सिंह, दिलराज प्रीतम, राजनाथ राम, चंदन कुमार समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल रहे। इसकी जानकारी जिला कार्यालय सचिव दिलराज प्रीतम ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी। भोजपुर में भाकपा-माले कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव प्रक्रिया को लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शन भाकपा-माले के जिला कार्यालय, श्रीटोला से शुरू होकर आरा बस स्टैंड पहुंचा, जहां सभा आयोजित की गई। दरअसल, दिल्ली के जंतर-मंतर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन हुआ था। इस दौरान भाकपा-माले महासचिव दीपंकर भट्‌टाचार्य समेत अन्य प्रदर्शकारियों को हिरासत में लिया था। इसी के विरोध में भोजपुर में प्रदर्शन हुआ। लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का प्रयास भाकपा-माले के भोजपुर जिला सचिव अभ्युदय ने दीपंकर भट्टाचार्य समेत अन्य प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण नागरिक प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का प्रयास है। पार्टी का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी को लेकर उठ रहे सवालों पर कार्रवाई मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ होनी चाहिए, लेकिन विपक्षी नेताओं और नागरिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा रहा है। माले नेताओं ने कहा कि जंतर-मंतर पर हिरासत में लिए गए लोगों में पार्टी महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य के अलावा सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव, अधिवक्ता प्रशांत भूषण, आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा, अंजलि भारद्वाज, किसान महासभा के महासचिव पुरुषोत्तम शर्मा, एक्टू महासचिव राजीव डिमरी और दिल्ली पार्टी सचिव रवि राय समेत अन्य लोग शामिल हैं। केंद्रीय कमेटी सदस्य राजू यादव और राज्य कमेटी सदस्य और अगियांव के पूर्व विधायक शिवप्रकाश रंजन ने कहा कि वोट चोरी के खिलाफ और लोकतंत्र की रक्षा के लिए पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी से लोकतांत्रिक प्रतिरोध को रोका नहीं जा सकता।
भोजपुर में भी विभिन्न कार्यक्रम किए जाएंगे माले ने बताया कि 26 सितंबर से 2 अक्टूबर तक वाम दलों के देशव्यापी प्रतिवाद के आह्वान के तहत भोजपुर में भी विभिन्न कार्यक्रम किए जाएंगे। 28 सितंबर को शहीद भगत सिंह की जयंती पर आइसा और आरवाईए की ओर से ‘इंकलाब मार्च’ निकाला जाएगा। वहीं 27 और 29 सितंबर को सभी प्रखंड मुख्यालयों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन करने की घोषणा की गई है। कार्यक्रम में चंद्रदीप सिंह, रमेश जी, संगीता सिंह, सुधीर कुमार सिंह, विजय ओझा, क्यामुद्दीन अंसारी, इंदू सिंह, दिलराज प्रीतम, राजनाथ राम, चंदन कुमार समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल रहे। इसकी जानकारी जिला कार्यालय सचिव दिलराज प्रीतम ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।  

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