अररिया के रानीगंज प्रखंड में शुक्रवार रात 25 वर्षीय महिला की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। उसका शव घर में फंदे से लटका मिला। मृतका की पहचान घाघरी निवासी तरन्नुम खातून के रूप में हुई है। उसके पति का नाम अबू नसर बताया गया है। पति के मायके पहुंचने के बाद हुआ विवाद परिजनों के अनुसार, शुक्रवार रात अबू नसर अपनी पत्नी तरन्नुम के मायके आया था। इसी दौरान दोनों के बीच विवाद हुआ। बताया जा रहा है कि पति-पत्नी के बीच पहले से भी विवाद चल रहा था। परिजनों के मुताबिक, अबू नसर अक्सर तरन्नुम के चरित्र पर सवाल उठाता था। घर में फंदे से लटका मिला शव, पुलिस ने भेजा पोस्टमार्टम विवाद के बाद तरन्नुम का शव घर में फंदे से लटका मिला। सूचना मिलते ही बौंसी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों से भी जानकारी ली। आत्महत्या या कोई और वजह, जांच के बाद होगा खुलासा थानाध्यक्ष कुंदन कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का लग रहा है। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो सकेगी। परिजनों से आवेदन मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अररिया के रानीगंज प्रखंड में शुक्रवार रात 25 वर्षीय महिला की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। उसका शव घर में फंदे से लटका मिला। मृतका की पहचान घाघरी निवासी तरन्नुम खातून के रूप में हुई है। उसके पति का नाम अबू नसर बताया गया है। पति के मायके पहुंचने के बाद हुआ विवाद परिजनों के अनुसार, शुक्रवार रात अबू नसर अपनी पत्नी तरन्नुम के मायके आया था। इसी दौरान दोनों के बीच विवाद हुआ। बताया जा रहा है कि पति-पत्नी के बीच पहले से भी विवाद चल रहा था। परिजनों के मुताबिक, अबू नसर अक्सर तरन्नुम के चरित्र पर सवाल उठाता था। घर में फंदे से लटका मिला शव, पुलिस ने भेजा पोस्टमार्टम विवाद के बाद तरन्नुम का शव घर में फंदे से लटका मिला। सूचना मिलते ही बौंसी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों से भी जानकारी ली। आत्महत्या या कोई और वजह, जांच के बाद होगा खुलासा थानाध्यक्ष कुंदन कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का लग रहा है। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो सकेगी। परिजनों से आवेदन मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

