बथुआ मेन रोड में 150 मीटर में 50 गड्ढे:गोपालगंज में पानी भरने से एक्सीडेंट का खतरा, एंबुलेंस का गुजरना भी मुश्किल

बथुआ मेन रोड में 150 मीटर में 50 गड्ढे:गोपालगंज में पानी भरने से एक्सीडेंट का खतरा, एंबुलेंस का गुजरना भी मुश्किल

गोपालगंज के फुलवरिया प्रखंड के बथुआ बाजार की मुख्य सड़क इस समय उपेक्षा और बदहाली का जीवंत उदाहरण बनी हुई है। सड़क की खस्ताहाल स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बथुआ बाजार के करीब डेढ़ सौ मीटर के दायरे में ही 50 से अधिक छोटे-बड़े गड्ढे उभर आए हैं। इन गड्ढों में जलजमाव होने के कारण यह तय कर पाना भी मुश्किल हो जाता है कि सड़क पर तालाब बना है या तालाब में सड़क। यह भयावह दृश्य राहगीरों और वाहन चालकों के लिए कौतूहल के साथ-साथ गंभीर खतरे का सबब बना हुआ है। स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन आवाजाही पर असर भागीपट्टी-समउर-मीरगंज मुख्य पथ से जुड़ा यह मार्ग बथुआ बाजार का सबसे व्यस्ततम क्षेत्र माना जाता है। प्रतिदिन यहां से हजारों की संख्या में लोग गुजरते हैं, लेकिन सड़क के जानलेवा गड्ढे हर पल बड़े हादसों को न्योता दे रहे हैं। जलजमाव के कारण गड्ढों की गहराई का पता नहीं चल पाता, जिससे आए दिन बाइक सवार, साइकिल चालक और पैदल चलने वाले लोग अनियंत्रित होकर गिर रहे हैं और चोटिल हो रहे हैं। इस खस्ताहाल मार्ग का सबसे बुरा असर स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन आवाजाही पर पड़ रहा है। विशेष टीम को जल्द ही मौके पर भेजा जाएगा गंभीर मरीजों को अस्पताल ले जाने वाली एंबुलेंस को भी इस मार्ग पर बेहद धीमी गति से हिचकोले खाते हुए गुजरना पड़ता है, जिससे समय पर इलाज मिलना मुश्किल हो जाता है। सामान्य दिनों में उड़ती धूल और बरसात के मौसम में उभरा जलजमाव स्थानीय दुकानदारों और निवासियों के जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर चुका है। जनता की इस बढ़ती समस्या और नाराजगी के बीच, आरडब्ल्यूओ (ग्रामीण कार्य विभाग) के कार्यपालक अभियंता अशोक कुमार से संपर्क किए जाने पर उन्होंने स्थिति की गंभीरता को स्वीकार किया। उन्होंने आश्वस्त करते हुए बताया कि तकनीकी इंजीनियरों की एक विशेष टीम को जल्द ही मौके पर भेजा जाएगा और सड़क की मरम्मत तथा निर्माण की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से शुरू कराया जाएगा। फिलहाल स्थानीय लोग जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं ताकि उन्हें इस नारकीय स्थिति से मुक्ति मिल सके। गोपालगंज के फुलवरिया प्रखंड के बथुआ बाजार की मुख्य सड़क इस समय उपेक्षा और बदहाली का जीवंत उदाहरण बनी हुई है। सड़क की खस्ताहाल स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बथुआ बाजार के करीब डेढ़ सौ मीटर के दायरे में ही 50 से अधिक छोटे-बड़े गड्ढे उभर आए हैं। इन गड्ढों में जलजमाव होने के कारण यह तय कर पाना भी मुश्किल हो जाता है कि सड़क पर तालाब बना है या तालाब में सड़क। यह भयावह दृश्य राहगीरों और वाहन चालकों के लिए कौतूहल के साथ-साथ गंभीर खतरे का सबब बना हुआ है। स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन आवाजाही पर असर भागीपट्टी-समउर-मीरगंज मुख्य पथ से जुड़ा यह मार्ग बथुआ बाजार का सबसे व्यस्ततम क्षेत्र माना जाता है। प्रतिदिन यहां से हजारों की संख्या में लोग गुजरते हैं, लेकिन सड़क के जानलेवा गड्ढे हर पल बड़े हादसों को न्योता दे रहे हैं। जलजमाव के कारण गड्ढों की गहराई का पता नहीं चल पाता, जिससे आए दिन बाइक सवार, साइकिल चालक और पैदल चलने वाले लोग अनियंत्रित होकर गिर रहे हैं और चोटिल हो रहे हैं। इस खस्ताहाल मार्ग का सबसे बुरा असर स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन आवाजाही पर पड़ रहा है। विशेष टीम को जल्द ही मौके पर भेजा जाएगा गंभीर मरीजों को अस्पताल ले जाने वाली एंबुलेंस को भी इस मार्ग पर बेहद धीमी गति से हिचकोले खाते हुए गुजरना पड़ता है, जिससे समय पर इलाज मिलना मुश्किल हो जाता है। सामान्य दिनों में उड़ती धूल और बरसात के मौसम में उभरा जलजमाव स्थानीय दुकानदारों और निवासियों के जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर चुका है। जनता की इस बढ़ती समस्या और नाराजगी के बीच, आरडब्ल्यूओ (ग्रामीण कार्य विभाग) के कार्यपालक अभियंता अशोक कुमार से संपर्क किए जाने पर उन्होंने स्थिति की गंभीरता को स्वीकार किया। उन्होंने आश्वस्त करते हुए बताया कि तकनीकी इंजीनियरों की एक विशेष टीम को जल्द ही मौके पर भेजा जाएगा और सड़क की मरम्मत तथा निर्माण की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से शुरू कराया जाएगा। फिलहाल स्थानीय लोग जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं ताकि उन्हें इस नारकीय स्थिति से मुक्ति मिल सके।  

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