चतरा जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच प्रतापपुर प्रखंड के कसमार गांव में भारी बारिश के कारण एक मुर्गा फार्म ढह गया। हादसे में फार्म के अंदर मौजूद करीब 900 मुर्गों की दबकर मौत हो गई। इससे व्यवसायी साधु यादव को करीब 10 से 15 लाख रुपए के नुकसान का अनुमान है। बताया गया कि साधु यादव पिछले करीब 20 वर्षों से मुर्गी पालन का व्यवसाय कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। उनका ‘साधु मुर्गा फार्म’ बीती रात अचानक भरभरा कर गिर गया। फार्म में रखे करीब 13 क्विंटल वजन के मुर्गे मलबे में दब गए। हादसे के बाद परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। एक दिन पहले ही मंगाये थे मुर्गे साधु यादव के मुताबिक उन्होंने हादसे से ठीक एक दिन पहले ही नए मुर्गे फार्म में मंगाए थे। इसके बाद लगातार बारिश के कारण फार्म की संरचना कमजोर हुई और रात में अचानक पूरा फार्म ढह गया। कुछ मुर्गे किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन अधिकांश मलबे में दब गए। सुबह घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। बताया गया कि फार्म में मौजूद लगभग सभी 900 मुर्गों की मौत हो गई है। वर्षों से इसी कारोबार के सहारे परिवार चलाने वाले साधु यादव के सामने अब आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने जिला प्रशासन से प्राकृतिक आपदा के तहत उचित मुआवजा देने की मांग की है, ताकि वह दोबारा अपना व्यवसाय शुरू कर सकें। आवेदन मिलने पर जांच करेगी टीम साधु यादव ने जिला प्रशासन से नुकसान का आकलन कर सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि मुर्गा फार्म ही उनके परिवार की आय का मुख्य साधन था। इसके नष्ट होने से उन्हें भारी आर्थिक क्षति हुई है। इस संबंध में प्रतापपुर के अंचल अधिकारी ने बताया कि पीड़ित की ओर से लिखित आवेदन मिलने के बाद अंचल प्रशासन की टीम घटनास्थल का निरीक्षण करेगी। टीम द्वारा नुकसान का आकलन कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए गी और उसे जिला मुख्यालय भेजा जायेगा। रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन की ओर से मुआवजे को लेकर अंतिम निर्णय लिया जायेगा। चतरा जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच प्रतापपुर प्रखंड के कसमार गांव में भारी बारिश के कारण एक मुर्गा फार्म ढह गया। हादसे में फार्म के अंदर मौजूद करीब 900 मुर्गों की दबकर मौत हो गई। इससे व्यवसायी साधु यादव को करीब 10 से 15 लाख रुपए के नुकसान का अनुमान है। बताया गया कि साधु यादव पिछले करीब 20 वर्षों से मुर्गी पालन का व्यवसाय कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। उनका ‘साधु मुर्गा फार्म’ बीती रात अचानक भरभरा कर गिर गया। फार्म में रखे करीब 13 क्विंटल वजन के मुर्गे मलबे में दब गए। हादसे के बाद परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। एक दिन पहले ही मंगाये थे मुर्गे साधु यादव के मुताबिक उन्होंने हादसे से ठीक एक दिन पहले ही नए मुर्गे फार्म में मंगाए थे। इसके बाद लगातार बारिश के कारण फार्म की संरचना कमजोर हुई और रात में अचानक पूरा फार्म ढह गया। कुछ मुर्गे किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन अधिकांश मलबे में दब गए। सुबह घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। बताया गया कि फार्म में मौजूद लगभग सभी 900 मुर्गों की मौत हो गई है। वर्षों से इसी कारोबार के सहारे परिवार चलाने वाले साधु यादव के सामने अब आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने जिला प्रशासन से प्राकृतिक आपदा के तहत उचित मुआवजा देने की मांग की है, ताकि वह दोबारा अपना व्यवसाय शुरू कर सकें। आवेदन मिलने पर जांच करेगी टीम साधु यादव ने जिला प्रशासन से नुकसान का आकलन कर सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि मुर्गा फार्म ही उनके परिवार की आय का मुख्य साधन था। इसके नष्ट होने से उन्हें भारी आर्थिक क्षति हुई है। इस संबंध में प्रतापपुर के अंचल अधिकारी ने बताया कि पीड़ित की ओर से लिखित आवेदन मिलने के बाद अंचल प्रशासन की टीम घटनास्थल का निरीक्षण करेगी। टीम द्वारा नुकसान का आकलन कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए गी और उसे जिला मुख्यालय भेजा जायेगा। रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन की ओर से मुआवजे को लेकर अंतिम निर्णय लिया जायेगा।

