शिवपुरी में शुक्रवार रात गणेशोत्सव का भव्य समापन हुआ। गणेश प्रतिमाओं की विदाई के लिए निकली शोभायात्रा में शहर की सड़कों पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। आयोजकों के अनुसार, दो लाख से ज्यादा लोग इसमें शामिल हुए। यह आयोजन शाम करीब 8 बजे शुरू होकर सुबह 6 बजे तक चला। कस्टम गेट और हंस बिल्डिंग चौराहे पर बने दो मंचों से झांकियां और गणेश प्रतिमाएं गुजरीं। इस बार डीजे सबसे बड़ा आकर्षण रहे। ट्रकों पर सजे विशाल डीजे सिस्टम पर लगातार म्यूजिक और प्रस्तुति का मुकाबला चलता रहा। युवा रातभर डीजे की धुन पर थिरकते रहे। शोभायात्रा में आकर्षक झांकियां भी शामिल थीं, जिन्होंने श्रद्धालुओं का ध्यान खींचा। जगह-जगह भंडारे लगाकर प्रसादी बांटी गई। आयोजकों और सामाजिक संगठनों की ओर से श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई। शोभायात्रा में शामिल लोगों के लिए पानी और अन्य व्यवस्थाएं भी की गईं। सुबह तक हुआ प्रतिमाओं का विसर्जन
आधी रात के बाद गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन का क्रम शुरू हुआ, जो सुबह तक जारी रहा। बड़ी प्रतिमाओं को अमोला पुल स्थित सिंध नदी में विसर्जित किया गया, जबकि छोटी प्रतिमाओं के लिए मझेरा तालाब और गणेश कुंड पर व्यवस्थाएं की गई थीं। श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा मोरया के जयकारों के साथ भगवान गणेश को विदाई दी। भव्य आयोजन को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। प्रमुख मार्गों और विसर्जन स्थलों पर पुलिस बल तैनात रहा। नदी और अन्य विसर्जन स्थलों पर गोताखोरों को भी अलर्ट रखा गया। अधिकारियों ने देर रात तक व्यवस्थाओं की निगरानी की। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह बना रहा और शांतिपूर्ण तरीके से गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ।

