मथुरा के वृंदावन में शुक्रवार को संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम केली कुंज से जुड़ी गुरु कृपा कुंज इमारत से छलांग लगाकर आत्महत्या करने वाले साधक के मामले में पुलिस कई एंगल से जांच कर रही है। पुलिस को साधक के कमरे से ग्राइंडर और कटा हुआ प्राइवेट पार्ट मिला है। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साख्य जुटाए हैं। पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि साधक ने आत्महत्या किसी अवसाद में आकर की या फिर किसी ने यह कदम उठाने के लिए विवश किया। केली कुंज आश्रम से 500 मीटर दूर है आश्रम संत प्रेमानंद महाराज के रमणरेती स्थित केली कुंज आश्रम से करीब 500 मीटर दूर वाराह घाट इलाके में गुरु कृपा कुंज इमारत है। इस इमारत में संत प्रेमानंद महाराज का परिकर रहता है। इसी इमारत की चौथी मंजिल पर जबलपुर निवासी 25 वर्षीय दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण रहते थे। दीपक को रसिक दुलारी शरण नाम संत प्रेमानंद महाराज के द्वारा दीक्षा देने के बाद मिला। रसिक दुलारी शरण ने दीक्षा सितंबर 2025 में ली। 3 महीने से रह रहे इमारत में रसिक दुलारी शरण बिजली का काम जानते थे। इसलिए आश्रम में उनको बिजली का काम करने की सेवा दे दी गई। करीब 3 महीने पहले रसिक दुलारी शरण को गुरु कृपा कुंज बिल्डिंग की चौथी मंजिल पर रहने के लिए एक कमरा दे दिया गया। इस बिल्डिंग में केली कुंज से जुदा करीब 40 से ज्यादा परिकर रहता है। रसिक दुलारी शरण जिस समय बिल्डिंग में थे उस समय ज्यादातर परिकर आश्रम से जुड़ी सेवाओं में अलग अलग जगह व्यस्त था। पुलिस कर रही जांच रसिक दुलारी शरण की मौत के बारे में पुलिस को जानकारी अस्पताल से मिली। सीओ वृंदावन संदीप सिंह ने बताया कि सर्वोदय अस्पताल से सूचना मिली कि एक साधक घायल अवस्था में वहां लाया गया जिसके मुंह से और धोती के नीचे से खून आ रहा था उसकी मृत्यु हो गई है। इसके बाद पुलिस अस्पताल पहुंची,जहां जानकारी करने के बाद घटना स्थल का निरीक्षण किया। मौके पर फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया। फॉरेंसिक और पुलिस की टीम को कमरे से ग्राइंडर और कटा हुआ प्राइवेट पार्ट मिला। मोबाइल और सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही पुलिस सीओ वृंदावन संदीप सिंह ने बताया इस मामले में फॉरेंसिक और वृंदावन थाना पुलिस जांच कर रही है। साधक का मोबाइल से डाटा खंगाला जा रहा है कि आखिरी बार उन्होंने किससे बात की या फिर ऐसा क्या हुआ जिसकी बजह से यह कदम उठाया। इसके साथ ही वहां लगे CCTV कैमरे भी खंगाले जा रहे हैं। फ़िलहाल पुलिस रसिक दुलारी शरण के परिजनों के आने का इंतजार कर रही है। इसके बाद पोस्टमॉर्टम की कार्यवाही की जाएगी।

