गुरप्रीत हत्याकांड: आरोपियों की विदेश भागने की तैयारी थी:नेपाल में करवा रहे थे एंट्री, बॉर्डर पर दोस्त ने खोला प्लान; कुरुक्षेत्र पुलिस वहीं से पकड़ लाई

गुरप्रीत हत्याकांड: आरोपियों की विदेश भागने की तैयारी थी:नेपाल में करवा रहे थे एंट्री, बॉर्डर पर दोस्त ने खोला प्लान; कुरुक्षेत्र पुलिस वहीं से पकड़ लाई

कुरुक्षेत्र के पिहोवा में कॉलेज की रंजिश के बाद गुरप्रीत की हत्या के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी विदेश भागने की तैयारी में थे। आरोपी कर्ण और जशनदीप अपने साथी आशीष के साथ दिल्ली से नेपाल पहुंचे थे। दोनों नेपाल में एंट्री के लिए कागज तैयार कराने गए, जबकि आशीष बॉर्डर के पास उनका इंतजार कर रहा था। पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक, टीम ने सबसे पहले आशीष को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने दोनों आरोपियों के नेपाल एंट्री के कागज तैयार कराने और कुछ देर में वापस आने की जानकारी दी। पुलिस टीम ने मौके पर घेरा डालकर दोनों का इंतजार किया। कुछ देर बाद जैसे ही दोनों वापस पहुंचे, पुलिस ने उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया। अब चार दिन के रिमांड पर आरोपी पुलिस ने कल उनको कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उनको चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब आरोपियों से हत्या में इस्तेमाल हथियार, वारदात के बाद फरारी में मदद करने वालों और नेपाल तक पहुंचने के पूरे रास्ते के बारे में पूछताछ कर रही है। दिल्ली से नेपाल पहुंचे, विदेश जाने की थी तैयारी पुलिस जांच में सामने आया कि 14 सितंबर की रात गुरप्रीत पर हमला करने के बाद कर्ण और जशनदीप फरार हो गए थे। दोनों पहले दिल्ली पहुंचे और वहां से अपने साथी आशीष के साथ नेपाल चले गए। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी नेपाल से आगे किसी दूसरे देश में भागने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना मिलने के बाद कुरुक्षेत्र पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी। सीआईए-2 की टीम ने पश्चिम बंगाल पुलिस के साथ संपर्क किया। इसके बाद नेपाल और भूटान पुलिस की मदद से आरोपियों की लोकेशन खंगाली गई। पुलिस लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। नेपाल बॉर्डर के पास मिली लोकेशन आखिरकार पुलिस टीम को आरोपियों की लोकेशन नेपाल बॉर्डर के पास मिली। यहां पुलिस ने पहले आशीष को पकड़ लिया। इससे पूछताछ में कर्ण और जशनदीप के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने दोनों के लौटने का इंतजार किया और वापस आते ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया। कॉलेज की रंजिश से शुरू हुआ विवाद पुलिस जांच के अनुसार, गुरप्रीत का भाई गगनदीप और आरोपी कर्ण व जशनदीप एक ही कॉलेज में पढ़ते हैं। दोनों पक्ष अलग-अलग छात्र ग्रुप से जुड़े हुए हैं। इसी वजह से उनके बीच पहले से रंजिश चली आ रही थी। 14 सितंबर की रात पिहोवा चौक के पास रास्ता देने को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई। इसके बाद विवाद बढ़ गया। दोनों पक्ष बाजार की तरफ पहुंचे तो गाली-गलौज होने लगी। मेन बाजार में गाड़ी रोकने के बाद आरोपियों ने तलवार से हमला कर दिया। हमले में गगनदीप और उसका भाई गुरप्रीत घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए एलएनजेपी अस्पताल, कुरुक्षेत्र में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान 19 सितंबर को गुरप्रीत की मौत हो गई। इ पुलिस खंगाल रही फरारी की कड़ी सीआईए-2 इंचार्ज मंदीप सिंह के अनुसार, आरोपियों के नेपाल से आगे विदेश भागने की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीमों ने उनकी तलाश तेज की थी। आरोपियों की लोकेशन और गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी। पश्चिम बंगाल पुलिस के साथ-साथ नेपाल और भूटान पुलिस से भी संपर्क किया गया। गिरफ्तार आरोपियों से अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वारदात के बाद उन्हें फरार होने में किस-किस ने मदद की। इसके अलावा पुलिस हत्या में इस्तेमाल तलवार और अन्य हथियार बरामद करने की कोशिश कर रही है। पुलिस पता लगा रही है कि दिल्ली से नेपाल तक पहुंचने और विदेश भागने की तैयारी में कौन-कौन लोग उनके संपर्क में थे।

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