CM मान की पत्नी को मानहानि केस में झटका:कोर्ट ने रिटायर्ड जज पर अंतरिम रोक हटाई, कहा- हमें गुमराह करने की कोशिश

CM मान की पत्नी को मानहानि केस में झटका:कोर्ट ने रिटायर्ड जज पर अंतरिम रोक हटाई, कहा- हमें गुमराह करने की कोशिश

सीएम भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर द्वारा कोर्ट में दाखिल किए गए मानहानि केस में बड़ा फैसला आया है। चंडीगढ़ जिला अदालत ने गुरप्रीत कौर की मानहानि के मुकदमे में हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज एवं पंजाब ह्यूमन राइट्स ऑर्गेनाइजेशन के अध्यक्ष रणजीत सिंह के खिलाफ 8 सितंबर को दिए गए एकतरफा अंतरिम निषेधाज्ञा आदेशों को (अस्थायी रोक) रद्द कर दिया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने आदेशों में स्पष्ट रूप से कहा कि याचिकाकर्ता ने महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया और भ्रामक बयान दिए थे। ऑर्डर 39 नियम 4 सीपीसी के तहत अस्थायी आदेशों को रद्द किया जाता है। बता दें कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज रणजीत सिंह ने आरोप लगाए थे कि रेप केस दबाने के बदले गुरप्रीत कौर ने 5 करोड़ रुपए की रिश्वत ली थी। रिटायर्ड जज रणजीत बोले- आरोप हाईकोर्ट में पहले से विचाराधीन रिटायर्ड जज रणजीत सिंह ने कहा कि गुरप्रीत कौर ने कोर्ट को ये नहीं बताया कि रिश्वत से जुड़े आरोप हाईकोर्ट में पहले से विचाराधीन मामले में दर्ज हैं। हाईकोर्ट ने अपने 20 जुलाई 2026 के आदेश में स्पष्ट लिखा था कि मुख्यमंत्री की पत्नी पर 4-5 करोड़ रुपए मांगने के आरोप सिर्फ याचिकाकर्ताओं के बयानों में नहीं, बल्कि प्रतिवादी नंबर-6 की अपनी याचिका में भी दर्ज हैं। इसलिए यह सार्वजनिक अदालती रिकॉर्ड पर आधारित था, न कि मनगढ़ंत। गुरप्रीत कौर बोलीं- बिना ठोस सबूत आरोप लगाना गलत रणजीत सिंह पूर्व जज हैं और आम जनता का न्यायपालिका व पूर्व जजों पर अटूट भरोसा होता है। ऐसे में बिना ठोस सबूत प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीधे आरोप लगाना अनुचित था। इन आरोपों की किसी अदालत ने जांच नहीं की थी और न ही पुष्टि हुई थी। इसका मकसद केवल राजनीतिक था, ताकि मुख्यमंत्री की पत्नी के खिलाफ भ्रष्टाचार का झूठा नैरेटिव गढ़ा जा सके। ये है पूरा मामला यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज रणजीत सिंह के एक सार्वजनिक बयान और उसके बाद ‘लीगल राइट्स ऑब्जर्वेटरी’ (LRO) की शिकायत के जरिए यह बात सामने आई कि एक रेप केस को रफा-दफा करने के लिए 5 करोड़ रुपए की मोटी रकम मांगी गई थी। इस शिकायत में सीधे तौर पर सीएम की पत्नी का नाम उछाले जाने के बाद मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया। रणजीत सिंह के कांग्रेस नेता सुखपाल खैहरा से पारिवारिक संबंध होने के कारण आम आदमी पार्टी इसे पूरी तरह से एक रचा गया राजनीतिक षड्यंत्र करार दे रही है। ************ ये खबर भी पढ़ें: केजरीवाल ने निभाईं भगवंत के पिता की रस्में: 48 के भगवंत ने 32 की डॉ. गुरप्रीत से रचाई शादी, राघव चड्‌ढा बने भाई पंजाब के CM भगवंत मान गुरुवार को दूसरी बार दूल्हा बने। उन्होंने डॉ. गुरप्रीत कौर के साथ सीएम आवास में फेरे लिए। अरविंद केजरीवाल ने पिता की तो राघव चड्ढा ने भाई की रस्में निभाईं। शादी में मान और गुरप्रीत के परिवार के अलावा केजरीवाल का परिवार भी शामिल हुआ। (पढ़ें पूरी खबर)

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