गयाजी में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने पितृपक्ष मेला 2026 की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए पारंपरिक व्यवस्थाओं के साथ आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया गया है। बच्चों और बुजुर्गों को परिजनों से बिछड़ने से बचाने के लिए QR कोड वाले रिस्टबैंड पहनाए जाएंगे। इनमें परिजनों का मोबाइल नंबर और जरूरी जानकारी होगी। बिछड़ने पर अलर्ट मैसेज भेजा जाएगा और QR कोड स्कैन कर उन्हें मिलाया जाएगा। मेला क्षेत्र में सभी हेल्प डेस्क पर गूगल ट्रांसलेटर सिस्टम लगाए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को भाषाई दिक्कत न हो। इससे कर्मी उनकी बात समझ सकेंगे और अपनी भाषा में जवाब दे सकेंगे। विधि-व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का भी उपयोग होगा। मेला क्षेत्र में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए Artificial Intelligence (AI) तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि पूरे शहर में कहीं भी भीड़ अधिक होने पर संबंधित पदाधिकारियों को लोकेशन के साथ अलर्ट प्राप्त होगा, जिससे समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी। उन्होंने यह भी बताया कि यदि कोई व्यक्ति गुमशुदा हो जाता है तो कैमरे के माध्यम से उसके चेहरे की पहचान कर उसके लोकेशन की जानकारी प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। कायाकल्प अभियान के तहत गयाजी शहर का सौंदर्यीकरण
प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि बिहार सरकार की ओर से कायाकल्प अभियान की शुरुआत की गई है। पितृपक्ष मेला के पूर्व इस अभियान के तहत गयाजी शहर में विशेष रूप से कायाकल्प का कार्य कराया गया है। इसकी खास विशेषता यह है कि इस कार्य में शहर के बच्चों की भी सहभागिता की गई है।
गयाजी शहर की दीवारों पर भगवान विष्णु से जुड़ी विभिन्न कलाकृतियां बच्चों द्वारा बनाई गई हैं, जिससे शहर के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ स्थानीय कला और बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को भी प्रोत्साहन मिला है।
प्रतिदिन 75,348 लोगों के लिए निःशुल्क आवासन की व्यवस्था
प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि बिहार सरकार की ओर से पितृपक्ष मेला के दौरान रोज 75,348 लोगों के निःशुल्क आवासन की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं की मूलभूत सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए 943 शौचालय, 134 स्नानागार एवं 74 चेंजिंग रूम बनाए गए हैं। श्रद्धालुओं को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 280 चापाकल और 890 नल लगाए गए हैं। साथ ही प्रतिदिन पानी की गुणवत्ता की जांच लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के लैब में की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को उच्च गुणवत्ता का पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
70 स्वास्थ्य शिविरों में 125 डॉक्टर और 178 पैरामेडिकल कर्मी तैनात श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पूरे मेला क्षेत्र में 70 स्वास्थ्य शिविर स्थापित किए गए हैं। इन स्वास्थ्य शिविरों में 125 डॉक्टर और 178 पैरामेडिकल कर्मी कार्यरत हैं।
इसके अतिरिक्त Indian Medical Association (IMA) के सहयोग से आने वाले सभी श्रद्धालुओं को निःशुल्क प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
बिहार सरकार के निर्देशानुसार मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के आवागमन की सुविधा के लिए 150 निःशुल्क ई-रिक्शा भी चलाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को मेला क्षेत्र में आने-जाने में सुविधा प्रदान करना है।
प्रभारी मंत्री ने बताया कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को उच्च कोटि का सात्विक भोजन उपलब्ध कराने के लिए जीविका दीदियों की रसोई का संचालन किया जा रहा है। यहां श्रद्धालुओं को मात्र 30 रुपये में उच्च गुणवत्ता का सात्विक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। गयाजी में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने पितृपक्ष मेला 2026 की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए पारंपरिक व्यवस्थाओं के साथ आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया गया है। बच्चों और बुजुर्गों को परिजनों से बिछड़ने से बचाने के लिए QR कोड वाले रिस्टबैंड पहनाए जाएंगे। इनमें परिजनों का मोबाइल नंबर और जरूरी जानकारी होगी। बिछड़ने पर अलर्ट मैसेज भेजा जाएगा और QR कोड स्कैन कर उन्हें मिलाया जाएगा। मेला क्षेत्र में सभी हेल्प डेस्क पर गूगल ट्रांसलेटर सिस्टम लगाए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को भाषाई दिक्कत न हो। इससे कर्मी उनकी बात समझ सकेंगे और अपनी भाषा में जवाब दे सकेंगे। विधि-व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का भी उपयोग होगा। मेला क्षेत्र में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए Artificial Intelligence (AI) तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि पूरे शहर में कहीं भी भीड़ अधिक होने पर संबंधित पदाधिकारियों को लोकेशन के साथ अलर्ट प्राप्त होगा, जिससे समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी। उन्होंने यह भी बताया कि यदि कोई व्यक्ति गुमशुदा हो जाता है तो कैमरे के माध्यम से उसके चेहरे की पहचान कर उसके लोकेशन की जानकारी प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। कायाकल्प अभियान के तहत गयाजी शहर का सौंदर्यीकरण
प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि बिहार सरकार की ओर से कायाकल्प अभियान की शुरुआत की गई है। पितृपक्ष मेला के पूर्व इस अभियान के तहत गयाजी शहर में विशेष रूप से कायाकल्प का कार्य कराया गया है। इसकी खास विशेषता यह है कि इस कार्य में शहर के बच्चों की भी सहभागिता की गई है।
गयाजी शहर की दीवारों पर भगवान विष्णु से जुड़ी विभिन्न कलाकृतियां बच्चों द्वारा बनाई गई हैं, जिससे शहर के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ स्थानीय कला और बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को भी प्रोत्साहन मिला है।
प्रतिदिन 75,348 लोगों के लिए निःशुल्क आवासन की व्यवस्था
प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि बिहार सरकार की ओर से पितृपक्ष मेला के दौरान रोज 75,348 लोगों के निःशुल्क आवासन की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं की मूलभूत सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए 943 शौचालय, 134 स्नानागार एवं 74 चेंजिंग रूम बनाए गए हैं। श्रद्धालुओं को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 280 चापाकल और 890 नल लगाए गए हैं। साथ ही प्रतिदिन पानी की गुणवत्ता की जांच लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के लैब में की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को उच्च गुणवत्ता का पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
70 स्वास्थ्य शिविरों में 125 डॉक्टर और 178 पैरामेडिकल कर्मी तैनात श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पूरे मेला क्षेत्र में 70 स्वास्थ्य शिविर स्थापित किए गए हैं। इन स्वास्थ्य शिविरों में 125 डॉक्टर और 178 पैरामेडिकल कर्मी कार्यरत हैं।
इसके अतिरिक्त Indian Medical Association (IMA) के सहयोग से आने वाले सभी श्रद्धालुओं को निःशुल्क प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
बिहार सरकार के निर्देशानुसार मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के आवागमन की सुविधा के लिए 150 निःशुल्क ई-रिक्शा भी चलाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को मेला क्षेत्र में आने-जाने में सुविधा प्रदान करना है।
प्रभारी मंत्री ने बताया कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को उच्च कोटि का सात्विक भोजन उपलब्ध कराने के लिए जीविका दीदियों की रसोई का संचालन किया जा रहा है। यहां श्रद्धालुओं को मात्र 30 रुपये में उच्च गुणवत्ता का सात्विक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।

