चार दिनों में 36.1 मिमी बारिश… खरीफ को फायदा, सब्जियों के गलने का खतरा

चार दिनों में 36.1 मिमी बारिश… खरीफ को फायदा, सब्जियों के गलने का खतरा

देश का नाम रोशन करने वाली हॉकी गोल्ड मेडलिस्ट पार्वती तोपनो के परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण कामडारा के कुम्हार टोली स्थित उनके घर की एक दीवार ढह गई है। फिलहाल परिवार ने लकड़ी के सहारे दीवार को किसी तरह टिकाकर रखा है। ऐसे में परिवार को घर के और क्षतिग्रस्त होने का डर बना हुआ है।पार्वती के पिता सोमा तोपनो ने बताया कि उनके पांच बच्चे हैं। पार्वती सबसे छोटी है। वह स्वयं मजदूरी और राजमिस्त्री का काम कर किसी तरह परिवार का भरण-पोषण करते हैं।बीते 4 से 13 सितंबर 2026 तक चीन में आयोजित जूनियर महिला एशिया कप में पार्वती गुमला जिले की इकलौती हॉकी खिलाड़ी के रूप में शामिल हुई। उसने टीम के साथ स्वर्ण पदक जीता,पार्वती का भाई सूरज तोपनो भी प्रदेश में रहकर मजदूरी करता है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार और प्रशासन को इस प्रतिभावान खिलाड़ी के परिवार की आवासीय समस्या पर ध्यान देना चाहिए। जिला कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अटल तिवारी ने कहा कि गुमला में बड़ी संख्या में किसान धान की फसल पर निर्भर हैं। बारिश से खेतों में मृदा नमी की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे धान की बालियां निकलने और दाना भरने की अवस्था में पौधों को लाभ मिल सकता है। मक्का, अरहर, उड़द और विभिन्न खरीफ सब्जियों को अधिक नमी से नुकसान होने की आशंका है। देश का नाम रोशन करने वाली हॉकी गोल्ड मेडलिस्ट पार्वती तोपनो के परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण कामडारा के कुम्हार टोली स्थित उनके घर की एक दीवार ढह गई है। फिलहाल परिवार ने लकड़ी के सहारे दीवार को किसी तरह टिकाकर रखा है। ऐसे में परिवार को घर के और क्षतिग्रस्त होने का डर बना हुआ है।पार्वती के पिता सोमा तोपनो ने बताया कि उनके पांच बच्चे हैं। पार्वती सबसे छोटी है। वह स्वयं मजदूरी और राजमिस्त्री का काम कर किसी तरह परिवार का भरण-पोषण करते हैं।बीते 4 से 13 सितंबर 2026 तक चीन में आयोजित जूनियर महिला एशिया कप में पार्वती गुमला जिले की इकलौती हॉकी खिलाड़ी के रूप में शामिल हुई। उसने टीम के साथ स्वर्ण पदक जीता,पार्वती का भाई सूरज तोपनो भी प्रदेश में रहकर मजदूरी करता है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार और प्रशासन को इस प्रतिभावान खिलाड़ी के परिवार की आवासीय समस्या पर ध्यान देना चाहिए। जिला कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अटल तिवारी ने कहा कि गुमला में बड़ी संख्या में किसान धान की फसल पर निर्भर हैं। बारिश से खेतों में मृदा नमी की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे धान की बालियां निकलने और दाना भरने की अवस्था में पौधों को लाभ मिल सकता है। मक्का, अरहर, उड़द और विभिन्न खरीफ सब्जियों को अधिक नमी से नुकसान होने की आशंका है।  

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