संत जेवियर कॉलेज (ऑटोनॉमस) में शुक्रवार को विश्व शांति दिवस के मौके पर विशेष कार्यक्रम हुआ। इसका उद्देश्य शांति, प्रेम, सद्भाव और मानवता के मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। कार्यक्रम में छात्र, शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने भाग लिया। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. फादर एम. के. जोश ने कहा कि शांति केवल युद्ध की अनुपस्थिति नहीं है। उन्होंने इसे प्रेम, न्याय, सम्मान, सहिष्णुता और सहयोग से जोड़ते हुए छात्रों से इन मूल्यों को दैनिक जीवन में अपनाने की अपील की। उन्होंने शांतिपूर्ण और समावेशी समाज के निर्माण में योगदान देने की बात कही। प्रो. अविनाश यादव ने कहा कि मौजूदा समय में संघर्ष के बजाय संवाद, सहयोग और सह-अस्तित्व की जरूरत है। उन्होंने छात्रों से मानवता, भाईचारे और आपसी सम्मान को प्राथमिकता देने का संदेश दिया। इतिहास विभाग की छात्रा शालिनी मिंज ने विश्व शांति और मानवीय एकता के महत्व पर विचार रखे। हिंदी विभाग की छात्रा आशा किस्पोट्टा ने कविता पाठ के जरिए शांति और भाईचारे का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने प्रेम, सद्भाव, सहिष्णुता और मानवता के मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया। संत जेवियर कॉलेज (ऑटोनॉमस) में शुक्रवार को विश्व शांति दिवस के मौके पर विशेष कार्यक्रम हुआ। इसका उद्देश्य शांति, प्रेम, सद्भाव और मानवता के मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। कार्यक्रम में छात्र, शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने भाग लिया। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. फादर एम. के. जोश ने कहा कि शांति केवल युद्ध की अनुपस्थिति नहीं है। उन्होंने इसे प्रेम, न्याय, सम्मान, सहिष्णुता और सहयोग से जोड़ते हुए छात्रों से इन मूल्यों को दैनिक जीवन में अपनाने की अपील की। उन्होंने शांतिपूर्ण और समावेशी समाज के निर्माण में योगदान देने की बात कही। प्रो. अविनाश यादव ने कहा कि मौजूदा समय में संघर्ष के बजाय संवाद, सहयोग और सह-अस्तित्व की जरूरत है। उन्होंने छात्रों से मानवता, भाईचारे और आपसी सम्मान को प्राथमिकता देने का संदेश दिया। इतिहास विभाग की छात्रा शालिनी मिंज ने विश्व शांति और मानवीय एकता के महत्व पर विचार रखे। हिंदी विभाग की छात्रा आशा किस्पोट्टा ने कविता पाठ के जरिए शांति और भाईचारे का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने प्रेम, सद्भाव, सहिष्णुता और मानवता के मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया।

