अलीराजपुर में चरित्र शंका और रोज-रोज के क्लेश से तंग आकर 47 वर्षीय नहजुबाई ने अपने पति रामा (50 वर्ष) की लट्ठ से पीट-पीटकर हत्या कर दी। वारदात को छिपाने के लिए महिला ने पति के शव को घर में जलाया और अधजले अंगों को रेत के ढेर में दफन कर दिया। 17 दिनों तक दबा यह राज तब खुला जब गुजरात से बड़ा बेटा घर लौटा। घटना जिले के उदयगढ़ थाना क्षेत्र ग्राम तांबी आम्बा, पुजारा फलिया की है। लाश को जलाया और रेत में छुपाया उदयगढ़ थाना प्रभारी ब्रजभूषण हिरवे ने बताया कि 17 दिन पहले हुए विवाद में नहजुबाई ने पति रामा पर लट्ठ से हमला कर उसे मार डाला। इसके बाद धुआं बाहर न निकले, इसलिए जलते शव को ड्रम से ढंक दिया। शव पूरी तरह नहीं जला तो उसने सिर, हाथ और पैर के अधजले अवशेषों को कमरे में रखी रेत में दबा दिया। सुराग मिटाने के लिए आरोपी महिला ने पति के पहचान पत्र, फोटो और अन्य दस्तावेज भी जला दिए। बेटे की पूछताछ में खुला राज रामा के कई दिनों से लापता रहने पर ग्रामीणों ने गुजरात के राजकोट में मजदूरी कर रहे उसके 21 वर्षीय बड़े बेटे राहुल को सूचना दी। राहुल के घर लौटने पर जब उसने मां से सख्ती से पूछताछ की, तो महिला टूट गई और जुर्म कबूल कर लिया। घर के अंदर रेत खोदने पर पिता के अवशेष मिले। महिला गिरफ्तार सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने मानव अवशेषों को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए इंदौर भेजा है। पुलिस ने आरोपी महिला नहजुबाई को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) (हत्या) और 238(ए) (साक्ष्य मिटाना) के तहत केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।

