संसदीय समिति करेगी PSU और सरकारी विभागों में OBC प्रतिनिधित्व की समीक्षा

संसदीय समिति करेगी PSU और सरकारी विभागों में OBC प्रतिनिधित्व की समीक्षा

संसद की अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के कल्याण संबंधी स्थायी समिति ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) और विभिन्न सरकारी विभागों में ओबीसी के लिए रोजगार एवं प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों पर चर्चा करने के मकसद से विभिन्न मंत्रालयों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करने का फैसला किया है। लोकसभा के एक आधिकारिक बुलेटिन के अनुसार, अन्य पिछड़ा वर्ग के कल्याण संबंधी संसदीय समिति (2026-27) ने विभिन्न प्रमुख केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों से जुड़े 33 विषयों को विचार के लिए चुना है। भाजपा सांसद गणेश सिंह की अध्यक्षता वाली 30 सदस्यीय समिति अपनी आगामी बैठकों में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू), केंद्रीय विश्वविद्यालयों, वित्तीय संस्थानों, रक्षा बलों और सरकारी सेवाओं में ओबीसी के प्रतिनिधित्व की समीक्षा करेगी।

लोकसभा के महासचिव उत्पल कुमार सिंह द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, समिति कृषि, शिक्षा, परमाणु ऊर्जा, नागर विमानन, कोयला, वाणिज्य, रक्षा, वित्त, स्वास्थ्य और गृह मामलों सहित प्रमुख मंत्रालयों द्वारा किए गए उपायों का आकलन करेगी। शिक्षा मंत्रालय के संबंध में समिति इस बात का आकलन करेगी कि शैक्षणिक संस्थानों, संगठनों, केंद्रीय विश्वविद्यालयों तथा अन्य उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों में दाखिले, रोजगार और ओबीसी के कल्याण के लिए उनका प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के मकसद से क्या कदम उठाए गए हैं। इसी तरह, गृह मंत्रालय के संबंध में समिति केंद्र शासित प्रदेशों तथा पीएसयू, अन्य संगठनों, पुलिस और अर्धसैनिक बलों में ओबीसी के रोजगार एवं उनके कल्याण के लिए प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के उपायों की समीक्षा करेगी।

बुलेटिन में कहा गया कि कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के संबंध में समिति संविधान के प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार, केंद्र शासित प्रदेशों, पीएसयू, सांविधिक और अर्ध-सरकारी निकायों के तहत पदों एवं सेवाओं में ओबीसी के प्रतिनिधित्व के लिए आरक्षण नीति के क्रियान्वयन और उनके समग्र कल्याण के लिए उठाए गए कदमों के बारे में विचार-विमर्श करेगी। समिति कृषि एवं किसान कल्याण, रसायन एवं उर्वरक, नागर विमानन, कोयला, वाणिज्य एवं उद्योग, संचार, रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी, भारी उद्योग, आवास एवं शहरी मामलों, श्रम एवं रोजगार, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खान, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस, बिजली, इस्पात तथा कपड़ा मंत्रालयों के तहत पीएसयू और अन्य संगठनों में ओबीसी के रोजगार एवं कल्याण के लिए प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के उपायों की भी समीक्षा करेगी।

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