‘अब आतंकी देश मुझसे यह सवाल पूछेगा?’ आतंकवाद पर पाकिस्तानी पत्रकार ने पूछा सवाल तो विदेश मंत्री जयशंकर ने दिया बोलती बंद कर देने वाला जवाब

‘अब आतंकी देश मुझसे यह सवाल पूछेगा?’ आतंकवाद पर पाकिस्तानी पत्रकार ने पूछा सवाल तो विदेश मंत्री जयशंकर ने दिया बोलती बंद कर देने वाला जवाब

यूनाइटेड नेशन्स जनरल असेंबली – यूएनजीए (United Nations General Assembly – UNGA) के 81वें सत्र में शामिल होने के लिए भारत्त के विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S. Jaishankar) भी गए हैं। इसका आयोजन अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में हो रहा है। इस सत्र की साइडलाइन पर मीडिया ब्रीफिंग के दौरान एक पाकिस्तानी पत्रकार ने भारतीय विदेश मंत्री से आतंकवाद पर सवाल पूछकर उनका ध्यान भटकाने की कोशिश की, लेकिन उसका यह दांव उल्टा पड़ गया। पाकिस्तानी पत्रकार के सवाल पर जयशंकर ने ऐसा जवाब दिया कि पाकिस्तानी पत्रकार के पास कहने के लिए कुछ नहीं बचा।

“अब आतंकी देश मुझसे पूछेगा यह सवाल?”

पाकिस्तानी पत्रकार के आतंकवाद पर पूछे गए सवाल पर भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, “अब आतंकी देश मुझसे यह सवाल पूछेगा?” ऐसा कहते हुए जयशंकर ने उस पाकिस्तानी पत्रकार की बोलती बंद कर दी और उठकर चले गए।

कमर्शियल जहाजों और मर्चेंट नाविकों पर बंद होने चाहिए हमले

विदेश मंत्री ने इससे पहले दुनियाभर में कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा, “आप सभी जानते होंगे कि हाल के महीनों में दुनिया ने कमर्शियल जहाजों और मर्चेंट नाविकों पर ऐसे हमले देखे हैं जिन्हें स्वीकार नहीं किया जा सकता। ये हमले होर्मुज स्ट्रेट, लाल सागर और काला सागर में हुए हैं। हमारा मानना ​​है कि इस तरह की हिंसा और जान-माल के नुकसान का कोई औचित्य नहीं हो सकता। सीधे शब्दों में कहें तो, ये हमले बंद होने चाहिए।”

भारत ने लाइबेरिया से मिलाया हाथ

जयशंकर ने आगे कहा, “नाविकों के एक प्रमुख स्रोत देश के तौर पर भारत ने लाइबेरिया से हाथ मिलाया है, जिसके पास सबसे बड़ी शिपिंग रजिस्ट्री है। हमने मिलकर ऐसे अन्य देशों को साथ लिया है जिनकी इस मामले में दिलचस्पी एक जैसी है और साथ ही उन देशों को भी साथ लिया है जिनके पास बड़े जहाज हैं। हाल के महीनों में हुई वैश्विक घटनाओं ने नाविकों की सुरक्षा और संरक्षा के लिए पैदा हुए खतरों को उजागर किया है, जिनमें जहाज पर लंबे समय तक बंद रहना, क्रू बदलने और स्वदेश वापसी में देरी, परिवारों से अलग होना और मानसिक तनाव शामिल हैं और ये सब उन पर होने वाले शारीरिक हमलों के अलावा हैं।”

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