South Africa ने पहले ODI में Australia को 67 रन से हराया, Matthew Breetzke का शतक

South Africa ने पहले ODI में Australia को 67 रन से हराया, Matthew Breetzke का शतक

दक्षिण अफ्रीका ने पहले एकदिवसीय मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को 67 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज में बढ़त बना ली है। किंग्समीड में खेले गए मुकाबले में मैथ्यू ब्रीट्ज़के के शानदार शतक और केशव महाराज की घातक गेंदबाजी ने दक्षिण अफ्रीका की जीत की नींव रखी। ब्रीट्ज़के ने 112 रन बनाए, जबकि महाराज ने केवल 20 रन देकर चार विकेट हासिल किए।

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क, जोश हेजलवुड और नाथन एलिस ने शुरुआती ओवरों में पिच से मिल रही मदद का फायदा उठाया और दक्षिण अफ्रीका को 29 रन पर दो झटके दिए। ऐसे समय में ब्रीट्ज़के ने पारी को संभाला और कप्तान तेम्बा बावुमा के साथ 54 रन की साझेदारी की।

इसके बाद ब्रीट्ज़के ने रियान रिकेल्टन के साथ 42 रन जोड़े। रिकेल्टन 27 रन बनाकर आउट हुए। दक्षिण अफ्रीका की पारी को असली मजबूती छठे विकेट के लिए ब्रीट्ज़के और मार्को यानसन की साझेदारी से मिली। दोनों ने 83 गेंदों पर 107 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।

ब्रीट्ज़के ने 112 रन की पारी खेली, जबकि लंबे कद के यानसन ने केवल 59 गेंदों में 75 रन ठोक दिए। उन्होंने अपनी पारी में सात चौके और चार छक्के लगाए। इन पारियों की मदद से दक्षिण अफ्रीका ने निर्धारित ओवरों में आठ विकेट पर 297 रन बनाए।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया ने शुरुआत में दक्षिण अफ्रीका को पूरी तरह दबाव में ला दिया। कप्तान मिशेल मार्श और ट्रैविस हेड ने पहले 10 ओवर के अंदर ही बिना विकेट गंवाए 90 रन जोड़ दिए। मार्श ने शुरुआत में बेहद आक्रामक बल्लेबाजी की और पहले पांच ओवर में ही पांच छक्के जड़ दिए।

मार्श ने 36 गेंदों पर 60 रन बनाए, जिसमें छह छक्के और पांच चौके शामिल थे। उनकी पारी के दौरान ऐसा लग रहा था कि ऑस्ट्रेलिया आसानी से लक्ष्य तक पहुंच जाएगा। लेकिन केशव महाराज ने मार्श को ब्रीट्ज़के के हाथों कैच कराकर साझेदारी तोड़ दी और यहीं से मुकाबले का रुख बदल गया।

इसके बाद महाराज और ब्योर्न फोर्टुइन की बाएं हाथ की स्पिन जोड़ी ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों पर दबाव बढ़ा दिया। खराब शॉट, शानदार फिल्डिंग और कसी हुई गेंदबाजी के कारण ऑस्ट्रेलिया लगातार विकेट गंवाता गया। महाराज ने चार विकेट लिए, जबकि फोर्टुइन को दो सफलता मिलीं। ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 230 रन पर सिमट गई।

गौरतलब है कि यानसन ने गेंदबाजी में महंगे साबित होने के बावजूद फील्डिंग में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने चार कैच पकड़े, जिसमें मैट रेनशॉ का कैच खास रहा। उन्होंने गहरे क्षेत्र में लंबी छलांग लगाकर शानदार कैच लिया और ऑस्ट्रेलिया की आखिरी बड़ी उम्मीद को भी खत्म कर दिया।

इस शतक के साथ ब्रीट्ज़के ने एक और खास उपलब्धि हासिल की है। दक्षिण अफ्रीका के लिए अपनी पहली 14 एकदिवसीय पारियों में उन्होंने आठ बार 50 या उससे ज्यादा रन बनाए हैं। उन्होंने भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज नवजोत सिंह सिद्धू के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है।

हार के बाद मार्श ने माना कि ऑस्ट्रेलिया अपनी शानदार शुरुआत का फायदा नहीं उठा सका। उन्होंने कहा कि टीम के पास बल्लेबाजी में मौके थे, लेकिन साझेदारियां नहीं बन पाईं। वहीं ब्रीट्ज़के ने कहा कि शुरुआती परिस्थितियां मुश्किल थीं और ऐसी गेंदबाजी के सामने उन्हें टिककर बल्लेबाजी करनी पड़ी। इस जीत के साथ दक्षिण अफ्रीका ने श्रृंखला में महत्वपूर्ण बढ़त बना ली है।

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