MTH में PG छात्रा से रैगिंग की शिकायत पर कार्रवाई:HOD समेत सीनियर डॉक्टरों को नोटिस, 2 प्रोफेसर ऑब्जर्वर नियुक्त

MTH में PG छात्रा से रैगिंग की शिकायत पर कार्रवाई:HOD समेत सीनियर डॉक्टरों को नोटिस, 2 प्रोफेसर ऑब्जर्वर नियुक्त

एमटीएच अस्पताल में PG विद्यार्थी डॉ. सिम्मी यादव से रैगिंग और ड्यूटी को लेकर सामने आई शिकायत के बाद कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में विभाग के HOD डॉ. नीलेश दलाल समेत शिकायत से संबंधित सीनियर डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस (SCN) जारी किए गए हैं। साथ ही विभाग की निगरानी के लिए दो वरिष्ठ प्रोफेसरों को ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया है। डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने डॉक्टरों, PG विद्यार्थियों और सीनियर रेजिडेंट्स के साथ बैठक कर पूरे मामले सहित कार्यस्थल के माहौल, ड्यूटी व्यवस्था, तनाव प्रबंधन और आपसी संवाद पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि रैगिंग को लेकर अस्पताल की जीरो टॉलरेंस नीति है। सीनियर द्वारा जूनियर को बुली करना, परेशान करना या किसी भी तरह का अनुचित व्यवहार रैगिंग की श्रेणी में आता है। छात्रा के पिता और भाई की ओर से भी शिकायत
डीन ने बताया कि रैगिंग को लेकर शिकायत प्राप्त हुई थी। जूनियर और सीनियर के बीच ड्यूटी से जुड़ा एक विषय भी सामने आया था। इस संबंध में छात्रा के पिता और भाई की ओर से भी शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायत मिलने के बाद तत्काल कार्रवाई शुरू की गई। मामले की जांच के लिए एंटी रैगिंग कमेटी सहित तीन संबंधित कमेटी बनाई गई है। कमेटियों की जांच और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। HOD का रोटेशन, दूसरे प्रोफेसर को दी जिम्मेदारी
विभाग के यूनिट हेड को फिलहाल रोटेशन के तहत बदल दिया गया है और दूसरे प्रोफेसर को जिम्मेदारी दी गई है। डीन के मुताबिक, संबंधित प्रोफेसर छात्रा के मेंटर भी हैं। उन्हें विभाग की स्थिति सामान्य करने और ड्यूटी से जुड़ी समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने विभाग की कार्यप्रणाली और छात्रों की शिकायतों की निगरानी के लिए दो वरिष्ठ प्रोफेसरों को ऑब्जर्वर नियुक्त किया है। PSM विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. सलील साकल्ले और डॉ. बीना को यह जिम्मेदारी दी गई है। दोनों ऑब्जर्वर रोजाना विद्यार्थियों से संवाद करेंगे, विभाग के माहौल की निगरानी करेंगे और छात्रों की समस्याओं एवं शिकायतों की जानकारी डीन तक पहुंचाएंगे। 12 घंटे से ज्यादा ड्यूटी नहीं बैठक में PG विद्यार्थियों और डॉक्टरों की ड्यूटी व्यवस्था को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए गए। डीन ने कहा कि डॉक्टरों की ड्यूटी 12 घंटे से अधिक नहीं होगी। सामान्य परिस्थितियों में प्रतिदिन 8 घंटे की ड्यूटी का रोस्टर रहेगा, जबकि इमरजेंसी की स्थिति में अधिकतम 12 घंटे तक ड्यूटी ली जा सकेगी। काम के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी जोर
डॉ. घनघोरिया ने डॉक्टरों और PG विद्यार्थियों से कहा कि चिकित्सा का क्षेत्र जिम्मेदारी और लंबे कार्य घंटों वाला है। ऐसे में काम और व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने तनाव की स्थिति में सहकर्मियों, वरिष्ठों, मित्रों और परिवार से संवाद करने तथा आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ की मदद लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि किसी भी कठिन परिस्थिति में जीवन से हार नहीं माननी चाहिए। अस्पताल प्रशासन का उद्देश्य मरीजों की बेहतर सेवा के साथ-साथ चिकित्सकीय टीम के लिए सकारात्मक और सुरक्षित कार्यस्थल का वातावरण सुनिश्चित करना है। यह है पुरा मामला
MGM मेडिकल कॉलेज और एमटीएच अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में JR-1 के तौर पर काम कर रहीं डॉ. सिम्मी यादव के इंसुलिन ओवरडोज लेने के बाद ICU में भर्ती हुई थी। मामले में नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) तक में भी शिकायत हुई थी। डॉ. सिम्मी के भाई कुणाल यादव ने NMC के एंटी रैगिंग सेल समेत संबंधित अधिकारियों को शिकायत भेजकर रैगिंग, मानसिक प्रताड़ना, सार्वजनिक रूप से अपमानित करने, धमकाने और पढ़ाई प्रभावित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

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