अनंत चतुर्दशी पर मंदिरों में उमड़ी भक्तों की भीड़:पाकुड़ में श्रद्धालुओं ने भगवान विष्णु की पूजा कर अनंत सूत्र बांधा, पुरोहित ने सुनाई कथा

अनंत चतुर्दशी पर मंदिरों में उमड़ी भक्तों की भीड़:पाकुड़ में श्रद्धालुओं ने भगवान विष्णु की पूजा कर अनंत सूत्र बांधा, पुरोहित ने सुनाई कथा

पाकुड़ जिले में शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी का पर्व पूरे भक्ति भाव से मनाया गया। इस दौरान शहर के मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। हिंदू धर्म में भगवान विष्णु के असीम स्वरूप को ‘अनंत’ कहा जाता है। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को यह पर्व मनाया जाता है। इसमें भगवान विष्णु के अनंत रूप की पूजा की जाती है और 14 गांठों वाला ‘अनंत सूत्र’ (धागा) बांधने का विधान है। दोपहर में पुरोहितों ने भगवान अनंत की कथा सुनाई। इसके बाद लोगों ने दान-दक्षिणा दी और अपने दाहिने हाथ में अनंत सूत्र बांधकर प्रसाद ग्रहण किया। पाकुड़ शहर के शिव शीतला मंदिर, ठाकुरबारी मंदिर, हनुमान मंदिर और राधा कृष्ण मंदिर समेत कई जगहों पर भक्तों की भीड़ देखी गई। लोग सुबह स्नान कर अपने नजदीकी मंदिरों में पहुंचे और भगवान विष्णु की पूजा की। अनंत चतुर्दशी को लेकर बाजारों में भी रौनक थी। लोग पूजा के लिए फल, पूजा सामग्री और फूल खरीदते दिखे। शहर के ठाकुरबारी मंदिर के पुरोहित भारतेंदु ने बताया कि अनंत चतुर्दशी का व्रत रखने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। उन्होंने कहा कि यह पर्व गणपति उत्सव के दसवें दिन, जब भगवान गणेश का विसर्जन होता है, उसी दिन मनाया जाता है। पाकुड़ जिले में शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी का पर्व पूरे भक्ति भाव से मनाया गया। इस दौरान शहर के मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। हिंदू धर्म में भगवान विष्णु के असीम स्वरूप को ‘अनंत’ कहा जाता है। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को यह पर्व मनाया जाता है। इसमें भगवान विष्णु के अनंत रूप की पूजा की जाती है और 14 गांठों वाला ‘अनंत सूत्र’ (धागा) बांधने का विधान है। दोपहर में पुरोहितों ने भगवान अनंत की कथा सुनाई। इसके बाद लोगों ने दान-दक्षिणा दी और अपने दाहिने हाथ में अनंत सूत्र बांधकर प्रसाद ग्रहण किया। पाकुड़ शहर के शिव शीतला मंदिर, ठाकुरबारी मंदिर, हनुमान मंदिर और राधा कृष्ण मंदिर समेत कई जगहों पर भक्तों की भीड़ देखी गई। लोग सुबह स्नान कर अपने नजदीकी मंदिरों में पहुंचे और भगवान विष्णु की पूजा की। अनंत चतुर्दशी को लेकर बाजारों में भी रौनक थी। लोग पूजा के लिए फल, पूजा सामग्री और फूल खरीदते दिखे। शहर के ठाकुरबारी मंदिर के पुरोहित भारतेंदु ने बताया कि अनंत चतुर्दशी का व्रत रखने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। उन्होंने कहा कि यह पर्व गणपति उत्सव के दसवें दिन, जब भगवान गणेश का विसर्जन होता है, उसी दिन मनाया जाता है।  

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