शिवहर में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाते हुए प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने जीरोमाइल चौक पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका और उनके इस्तीफे की मांग की। यह प्रदर्शन पूर्व विधानसभा प्रत्याशी नवनीत कुमार झा के नेतृत्व में हुआ। पुतला दहन के बाद नवनीत कुमार झा ने सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना ही होगा। झा ने आरोप लगाया कि RJD को दो बार मिले मैंडेट से वंचित किया गया है, और चुनाव आयोग के कामकाज पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। ”कई मामलों में लिखित आपत्ति जताई” उन्होंने चुनाव आयोग पर तंज कसते हुए कहा, “यह चुनाव आयोग है या भाजपा आयोग?” झा ने दावा किया कि लोकतंत्र में जनता के वोट की ताकत सबसे ऊपर है, लेकिन चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों से आम लोगों के मन में भी संदेह पैदा हो रहा है। नवनीत कुमार झा ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की हालिया रिपोर्ट का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि दो चुनाव आयुक्तों ने कई मामलों में लिखित आपत्ति जताई है। रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों में कम से कम 14 बार आयोग के कुछ फैसलों पर आपत्ति दर्ज की थी। पुतला जलाकर किया विरोध झा ने सवाल उठाया कि जब दो चुनाव आयुक्त चिट्ठी लिखकर पूछ रहे हैं कि आखिर यह हो क्या रहा है, तो सरकार की तरफ से इसका कोई साफ जवाब क्यों नहीं है? उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था के कामकाज में पारदर्शिता जरूरी है और उठ रहे सवालों का जवाब जनता के सामने आना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान RJD कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लगाए और पुतला फूंककर अपना विरोध जताया। इस कार्यक्रम में कई RJD कार्यकर्ता मौजूद थे। नवनीत कुमार झा ने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाती रहेगी और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग करती रहेगी। शिवहर में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाते हुए प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने जीरोमाइल चौक पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका और उनके इस्तीफे की मांग की। यह प्रदर्शन पूर्व विधानसभा प्रत्याशी नवनीत कुमार झा के नेतृत्व में हुआ। पुतला दहन के बाद नवनीत कुमार झा ने सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना ही होगा। झा ने आरोप लगाया कि RJD को दो बार मिले मैंडेट से वंचित किया गया है, और चुनाव आयोग के कामकाज पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। ”कई मामलों में लिखित आपत्ति जताई” उन्होंने चुनाव आयोग पर तंज कसते हुए कहा, “यह चुनाव आयोग है या भाजपा आयोग?” झा ने दावा किया कि लोकतंत्र में जनता के वोट की ताकत सबसे ऊपर है, लेकिन चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों से आम लोगों के मन में भी संदेह पैदा हो रहा है। नवनीत कुमार झा ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की हालिया रिपोर्ट का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि दो चुनाव आयुक्तों ने कई मामलों में लिखित आपत्ति जताई है। रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों में कम से कम 14 बार आयोग के कुछ फैसलों पर आपत्ति दर्ज की थी। पुतला जलाकर किया विरोध झा ने सवाल उठाया कि जब दो चुनाव आयुक्त चिट्ठी लिखकर पूछ रहे हैं कि आखिर यह हो क्या रहा है, तो सरकार की तरफ से इसका कोई साफ जवाब क्यों नहीं है? उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था के कामकाज में पारदर्शिता जरूरी है और उठ रहे सवालों का जवाब जनता के सामने आना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान RJD कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लगाए और पुतला फूंककर अपना विरोध जताया। इस कार्यक्रम में कई RJD कार्यकर्ता मौजूद थे। नवनीत कुमार झा ने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाती रहेगी और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग करती रहेगी।

