India-NZ Relations: भारत और न्यूजीलैंड के रिश्ते अब एक नए दौर में पहुंचने वाले हैं। दोनों देशों के बीच ‘फ्री ट्रेड एग्रीमेंट’ यानी FTA 20 अक्टूबर 2026 से लागू होगा। इस समझौते से सिर्फ कारोबार को बढ़ावा देने की कोशिश नहीं है। इसका असर छात्रों, प्रोफेशनल्स और युवाओं की आवाजाही पर भी देखने को मिलेगा।
न्यूजीलैंड के हाई कमिश्नर पैट्रिक जॉन राटा ने कहा है कि FTA दोनों देशों की नई स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप का अहम हिस्सा है। इसके साथ ही डायरेक्ट फ्लाइट्स, एजुकेशन कनेक्शन और यूथ मोबिलिटी जैसे मुद्दे भी आगे बढ़ाने पर जोर है।
FTA से कारोबार को मिलेगा नया रास्ता
भारत-न्यूजीलैंड FTA दोनों देशों के कारोबार के लिए कई नए रास्ते खोलता है। भारत के सभी एक्सपोर्ट्स को न्यूजीलैंड में ड्यूटी-फ्री एक्सेस मिलेगा। इससे टेक्सटाइल, लेदर, फुटवियर, इंजीनियरिंग और प्रोसेस्ड फूड जैसे क्षेत्रों को फायदा मिलने की उम्मीद है। बता दें न्यूजीलैंड ने भारत को करीब 118 सर्विस सेक्टर में मार्केट एक्सेस दिया है। इनमें IT, प्रोफेशनल सर्विसेज, टेलीकॉम, कंस्ट्रक्शन, एजुकेशन और टूरिज्म जैसे क्षेत्र शामिल हैं। समझौते में न्यूजीलैंड की ओर से भारत में 15 साल में 20 अरब डॉलर के निवेश को सुविधाजनक बनाने की कमिटमेंट भी शामिल है।
छात्रों और प्रोफेशनल्स के लिए क्या बदलेगा?
FTA का एक बड़ा हिस्सा लोगों की आवाजाही से जुड़ा है। भारतीय छात्रों के लिए न्यूजीलैंड में पढ़ाई के दौरान हर सप्ताह कम से कम 20 घंटे काम करने का प्रावधान है। STEM में बैचलर और मास्टर डिग्री करने वाले छात्रों को पढ़ाई के बाद तीन साल तक काम का अवसर मिल सकता है। वहीं, डॉक्टरेट छात्रों के लिए यह अवधि चार साल तक है। भारतीय छात्रों पर संख्या की सीमा हटाने का भी प्रावधान किया गया है।
भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए भी एक नया रास्ता बनाया गया है। इसके तहत किसी भी समय 5,000 तक ‘Temporary Employment Entry’ वीजा उपलब्ध हो सकते हैं। इस रास्ते से योग्य प्रोफेशनल्स को तीन साल तक काम करने का मौका मिल सकता है। इसमें IT, इंजीनियरिंग, हेल्थ केयर, एजुकेशन और कंस्ट्रक्शन जैसे क्षेत्र शामिल हैं। योग इंस्ट्रक्टर, भारतीय शेफ, म्यूजिक टीचर और AYUSH प्रैक्टिशनर जैसे प्रोफेशन भी इसमें शामिल हैं।
डायरेक्ट फ्लाइट और यूथ मोबिलिटी पर भी नजर
भारत और न्यूजीलैंड के बीच सीधे हवाई संपर्क को लेकर भी उम्मीदें बढ़ी हैं। हाई कमिश्नर पैट्रिक राटा ने कहा है कि दोनों देशों के बीच डायरेक्ट फ्लाइट शुरू होने की उम्मीद है। एजुकेशन सेक्टर में भी सहयोग बढ़ाने की तैयारी है। न्यूजीलैंड के संस्थान भारतीय संस्थानों के साथ रिसर्च और अकादमिक पार्टनरशिप बढ़ाने के रास्ते तलाश रहे हैं।
युवाओं के लिए भी FTA में खास प्रावधान है। हर साल 1,000 युवा भारतीयों को ‘Working Holiday Visa’ मिल सकता है। यह वीजा 12 महीने तक न्यूजीलैंड में रहने और काम करने की सुविधा देता है।
इस तरह भारत-न्यूजीलैंड की साझेदारी अब सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं रह गई है। कारोबार, शिक्षा, रोजगार, निवेश और लोगों के बीच संपर्क इसके अहम हिस्से बन रहे हैं। 20 अक्टूबर से FTA लागू होने के बाद इन क्षेत्रों में गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है।




