सहरसा में BJP नेता का निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान:29 सितंबर को कोसी स्नातक सीट से भरेंगे नामांकन; शिक्षा-युवाओं के मुद्दे उठाने की बात

सहरसा में BJP नेता का निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान:29 सितंबर को कोसी स्नातक सीट से भरेंगे नामांकन; शिक्षा-युवाओं के मुद्दे उठाने की बात

सहरसा। भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक डॉ. संजीव कुमार पोद्दार शुक्रवार को सहरसा पहुंचे। उन्होंने देव पैलेस में प्रेसवार्ता कर कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि 29 सितंबर को नामांकन पत्र दाखिल करने की तैयारी है। कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव को लेकर अलग-अलग दावेदारों की गतिविधियां पहले से जारी हैं। शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों को बताया प्राथमिकता डॉ. पोद्दार ने कहा कि वे छात्र जीवन से ही छात्र नेतृत्व से जुड़े रहे हैं। बिहार की शिक्षा व्यवस्था और शिक्षित युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर वे चुनाव मैदान में उतर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि बिहार को शिक्षा के क्षेत्र में राजस्थान के कोटा जैसी पहचान कब मिलेगी। उन्होंने कहा कि आज भी बिहार के विद्यार्थी उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दूसरे राज्यों में जा रहे हैं। उनके अनुसार, कोसी स्नातक क्षेत्र से चुने जाने वाले एमएलसी को सदन में इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाना चाहिए। शिक्षक, आशा और आंगनबाड़ी कर्मियों की समस्याएं भी उठाईं डॉ. पोद्दार ने शिक्षकों, अनुकंपा आश्रितों, अधिवक्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं और रात्रि प्रहरियों की समस्याओं को भी प्रमुख मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि वित्तरहित शिक्षकों की स्थिति लंबे समय से खराब है और अनुकंपा आश्रितों की नियुक्ति में भी देरी होती है। उन्होंने वकीलों के चैंबर की स्थिति सुधारने, आशा और आंगनबाड़ी कर्मियों का मानदेय बढ़ाने तथा रात्रि प्रहरियों को उचित वेतन दिलाने के लिए सदन में आवाज उठाने की बात कही। विधान परिषद उम्मीदवारों की योग्यता पर भी उठाया सवाल डॉ. पोद्दार ने कहा कि बिहार विधान परिषद के चुनाव में उम्मीदवारों की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता इंटरमीडिएट होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र पढ़े-लिखे मतदाताओं का क्षेत्र है और प्रतिनिधियों को उनके सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के बाद उनकी प्राथमिकता क्षेत्र की समस्याओं को सदन में उठाना होगी। उन्होंने कहा, “मैं जीत का माला नहीं, बल्कि समस्याओं का माला पहनूंगा। जरूरत पड़ी तो इन मुद्दों के लिए लाठी भी खानी पड़ेगी।” हर पंचायत में एंबुलेंस और जरूरी दवाओं की मांग डॉ. पोद्दार ने प्रत्येक पंचायत में एंबुलेंस की व्यवस्था करने की मांग की। उन्होंने सांप-बिच्छू के काटने वाले मरीजों के लिए जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी बात कही। उन्होंने स्नातक मतदाताओं और युवाओं से अपील की कि वे अपने प्रतिनिधियों से क्षेत्र की समस्याओं के समाधान को लेकर सवाल करें। डॉक्टरों की हड़ताल पर सरकार से हस्तक्षेप की मांग प्रेसवार्ता में उन्होंने पत्रकार और डॉक्टर के बीच हुए विवाद के बाद दो डॉक्टरों के तबादले के विरोध में चल रही डॉक्टरों की हड़ताल का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि हड़ताल के कारण सहरसा में स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित हो रही है और आम लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने राज्य सरकार से मामले में तत्काल संज्ञान लेकर समाधान निकालने की मांग की। डॉ. पोद्दार ने कहा कि अगर विवाद किसी एक व्यक्ति के साथ हुआ है तो उसका असर आम लोगों की स्वास्थ्य सेवाओं पर नहीं पड़ना चाहिए। सहरसा। भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक डॉ. संजीव कुमार पोद्दार शुक्रवार को सहरसा पहुंचे। उन्होंने देव पैलेस में प्रेसवार्ता कर कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि 29 सितंबर को नामांकन पत्र दाखिल करने की तैयारी है। कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव को लेकर अलग-अलग दावेदारों की गतिविधियां पहले से जारी हैं। शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों को बताया प्राथमिकता डॉ. पोद्दार ने कहा कि वे छात्र जीवन से ही छात्र नेतृत्व से जुड़े रहे हैं। बिहार की शिक्षा व्यवस्था और शिक्षित युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर वे चुनाव मैदान में उतर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि बिहार को शिक्षा के क्षेत्र में राजस्थान के कोटा जैसी पहचान कब मिलेगी। उन्होंने कहा कि आज भी बिहार के विद्यार्थी उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दूसरे राज्यों में जा रहे हैं। उनके अनुसार, कोसी स्नातक क्षेत्र से चुने जाने वाले एमएलसी को सदन में इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाना चाहिए। शिक्षक, आशा और आंगनबाड़ी कर्मियों की समस्याएं भी उठाईं डॉ. पोद्दार ने शिक्षकों, अनुकंपा आश्रितों, अधिवक्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं और रात्रि प्रहरियों की समस्याओं को भी प्रमुख मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि वित्तरहित शिक्षकों की स्थिति लंबे समय से खराब है और अनुकंपा आश्रितों की नियुक्ति में भी देरी होती है। उन्होंने वकीलों के चैंबर की स्थिति सुधारने, आशा और आंगनबाड़ी कर्मियों का मानदेय बढ़ाने तथा रात्रि प्रहरियों को उचित वेतन दिलाने के लिए सदन में आवाज उठाने की बात कही। विधान परिषद उम्मीदवारों की योग्यता पर भी उठाया सवाल डॉ. पोद्दार ने कहा कि बिहार विधान परिषद के चुनाव में उम्मीदवारों की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता इंटरमीडिएट होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र पढ़े-लिखे मतदाताओं का क्षेत्र है और प्रतिनिधियों को उनके सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के बाद उनकी प्राथमिकता क्षेत्र की समस्याओं को सदन में उठाना होगी। उन्होंने कहा, “मैं जीत का माला नहीं, बल्कि समस्याओं का माला पहनूंगा। जरूरत पड़ी तो इन मुद्दों के लिए लाठी भी खानी पड़ेगी।” हर पंचायत में एंबुलेंस और जरूरी दवाओं की मांग डॉ. पोद्दार ने प्रत्येक पंचायत में एंबुलेंस की व्यवस्था करने की मांग की। उन्होंने सांप-बिच्छू के काटने वाले मरीजों के लिए जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी बात कही। उन्होंने स्नातक मतदाताओं और युवाओं से अपील की कि वे अपने प्रतिनिधियों से क्षेत्र की समस्याओं के समाधान को लेकर सवाल करें। डॉक्टरों की हड़ताल पर सरकार से हस्तक्षेप की मांग प्रेसवार्ता में उन्होंने पत्रकार और डॉक्टर के बीच हुए विवाद के बाद दो डॉक्टरों के तबादले के विरोध में चल रही डॉक्टरों की हड़ताल का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि हड़ताल के कारण सहरसा में स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित हो रही है और आम लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने राज्य सरकार से मामले में तत्काल संज्ञान लेकर समाधान निकालने की मांग की। डॉ. पोद्दार ने कहा कि अगर विवाद किसी एक व्यक्ति के साथ हुआ है तो उसका असर आम लोगों की स्वास्थ्य सेवाओं पर नहीं पड़ना चाहिए।  

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