गयाजी नगर निगम ने पितृपक्ष मेला-2026 के लिए बड़ी तैयारी की है। इसका मकसद देश-दुनिया से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा देना है। गुरुवार को नगर निगम की पीसी में मेयर गणेश पासवान और पूर्व डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव ने मेला क्षेत्र में चल रहे कामों और सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गयाजी की पहचान सिर्फ 15 दिन के पितृपक्ष मेले से नहीं है, बल्कि यह भगवान विष्णु की चरणस्थली और मोक्षधाम के रूप में सालभर बनी रहती है। इसी सोच के साथ इस बार व्यवस्थाओं को मेले के बाद भी स्थायी बनाने पर जोर दिया गया है। मेयर गणेश पासवान और मोहन श्रीवास्तव ने कहा नगर निगम ने मेला क्षेत्र को सफाई के लिए पांच जोन में बांटा है। सात प्रमुख घाटों, 17 प्रमुख वेदियों, पिंडवेदियों और तालाबों की खास सफाई की गई है। मुख्य सड़कों और उन इलाकों में जहां पहले कम ध्यान दिया जाता था, वहां अब मशीनों से सफाई का इंतजाम किया गया है। रात में भी सफाई कराई जा रही है, ताकि सुबह श्रद्धालुओं को साफ-सुथरा माहौल मिल सके। नगर निगम के मुताबिक, शहरी क्षेत्र में मेला क्षेत्र की सैकड़ों टूटी-फूटी सड़कों, गलियों और नालियों की मरम्मत और निर्माण किया गया है। इन कार्यों पर करीब तीन से चार करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। पिंडवेदियों और प्रमुख स्थलों की रंगाई-पुताई भी कराई गई है। टूटे प्याऊ, टाइल्स और अन्य नागरिक सुविधाओं को भी दुरुस्त किया गया है। 25 जगह प्याऊ, 17 स्थानों पर वाटर एटीएम
श्रद्धालुओं के लिए पेयजल की व्यवस्था को नगर निगम ने प्रमुख प्राथमिकताओं में रखा है। करीब 25 स्थानों पर प्याऊ और आरओ वाटर की व्यवस्था की गई है। वहीं 17 स्थानों पर वाटर एटीएम और चिलर लगाने की योजना है। इनमें अधिकांश स्थानों पर काम पूरा हो चुका है और शेष जगहों पर काम जारी है। विष्णुपद मंदिर, श्मशान घाट के आसपास सहित प्रमुख स्थानों पर श्रद्धालुओं को शुद्ध और ठंडा पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा मेला क्षेत्र में डीलक्स शौचालय, बायो टॉयलेट और मोबाइल शौचालय भी लगाए गए हैं।
फाल्गु नदी से लेकर घाट-तालाब तक विशेष सफाई
फाल्गु नदी में जमा कचरा और गंदगी हटाने के लिए क्लीनिंग बोट का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रमुख घाटों और तालाबों की रगड़कर सफाई कराई गई है। नगर निगम का कहना है कि श्रद्धालुओं को पिंडदान और तर्पण के दौरान स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के लिए घाटों की सफाई पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। बताया गया कि पूर्व में शौचालयों के टाइल्स, नल और अन्य सामान चोरी या क्षतिग्रस्त किए जाने की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा और निगरानी को लेकर भी विशेष व्यवस्था की जा रही है।
विष्णुपद और सीताकुंड में दिखेगा गयाजी का इतिहास
इस बार नगर निगम की योजना सिर्फ सफाई और मूलभूत सुविधाओं तक सीमित नहीं है। विष्णुपद, सीताकुंड और देवघाट जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों को सालभर आकर्षण का केंद्र बनाने के लिए लेजर लाइट एंड साउंड शो की योजना पर काम किया जा रहा है। लाइट एंड साउंड के माध्यम से भगवान विष्णु के चरण, गया जी में पिंडदान की परंपरा, माता सीता से जुड़ी धार्मिक कथा और गया जी के धार्मिक महत्व को दृश्य एवं श्रव्य माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। गयाजी नगर निगम ने पितृपक्ष मेला-2026 के लिए बड़ी तैयारी की है। इसका मकसद देश-दुनिया से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा देना है। गुरुवार को नगर निगम की पीसी में मेयर गणेश पासवान और पूर्व डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव ने मेला क्षेत्र में चल रहे कामों और सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गयाजी की पहचान सिर्फ 15 दिन के पितृपक्ष मेले से नहीं है, बल्कि यह भगवान विष्णु की चरणस्थली और मोक्षधाम के रूप में सालभर बनी रहती है। इसी सोच के साथ इस बार व्यवस्थाओं को मेले के बाद भी स्थायी बनाने पर जोर दिया गया है। मेयर गणेश पासवान और मोहन श्रीवास्तव ने कहा नगर निगम ने मेला क्षेत्र को सफाई के लिए पांच जोन में बांटा है। सात प्रमुख घाटों, 17 प्रमुख वेदियों, पिंडवेदियों और तालाबों की खास सफाई की गई है। मुख्य सड़कों और उन इलाकों में जहां पहले कम ध्यान दिया जाता था, वहां अब मशीनों से सफाई का इंतजाम किया गया है। रात में भी सफाई कराई जा रही है, ताकि सुबह श्रद्धालुओं को साफ-सुथरा माहौल मिल सके। नगर निगम के मुताबिक, शहरी क्षेत्र में मेला क्षेत्र की सैकड़ों टूटी-फूटी सड़कों, गलियों और नालियों की मरम्मत और निर्माण किया गया है। इन कार्यों पर करीब तीन से चार करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। पिंडवेदियों और प्रमुख स्थलों की रंगाई-पुताई भी कराई गई है। टूटे प्याऊ, टाइल्स और अन्य नागरिक सुविधाओं को भी दुरुस्त किया गया है। 25 जगह प्याऊ, 17 स्थानों पर वाटर एटीएम
श्रद्धालुओं के लिए पेयजल की व्यवस्था को नगर निगम ने प्रमुख प्राथमिकताओं में रखा है। करीब 25 स्थानों पर प्याऊ और आरओ वाटर की व्यवस्था की गई है। वहीं 17 स्थानों पर वाटर एटीएम और चिलर लगाने की योजना है। इनमें अधिकांश स्थानों पर काम पूरा हो चुका है और शेष जगहों पर काम जारी है। विष्णुपद मंदिर, श्मशान घाट के आसपास सहित प्रमुख स्थानों पर श्रद्धालुओं को शुद्ध और ठंडा पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा मेला क्षेत्र में डीलक्स शौचालय, बायो टॉयलेट और मोबाइल शौचालय भी लगाए गए हैं।
फाल्गु नदी से लेकर घाट-तालाब तक विशेष सफाई
फाल्गु नदी में जमा कचरा और गंदगी हटाने के लिए क्लीनिंग बोट का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रमुख घाटों और तालाबों की रगड़कर सफाई कराई गई है। नगर निगम का कहना है कि श्रद्धालुओं को पिंडदान और तर्पण के दौरान स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के लिए घाटों की सफाई पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। बताया गया कि पूर्व में शौचालयों के टाइल्स, नल और अन्य सामान चोरी या क्षतिग्रस्त किए जाने की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा और निगरानी को लेकर भी विशेष व्यवस्था की जा रही है।
विष्णुपद और सीताकुंड में दिखेगा गयाजी का इतिहास
इस बार नगर निगम की योजना सिर्फ सफाई और मूलभूत सुविधाओं तक सीमित नहीं है। विष्णुपद, सीताकुंड और देवघाट जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों को सालभर आकर्षण का केंद्र बनाने के लिए लेजर लाइट एंड साउंड शो की योजना पर काम किया जा रहा है। लाइट एंड साउंड के माध्यम से भगवान विष्णु के चरण, गया जी में पिंडदान की परंपरा, माता सीता से जुड़ी धार्मिक कथा और गया जी के धार्मिक महत्व को दृश्य एवं श्रव्य माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा।

