जमुई की घटना के विरोध में राजद का प्रदर्शन:सीएम का पुतला फूंका; दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

जमुई की घटना के विरोध में राजद का प्रदर्शन:सीएम का पुतला फूंका; दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

जमुई सदर थाना क्षेत्र के मड़वा पहाड़ी इलाके में नाबालिग छात्रा-छात्र के साथ हुई घटना के विरोध में गुरुवार को कचहरी चौक पर राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला जलाकर अपना विरोध जताया। इस दौरान नेताओं ने बिहार में बढ़ते अपराध का आरोप लगाते हुए सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन में पूर्व राजद प्रत्याशी शमशाद आलम, डॉ. त्रिवेणी यादव, बाबू साहब और रामदेव यादव समेत कई अन्य नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। राजद नेता डॉ. त्रिवेणी यादव ने कहा कि पूरे बिहार में अराजकता का माहौल है। उन्होंने मुख्यमंत्री के एक पुराने बयान का जिक्र किया, जिसमें महिलाओं के साथ किसी भी घटना पर कार्रवाई की बात कही गई थी। यादव ने बताया कि जमुई के अलावा नवादा, पटना, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, बेगूसराय, गया, भागलपुर, मुंगेर, खगड़िया, कटिहार, पूर्णिया, सहरसा और सुपौल जैसे कई जिलों में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं। त्रिवेणी यादव ने मांग की कि अपराधियों पर सख्त कार्रवाई हो। उन्होंने जमुई की घटना में शामिल सभी आरोपियों को फांसी की सजा देने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाने के बजाय, दोषियों को कानून के तहत सजा मिलनी चाहिए। यादव ने कोर्ट परिसर में पुलिस हिरासत में आरोपी के साथ वकील द्वारा की गई मारपीट की घटना की जांच की भी मांग की। उन्होंने कहा कि अदालत में पेश होने के बाद आरोपी की सुरक्षा पुलिस और जिला प्रशासन की जिम्मेदारी होती है। उन्होंने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था में चूक का आरोप लगाते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की मांग की। यादव ने साफ किया कि किसी भी आरोपी को सजा देने का अधिकार सिर्फ न्यायालय को है। दोषी को संविधान और कानून के तहत ही सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कार्रवाई की मांग की। जमुई सदर थाना क्षेत्र के मड़वा पहाड़ी इलाके में नाबालिग छात्रा-छात्र के साथ हुई घटना के विरोध में गुरुवार को कचहरी चौक पर राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला जलाकर अपना विरोध जताया। इस दौरान नेताओं ने बिहार में बढ़ते अपराध का आरोप लगाते हुए सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन में पूर्व राजद प्रत्याशी शमशाद आलम, डॉ. त्रिवेणी यादव, बाबू साहब और रामदेव यादव समेत कई अन्य नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। राजद नेता डॉ. त्रिवेणी यादव ने कहा कि पूरे बिहार में अराजकता का माहौल है। उन्होंने मुख्यमंत्री के एक पुराने बयान का जिक्र किया, जिसमें महिलाओं के साथ किसी भी घटना पर कार्रवाई की बात कही गई थी। यादव ने बताया कि जमुई के अलावा नवादा, पटना, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, बेगूसराय, गया, भागलपुर, मुंगेर, खगड़िया, कटिहार, पूर्णिया, सहरसा और सुपौल जैसे कई जिलों में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं। त्रिवेणी यादव ने मांग की कि अपराधियों पर सख्त कार्रवाई हो। उन्होंने जमुई की घटना में शामिल सभी आरोपियों को फांसी की सजा देने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाने के बजाय, दोषियों को कानून के तहत सजा मिलनी चाहिए। यादव ने कोर्ट परिसर में पुलिस हिरासत में आरोपी के साथ वकील द्वारा की गई मारपीट की घटना की जांच की भी मांग की। उन्होंने कहा कि अदालत में पेश होने के बाद आरोपी की सुरक्षा पुलिस और जिला प्रशासन की जिम्मेदारी होती है। उन्होंने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था में चूक का आरोप लगाते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की मांग की। यादव ने साफ किया कि किसी भी आरोपी को सजा देने का अधिकार सिर्फ न्यायालय को है। दोषी को संविधान और कानून के तहत ही सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कार्रवाई की मांग की।  

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