गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में हुए विवाद का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। बुधवार को लगाए गए आरोपों के जवाब में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। प्रांत सह मंत्री निखिल गुप्ता ने आरोप लगाया कि कुछ लोग ABVP और उसके कार्यकर्ताओं पर झूठे और मनगढ़ंत आरोप लगाकर संगठन की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास आरोपों से जुड़े प्रमाण हैं तो उन्हें सार्वजनिक किया जाना चाहिए। सोने की चेन के आरोप पर पूछा-प्रमाण कहां हैं? निखिल गुप्ता ने बुधवार को लगाए गए तीन लाख रुपए की सोने की चेन छीने जाने के आरोप पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि चेन छीने जाने की घटना हुई है तो संबंधित व्यक्ति उसके प्रमाण और पुलिस में दर्ज शिकायत सार्वजनिक करे। केवल आरोप लगाने से बात साबित नहीं होती। उन्होंने शिक्षकों और कार्यकर्ताओं पर शराब पीने के आरोपों को लेकर भी कहा कि आरोप लगाने वाले सामने आएं और नियमानुसार मेडिकल जांच कराएं। जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। ABVP ने भी कुछ दस्तावेज दिखाए प्रेस कॉन्फ्रेंस में ABVP पदाधिकारियों ने कुछ दस्तावेज और तथ्यों को सामने रखा। संगठन का आरोप है कि कुछ छात्र आम विद्यार्थियों को गुमराह कर उनसे पैसे वसूल रहे हैं। परिषद ने कहा कि यदि इन आरोपों पर किसी को आपत्ति है तो वह भी अपने पक्ष के तथ्य और प्रमाण सामने रखे। महानगर विभाग संयोजक प्रशांत त्रिपाठी ने कहा कि किसी के पास कोई प्रमाण है तो उसे सार्वजनिक किया जाए। बिना सबूत आरोप लगाकर विश्वविद्यालय का माहौल खराब करना उचित नहीं है। फीस वृद्धि के खिलाफ आंदोलन का किया जिक्र निखिल गुप्ता ने ABVP के पुराने आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा कि संगठन विद्यार्थियों की समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाता रहा है। उन्होंने तीन साल पहले फीस वृद्धि के खिलाफ हुए आंदोलन का हवाला दिया। उनके मुताबिक उस आंदोलन में आठ कार्यकर्ताओं को 11 दिन जेल में रहना पड़ा था। उन्होंने कहा कि संगठन के कार्यकर्ता छात्रों की समस्याओं को लेकर विश्वविद्यालय स्तर पर लगातार काम करते हैं और विद्यार्थियों के हित में आवाज उठाते हैं। बोले- अब हर आरोप का जवाब तथ्यों से देंगे ABVP पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन विद्यार्थियों के हित में आगे भी काम करता रहेगा। उन्होंने कहा कि बिना प्रमाण लगाए जा रहे आरोपों का जवाब तथ्यों के साथ दिया जाएगा। संगठन ने विश्वविद्यालय का माहौल खराब करने की कोशिश का विरोध करने की बात कही। प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रांत सह मंत्री निखिल गुप्ता, प्रांत मीडिया संयोजक शिवम पांडेय, आदित्य सिंह, महानगर विभाग संयोजक प्रशांत त्रिपाठी और प्रशांत राज मौजूद रहे।

