भोपाल जिला पंचायत की शिक्षा समिति की मीटिंग गुरुवार को हुई। इसमें डीपीसी, बीईओ, बीआरसी और जनशिक्षक तो आए थे, लेकिन डीईओ अभिनव आर्य नहीं पहुंचे। इस पर शिक्षा समिति अध्यक्ष मोहन सिंह जाट, सदस्य विक्रम भालेश्वर नाराज हो गए। कुछ देर तक बैठक की और फिर उसे कैंसिल कर दी। दोपहर में जिपं सभाकक्ष में बैठक हुई थी। शुरुआत होते ही जब अध्यक्ष जाट ने जिला शिक्षा अधिकारी अभिनव आर्य के नहीं आने की वजह से पूछी तो डीपीसी जैन ने कहा कि वे मेडिकल लीव पर है। अचानक छुट्टी पर जाने पर जनप्रतिनिधियों की नाराजगी देखने को मिली। जाट ने कहा कि एक दिन पहले ही डीईओ से बात हुई थी। उन्होंने आने का कहा था, लेकिन अब वे बीमार हो गए। हालांकि, डीईओ की अनुपस्थिति में डीपीसी जैन ने बैठक शुरू की। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने गांवों में स्कूलों से जुड़ी समस्याएं बताना शुरू कर दी। कुछ स्कूलों में शिक्षकों की आपसी खींचतान, ट्रांसफर होने के बावजूद कर्मचारियों के रिलीव नहीं करने, निरीक्षण के दौरान शराब पीकर आए शिक्षक पर कोई कार्रवाई नहीं होने के मुद्दे उठे। समिति अध्यक्ष और जिपं उपाध्यक्ष जाट ने कहा कि साधारण सभा के दौरान भी यह विषय उठाया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। शिक्षिका की शिकायत लेकर बैठक में पहुंच गए बच्चे
बैठक के दौरान ही शासकीय माध्यमिक शाला अलवरिया की कई छात्राएं अपने अभिभावकों के साथ पहुंच गईं। उन्होंने स्कूल की शिक्षिका रानी मेहरा के व्यवहार को लेकर लिखित में शिकायत की। साथ ही मांग की कि शिक्षिका का यहां से अन्य स्कूल में ट्रांसफर कर दिया जाए। इस पर उपाध्यक्ष जाट ने कहा कि स्कूलों में कई अव्यवस्थाएं हैं। यदि जिम्मेदार लगातार निरीक्षण करेंगे तो बच्चों को इस तरह शिकायत करने यहां आना नहीं पड़ेगा। डीपीसी जैन ने जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। डीईओ से जुड़े कई मुद्दे, कैंसिल की बैठक
करीब आधे घंटे बाद जनप्रतिनिधियों ने बैठक को कैंसिल कर दिया। उन्होंने कहा कि डीईओ से जुड़े कई मामले हैं, जो उन्हीं से हल होने हैं। उनके बीमार होने से समस्याएं किसे बताएं? इसलिए बैठक आगामी दिनों में की जाएगी।

