नगर परिषद अध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह और पार्षदों के बीच चल रहा विवाद अब भाजपा संगठन तक पहुंच गया है। अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर लंबे समय से चल रही खींचतान के बीच नगर परिषद के 10 भाजपा पार्षदों ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। पार्षदों ने रीवा पहुंचकर भाजपा जिला अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंपा। सामूहिक इस्तीफे के बाद गुढ़ की स्थानीय राजनीति में हलचल बढ़ गई है। अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया को लेकर करीब दो महीने से विवाद चल रहा है। जुलाई में 13 पार्षदों ने अध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ मोर्चा खोला था। पार्षदों ने अध्यक्ष के पूरे कार्यकाल की जांच की मांग भी उठाई थी। इसके बाद से नगर परिषद की राजनीति में लगातार खींचतान बनी हुई है। न्यायालयी प्रक्रिया के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से नाराजगी
पार्षदों का कहना है कि अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया को लेकर न्यायालय में चली कार्रवाई के बाद स्थिति स्पष्ट हो चुकी है। इसके बावजूद संगठन स्तर पर मामले में अपेक्षित निर्णय नहीं लिया गया। इसी बात को लेकर पार्षदों की नाराजगी बढ़ती गई। पार्षदों का कहना है कि जब न्यायालयी प्रक्रिया में अविश्वास प्रस्ताव पर लगी रोक हट चुकी है तो फिर मामले में आगे की प्रक्रिया क्यों नहीं बढ़ाई जा रही है। इसी नाराजगी के चलते 10 भाजपा पार्षदों ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का निर्णय लिया। जुलाई से ही चल रही अध्यक्ष और पार्षदों में खींचतान
अध्यक्ष और पार्षदों के बीच विवाद जुलाई में खुलकर सामने आया था। उस समय 13 पार्षदों ने एकजुट होकर अध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। पार्षदों ने पूरे कार्यकाल की जांच की मांग की थी। इसके बाद परिषद की राजनीति में लगातार नए घटनाक्रम सामने आते रहे। जुलाई के अंत में पीआईसी के अंतिम सदस्य के इस्तीफे की जानकारी भी सामने आई थी। इससे परिषद के भीतर चल रहे मतभेदों को लेकर राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई थीं। अब भाजपा संगठन की भूमिका पर नजर
10 पार्षदों के सामूहिक इस्तीफे के बाद अब स्थानीय भाजपा संगठन की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। इस्तीफे के बाद अध्यक्ष और पार्षदों के बीच चल रहे विवाद को लेकर संगठन का अगला कदम क्या होगा, इस पर नजर है। फिलहाल भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से 10 पार्षदों के इस्तीफे के बाद गुढ़ नगर परिषद का विवाद एक नए राजनीतिक मोड़ पर पहुंच गया है। अब अविश्वास प्रस्ताव की आगे की प्रक्रिया और भाजपा संगठन के रुख पर सभी की नजर है।

