भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने लगभग यह कन्फर्म कर दिया कि पुरुषों की टीम के चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर के कॉन्ट्रैक्ट को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा, जो 4 अक्टूबर को खत्म हो रहा है। सैकिया ने कहा कि उस तारीख के बाद यह पद ‘खाली’ हो जाएगा और बोर्ड के पास उनके रिप्लेसमेंट के बारे में फैसला करने के लिए ‘काफी समय’ है। अब तक सिर्फ़ मीडिया रिपोर्ट्स में ही यह दावा किया गया है कि अगरकर ने अपना कॉन्ट्रैक्ट आगे न बढ़ाने का फ़ैसला किया है, क्योंकि उन्हें लगा कि बोर्ड के अधिकारी भी इसमें दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं।
इसे भी पढ़ें: Asian Games में Gold जीतने के बाद Shafali Verma बोलीं, अधिक ट्रॉफियों से चमकेगा महिला क्रिकेट
BCCI की हालिया मीटिंग के बाद, सैकिया ने इस खबर की पुष्टि या खंडन करने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा कि उनकी नौकरी को लेकर कोई फ़ैसला नहीं लिया गया है और साथ ही यह भी कहा कि ‘क्रिकेट की दुनिया में 15 दिन का समय बहुत लंबा होता है’। सैकिया ने कहा कि जहां तक अजीत अगरकर की बात है, तो उनका कार्यकाल 4 अक्टूबर को खत्म हो रहा है और हमारे पास 4 तारीख तक का काफ़ी समय है। उन्होंने आगे कहा कि हम 4 अक्टूबर के बाद खाली होने वाले पद के बारे में फ़ैसला लेंगे। BCCI की तरफ़ से कोई भी फ़ैसला लिए जाने के बाद, हम निश्चित रूप से इसे सार्वजनिक करेंगे।
अगरकर के पद छोड़ने के पीछे सैकिया एक अहम व्यक्ति थे। खबरों के अनुसार, अगरकर ने वनडे सुपरस्टार रोहित शर्मा को बताया था कि सिलेक्शन कमिटी ने उन्हें टीम से हटाने का फैसला किया है, लेकिन सैकिया ने सार्वजनिक रूप से इस बात का खंडन किया और बल्लेबाज का समर्थन करते हुए उन्हें टीम में बनाए रखने की बात कही। इस बात से अगरकर नाराज हो गए और उन्हें एहसास हुआ कि भविष्य में वे कोई बड़ा फैसला नहीं ले पाएंगे, जिसके चलते उन्होंने अपना कार्यकाल आगे न बढ़ाने का फैसला किया।
इसे भी पढ़ें: India और Japan के बीच रोमांचक Cricket मैच के बाद Sachin Tendulkar ने की जापानी टीम की तारीफ
पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज पार्थिव पटेल को इस पद के लिए सबसे आगे माना जा रहा है, और कुछ खबरों के मुताबिक, साउथ ज़ोन के सिलेक्टर प्रज्ञान ओझा, जिन्होंने अगरकर के साथ काम किया था, स्थायी नाम तय होने तक अंतरिम तौर पर यह जिम्मेदारी संभाल सकते हैं।

