बक्सर- ST आयोग सदस्य के जाति प्रमाणपत्र पर विवाद:कहार जाति का होने का दावा; खरवार नाम जोड़कर ST सर्टिफिकेट बनवाने का आरोप, जांच की मांग

बक्सर- ST आयोग सदस्य के जाति प्रमाणपत्र पर विवाद:कहार जाति का होने का दावा; खरवार नाम जोड़कर ST सर्टिफिकेट बनवाने का आरोप, जांच की मांग

बक्सर के चौसा प्रखंड निवासी और राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य राजू कुमार के जाति प्रमाणपत्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ऑल इंडिया आदिवासी कांग्रेस के नेशनल कोऑर्डिनेटर डॉ. बिपिन ने राजू कुमार पर फर्जी तरीके से अनुसूचित जनजाति (ST) का प्रमाणपत्र बनवाकर आयोग का सदस्य बनने का आरोप लगाया है। उन्होंने सरकार और भाजपा से मामले की जांच कराने और राजू कुमार को पद से हटाने की मांग की है। कटिहार में पत्रकारों से बातचीत में डॉ. बिपिन ने दावा किया कि राजू कुमार मूल रूप से कहार जाति से हैं। उन्होंने कहा कि कहार जाति अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) में आती है। डॉ. बिपिन का आरोप है कि बाद में राजू कुमार ने अपने नाम के साथ ‘खरवार’ जोड़कर अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र बनवाया। उनके अनुसार, इसी प्रमाणपत्र के आधार पर राजू कुमार को राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग का सदस्य बनाया गया। 2020 के SC/ST एक्ट मामले का भी किया जिक्र डॉ. बिपिन ने दावा किया कि वर्ष 2020 में राजू कुमार ने एक ग्रामीण के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कराया था। उनके मुताबिक, बाद में बक्सर कोर्ट में सुनवाई के दौरान राजू कुमार के माता-पिता की जाति को लेकर सवाल उठे और मामला खारिज हो गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि चौसा अंचल के सीओ ने हाल में राजू कुमार के एससी/एसटी वर्ग में नहीं आने की पुष्टि की है। जांच के बाद स्थिति होगी स्पष्ट डॉ. बिपिन ने कहा कि बिहार में बड़ी संख्या में अनुसूचित जनजाति के लोग रहते हैं और आयोग जैसे संस्थान में योग्य व्यक्ति को ही जिम्मेदारी मिलनी चाहिए। उन्होंने राजू कुमार के जाति प्रमाणपत्र की जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि, राजू कुमार के जाति प्रमाणपत्र को लेकर लगाए गए आरोपों और डॉ. बिपिन के दावों की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो पाई है। राजू कुमार या संबंधित प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने आने पर उनका पक्ष भी खबर में शामिल किया जाएगा। बक्सर के चौसा प्रखंड निवासी और राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य राजू कुमार के जाति प्रमाणपत्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ऑल इंडिया आदिवासी कांग्रेस के नेशनल कोऑर्डिनेटर डॉ. बिपिन ने राजू कुमार पर फर्जी तरीके से अनुसूचित जनजाति (ST) का प्रमाणपत्र बनवाकर आयोग का सदस्य बनने का आरोप लगाया है। उन्होंने सरकार और भाजपा से मामले की जांच कराने और राजू कुमार को पद से हटाने की मांग की है। कटिहार में पत्रकारों से बातचीत में डॉ. बिपिन ने दावा किया कि राजू कुमार मूल रूप से कहार जाति से हैं। उन्होंने कहा कि कहार जाति अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) में आती है। डॉ. बिपिन का आरोप है कि बाद में राजू कुमार ने अपने नाम के साथ ‘खरवार’ जोड़कर अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र बनवाया। उनके अनुसार, इसी प्रमाणपत्र के आधार पर राजू कुमार को राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग का सदस्य बनाया गया। 2020 के SC/ST एक्ट मामले का भी किया जिक्र डॉ. बिपिन ने दावा किया कि वर्ष 2020 में राजू कुमार ने एक ग्रामीण के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कराया था। उनके मुताबिक, बाद में बक्सर कोर्ट में सुनवाई के दौरान राजू कुमार के माता-पिता की जाति को लेकर सवाल उठे और मामला खारिज हो गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि चौसा अंचल के सीओ ने हाल में राजू कुमार के एससी/एसटी वर्ग में नहीं आने की पुष्टि की है। जांच के बाद स्थिति होगी स्पष्ट डॉ. बिपिन ने कहा कि बिहार में बड़ी संख्या में अनुसूचित जनजाति के लोग रहते हैं और आयोग जैसे संस्थान में योग्य व्यक्ति को ही जिम्मेदारी मिलनी चाहिए। उन्होंने राजू कुमार के जाति प्रमाणपत्र की जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि, राजू कुमार के जाति प्रमाणपत्र को लेकर लगाए गए आरोपों और डॉ. बिपिन के दावों की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो पाई है। राजू कुमार या संबंधित प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने आने पर उनका पक्ष भी खबर में शामिल किया जाएगा।  

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