सितंबर के आखिरी सप्ताह में वाराणसी का मौसम एक बार फिर बदल गया है। गुरुवार सुबह से ही शहर में आसमान पर काले बादल छाए रहे और कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश होती रही। बारिश के कारण तापमान में करीब दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। मौसम में बदलाव के चलते लोगों को उमस से भी राहत मिली है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। गुरुवार और शुक्रवार को गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से वाराणसी समेत आसपास के क्षेत्रों में अगले दो दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। शनिवार को भी आसमान में बादल छाए रहने के आसार हैं। हालांकि, रविवार से मौसम में सुधार होने और आसमान साफ होने के संकेत हैं। 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है हवा मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक बारिश के दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं। गुरुवार और शुक्रवार को गरज-चमक के साथ बारिश के बीच 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। बारिश से अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे बारिश और बादलों के कारण वाराणसी में दिन का तापमान सामान्य से नीचे चला गया। अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.1 डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.8 डिग्री कम है। बुधवार को दिन और रात के तापमान में करीब सात डिग्री सेल्सियस का अंतर रहा। बारिश के बाद मौसम में ठंडक बढ़ी। बुधवार शाम 7:30 बजे तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। किसानों के लिए सलाह- पर्याप्त नमी हो तो न करें सिंचाई बारिश को देखते हुए बीएचयू के भू-भौतिकी विभाग की ग्रामीण कृषि मौसम सेवा ने किसानों के लिए भी सलाह जारी की है। नोडल अधिकारी प्रो. रवि शंकर सिंह और तकनीकी अधिकारी शिवमंगल सिंह ने बताया कि अगले दो से तीन दिनों तक बारिश की संभावना है। इस समय धान की फसल बाली बनने की अवस्था में है। ऐसे में खेत में पर्याप्त नमी मौजूद होने पर किसानों को अतिरिक्त सिंचाई नहीं करनी चाहिए। बारिश के दौरान तेज हवा चलने की स्थिति में धान की फसल गिरने की आशंका रहती है। इसलिए खेत में अनावश्यक रूप से पानी जमा न होने दें और जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखें। बारिश के बाद कीट और रोगों पर रखें नजर कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को बारिश के बाद धान की फसल में कीट एवं रोगों की नियमित निगरानी करने की सलाह दी है। खेत में अधिक समय तक पानी जमा रहने से फसल पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। ऐसे में बारिश रुकने के बाद खेतों का निरीक्षण कर जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

