मोतिहारी के गांधी मैदान में 24 सितंबर को भारतीय वायु सेना की सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम प्रदर्शन करेगी। करीब दो घंटे के इस एयर शो में हॉक एमके-132 विमान अपनी तेज रफ्तार और सटीक फार्मेशन से लोगों को रोमांचित करेंगे। हालांकि, सुबह से हो रही बारिश के कारण मौसम प्रदर्शन के लिए चुनौती बना हुआ है। 9 विमान एक साथ बनाएंगे अलग-अलग फार्मेशन मुख्य प्रदर्शन में सूर्यकिरण टीम के नौ हॉक विमान एक साथ आसमान में उड़ेंगे और अलग-अलग करतब दिखाएंगे। विमानों से केसरिया, सफेद और हरे रंग की धुआं-धाराएं निकलेंगी, जिससे आसमान में तिरंगे के रंग दिखाई देंगे। पायलट लूप, बैरल रोल, उल्टी उड़ान और चर्चित डीएनए मैन्युवर जैसे कई मुश्किल करतब दिखाएंगे। विमानों के बीच कई बार 5 मीटर से भी कम दूरी अधिकारियों के मुताबिक, फार्मेशन उड़ान के दौरान विमानों के बीच की दूरी कई बार पांच मीटर से भी कम रह जाती है। इतनी तेज गति से कम दूरी पर उड़ते हुए फार्मेशन बनाए रखने के लिए पायलटों को बेहद सटीक तालमेल के साथ उड़ान भरनी होती है। मौसम की रिपोर्ट के बाद बदली गई तारीख पहले यह एयर शो 25 सितंबर को होना था। मौसम विभाग की रिपोर्ट के बाद इसकी तारीख बदलकर 24 सितंबर कर दी गई। सुबह से बारिश होने के कारण अब मौसम पर प्रदर्शन की स्थिति निर्भर करेगी। मोतिहारी में पहली बार ऐसा एरोबेटिक शो हो रहा है। इसे देखने के लिए गांधी मैदान और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। 5 नए सदस्यों के साथ मोतिहारी पहुंची टीम सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम इस बार नए सदस्यों के साथ मोतिहारी पहुंची है। टीम में पांच नए सदस्य शामिल किए गए हैं। टीम की कमान एसयू-30 एमकेआई के पायलट ग्रुप कैप्टन अजय दसरथी संभाल रहे हैं। हॉक विमानों में देश में बने रंगीन स्मोक पॉड लगाए गए हैं। इनके जरिए प्रदर्शन के दौरान आसमान में तिरंगे के रंग दिखाई देंगे। 1996 में बनी थी सूर्यकिरण टीम सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम का गठन 1996 में किया गया था। टीम भारत में 800 से अधिक हवाई प्रदर्शन कर चुकी है। चीन, श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, सिंगापुर और यूएई समेत कई देशों में भी टीम भारतीय वायु सेना का प्रतिनिधित्व कर चुकी है। टीम में बिहार के फ्लाइट लेफ्टिनेंट भी मोतिहारी में होने वाले प्रदर्शन से बिहार का जुड़ाव भी खास है। टीम के मेडिकल ऑफिसर फ्लाइट लेफ्टिनेंट आदर्श चौधरी बिहार के निवासी हैं। 24 सितंबर को नौ हॉक विमानों का एक साथ आसमान में करतब दिखाना लोगों के लिए रोमांचक दृश्य होगा। साथ ही युवाओं को भारतीय वायु सेना की सटीकता, अनुशासन, टीमवर्क और पेशेवर कौशल को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। मोतिहारी के गांधी मैदान में 24 सितंबर को भारतीय वायु सेना की सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम प्रदर्शन करेगी। करीब दो घंटे के इस एयर शो में हॉक एमके-132 विमान अपनी तेज रफ्तार और सटीक फार्मेशन से लोगों को रोमांचित करेंगे। हालांकि, सुबह से हो रही बारिश के कारण मौसम प्रदर्शन के लिए चुनौती बना हुआ है। 9 विमान एक साथ बनाएंगे अलग-अलग फार्मेशन मुख्य प्रदर्शन में सूर्यकिरण टीम के नौ हॉक विमान एक साथ आसमान में उड़ेंगे और अलग-अलग करतब दिखाएंगे। विमानों से केसरिया, सफेद और हरे रंग की धुआं-धाराएं निकलेंगी, जिससे आसमान में तिरंगे के रंग दिखाई देंगे। पायलट लूप, बैरल रोल, उल्टी उड़ान और चर्चित डीएनए मैन्युवर जैसे कई मुश्किल करतब दिखाएंगे। विमानों के बीच कई बार 5 मीटर से भी कम दूरी अधिकारियों के मुताबिक, फार्मेशन उड़ान के दौरान विमानों के बीच की दूरी कई बार पांच मीटर से भी कम रह जाती है। इतनी तेज गति से कम दूरी पर उड़ते हुए फार्मेशन बनाए रखने के लिए पायलटों को बेहद सटीक तालमेल के साथ उड़ान भरनी होती है। मौसम की रिपोर्ट के बाद बदली गई तारीख पहले यह एयर शो 25 सितंबर को होना था। मौसम विभाग की रिपोर्ट के बाद इसकी तारीख बदलकर 24 सितंबर कर दी गई। सुबह से बारिश होने के कारण अब मौसम पर प्रदर्शन की स्थिति निर्भर करेगी। मोतिहारी में पहली बार ऐसा एरोबेटिक शो हो रहा है। इसे देखने के लिए गांधी मैदान और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। 5 नए सदस्यों के साथ मोतिहारी पहुंची टीम सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम इस बार नए सदस्यों के साथ मोतिहारी पहुंची है। टीम में पांच नए सदस्य शामिल किए गए हैं। टीम की कमान एसयू-30 एमकेआई के पायलट ग्रुप कैप्टन अजय दसरथी संभाल रहे हैं। हॉक विमानों में देश में बने रंगीन स्मोक पॉड लगाए गए हैं। इनके जरिए प्रदर्शन के दौरान आसमान में तिरंगे के रंग दिखाई देंगे। 1996 में बनी थी सूर्यकिरण टीम सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम का गठन 1996 में किया गया था। टीम भारत में 800 से अधिक हवाई प्रदर्शन कर चुकी है। चीन, श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, सिंगापुर और यूएई समेत कई देशों में भी टीम भारतीय वायु सेना का प्रतिनिधित्व कर चुकी है। टीम में बिहार के फ्लाइट लेफ्टिनेंट भी मोतिहारी में होने वाले प्रदर्शन से बिहार का जुड़ाव भी खास है। टीम के मेडिकल ऑफिसर फ्लाइट लेफ्टिनेंट आदर्श चौधरी बिहार के निवासी हैं। 24 सितंबर को नौ हॉक विमानों का एक साथ आसमान में करतब दिखाना लोगों के लिए रोमांचक दृश्य होगा। साथ ही युवाओं को भारतीय वायु सेना की सटीकता, अनुशासन, टीमवर्क और पेशेवर कौशल को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।

