“मैं वीडियो देखने के बाद से सदमे में हूं। मुझे डर है कि आरोपी जेल से बाहर आने के बाद फिर बेटी को नुकसान पहुंचा सकता है। हम अपनी बेटी को कब तक घर में छिपाकर रखेंगे? अब वो कहीं आने-जाने में भी डरेगी। 4 दिन से न घर का दरवाजा खुला है, न ही हमारे परिवार से कोई बाहर गया है।” ये कहना है जमुई छेड़खानी कांड के पीड़ित छात्रा के पिता का, जिनकी आंखों के सामने से आज भी वो नजारा हट नहीं रहा है। पीड़िता और उसके घरवालों के डर और दर्द के बारे में बिहार प्रदेश महिला कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष डॉ.कुमारी सोनी ने दैनिक भास्कर को बताया। पीड़िता छात्र के पिता ने डॉ.सोनी कुमारी को बताया, ‘अपनी बेटी के साथ हुई घटना के बाद अब सिर्फ न्याय का इंतजार नहीं, बल्कि उसकी सुरक्षा की भी चिंता सता रही है। डर है कि आगे चलकर मेरी बेटी के साथ इससे ज्यादा कोई बड़ी मुसीबत न खड़ी हो जाए।’ घटना को हुए 5 दिन बीत गए, कैसे कट रही छात्रा की जिंदगी? परिवार के लोगों का क्या है कहना? आरोपियों को लेकर क्या मांग कर रहे घरवाले? भास्कर की रिपोर्ट में पढ़िए छात्रा के घर का क्या है माहौल? पहले घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए… दरअसल, जमुई में नाबालिग छात्रा से सड़क पर हुई छेड़खानी के बाद परिवार अब भी सदमे में है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन पीड़ित परिवार की चिंता अभी खत्म नहीं हुई है। बुधवार को बिहार प्रदेश महिला कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष डॉ.कुमारी सोनी पीड़ित छात्रा के घर पहुंचीं। इस दौरान पहले तो परिवार वाले घर का गेट नहीं खोल रहे थे। डॉ.सोनी के बार-बार समझाने के बाद करीब एक घंटे बाद पीड़ित परिवार ने गेट खोला। डॉ.सोनी ने करीब 2 घंटे तक पीड़ित परिवार से बात कर उनका हाल जाना। साथ ही छात्रा से भी बात कर उसकी स्थिति के बारे में जानकारी ली। ‘बेटी की गलती नहीं फिर भी उसकी आंखों में डर है’ छात्रा के पिता ने कहा, ‘मैं मिडल क्लास परिवार से आता हूं। मेरे लिए ये बात बहुत बड़ी है। मेरी बेटी की कोई गलती नहीं थी, फिर भी हमें ही डर कर रहना पड़ रहा है। मैं या मेरा परिवार बाहर नहीं निकल पा रहा है। मेरी बेटी हर दिन की तरह स्कूल से लौटकर कोचिंग करने गई थी। लगातार पढ़ाई करने की वजह से हर बच्चे का माइंड फ्रीज हो जाता है। इसी वजह से वो अपने कोचिंग के दोस्त के साथ माइंड फ्रेस करने के लिए पहाड़ी इलाके में चली गई थी। मड़वा पहाड़ ऐस स्पॉट है, जहां अक्सर बच्चे घूमने जाते हैं। मेरी बेटी घर पर बता कर गई थी कि उसे लौटने में थोड़ा लेट हो जाएगा। शनिवार को जब वो घर लौटी तो उसने हमलोगों से कुछ नहीं कहा…वो पूरी तरह डर गई थी। हमलोगों को लगा कोई बात होगी, लेकिन हमें इस घटना के बारे में कोई अंदाजा नहीं था।’ ट्रॉमा से बाहर नहीं आ पा रही बेटी पीड़ित परिवार ने आगे बताया, ‘इस घटना के लिए मेरी बेटी को गलत ठहराना बिल्कुल गलत है। उसके साथ जो भी हुआ, उसमें मेरी बेटी की कोई गलती नहीं थी। इस घटना के बाद से छात्रा मानसिक परेशानी से जूझ रही है। उसको नॉर्मल होने में सालों लग जाएंगे। बेटी जब भी आंख बंद करती है तो उसे वही नजारा दिख रहा है, जिसकी वजह से वो इस ट्रॉमा से बाहर नहीं निकल पा रही है। इस घटना के दौरान मेरी बेटी के शरीर पर कई जगहों पर चोट लगी है। उसका पैर छिल गया है। हाथ में चोट के निशान हैं। इस घटना की वजह से मेरी बेटी स्कूल नहीं जा पा रही है, न ही कोचिंग के लिए बाहर निकल रही है। इस साल उसका 10वीं का एग्जाम है, मेरी बेटी का करियर पूरी तरह से खराब हो गया। अब वो अपनी जिंदगी में क्या करेगी?’ ‘हमारे जीवन पर गहरा असर पड़ा है’ महिला कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष डॉ.कुमारी सोनी को छात्रा के पिता ने बताया, मैं बहुत दुखी हूं। इस घटना के बाद से मैं न कॉलोनी में घूम पा रहा हूं, न ही ऑफिस जा पा रहा हूं। लोगों के इतने कॉल्स आ रहे हैं कि मैंने अपना फोन भी बंद कर दिया है। मुझे समझ नहीं आ रहा क्या करूं? 4-5 दिन से न घर में सब्जी आई है, न ही दूध ले पा रहा हूं। कोई भी दरवाजे पर आ रहा है तो गेट तक खोलने की हिम्मत नहीं हो रही। पता नहीं हमारा परिवार अब कैसे जिएगा? अगर काम पर नहीं जाऊंगा तो पैसे कहां से लाऊंगा? घर कैसे चलेगा? मेरे दिमाग में बहुत सारे सवाल चल रहे हैं, जिसका कोई सॉल्यूशन मुझे नजर नहीं आ रहा है। मैं यही चाहता हूं कि जमुई प्रशासन हमलोगों की पूरी मदद करे। फिलहाल, यहां पर कोई पुलिस की टीम तैनात नहीं है।’ ‘मेरी बेटी ने जैकेट पहना था, आरोपियों ने खींचा’ डॉ.कुमारी सोनी को पीड़ित परिवार ने बताया, ‘मेरी बेटी ने घटना के समय फुल कपड़े पहने थे। उसने टॉप के ऊपर जैकेट भी पहना था, लेकिन आरोपियों ने वीडियो बनाने से पहले उसका कपड़ा खींच लिया। आरोपियों ने बेटी को रोकते ही सबसे पहले उसके शरीर से जैकेट खींचा। बेटी और उसका दोस्त बचाने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों की संख्या ज्यादा रहने की वजह से बेटी कुछ नहीं कर पाई। वीडियो में दिखाया गया कपड़ा पूरा पहनावा नहीं था। उसके ऊपर फुल स्लीव जैकेट जैसी ड्रेस थी, जिसे आरोपियों ने खींचा था।’ इसपर डॉ.सोनी ने पीड़ित परिवार से कहा, ‘छात्रा के कपड़ों को लेकर किसी तरह की अफवाह नहीं फैलाई जानी चाहिए। किसी लड़की के कपड़े उसके साथ होने वाली अभद्रता का कारण नहीं हो सकता है। छात्रा बहुत ही बहादुर बच्ची है। घटना में लड़की ने क्या पहना था, यह सवाल नहीं है। सवाल यह है कि उसके साथ सड़क पर क्या किया गया और ऐसा करने वालों पर क्या कार्रवाई हुई?’ 15 दिन में फास्ट ट्रैक सुनवाई की मांग परिवार से बातचीत के बाद डॉ.सोनी ने कहा, ‘पीड़ित परिवार को सुरक्षा देना प्रशासन की जिम्मेदारी है। लड़की को प्राउड फील करवाना है। बच्ची की कोई गलती नहीं है, वो जिस तरह से बहादुर बनकर वापस घर लौटी है वो बहुत बड़ी बात है। मैंने डीएम और एसपी से मिलकर इस मामले में ज्ञापन सौंपा है। साथ ही DM-SP से पीड़ित परिवार वालों को भी बात करवाया है। कांग्रेस की ओर से मांग की गई है कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक तरीके से कराई जाए। पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामले में जांच गंभीरता से होनी चाहिए।साथ ही घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जाए। उनका कहना है कि इससे घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में मदद मिल सकती है। अब घटना के बारे में पढ़िए… उस शाम क्या-क्या हुआ दरअसल, 19 सितंबर की शाम 4 बजे जमुई के एक कोचिंग की छुट्टी के बाद छात्रा और छात्र दोनों साथ में स्कूटी पर पहाड़ी पर घूमने निकलते हैं। करीब आधे घंटे की ड्राइव के बाद पहाड़ी पर पहुंचे। कुछ देर तक दोनों ने वहां पर समय बिताया और फिर अंधेरा होते ही घर के लिए निकल गए। पहाड़ से नीचे उतरते ही शाम 7 बजे के करीब कुछ लड़के सड़के किनारे खड़े हो जाते हैं। आरोपियों ने दोनों छात्र-छात्रा के स्कूटी को रोका और उनसे पूछताछ करना शुरू कर दिया। इस बीच एक-दो आरोपी लड़की के शरीर को गंदे तरीके से टच करते हुए उससे पूछते हैं- कहां घर है, नाम क्या है? लड़की उनके सवालों का जवाब देती है। इसी दौरान लड़की के साथ आए लड़के को कुछ युवक उससे अलग कर देते हैं। लड़का वहां से अलग दिखाई देता है, जबकि युवक लड़की को घेरे रहते हैं। इसके बाद कुछ युवक लड़की के प्राइवेट पार्ट के साथ छेड़खानी करते हैं और उसे सड़क पर घसीटते हैं। लड़की को काफी देर तक इसी तरह घसीटा जाता है। इस दौरान कुछ युवक उसे बचाने के लिए आगे आते हैं और लड़की को उनसे छुड़ाते हैं। लेकिन थोड़ी देर बाद कुछ दूसरे युवक फिर लड़की को पकड़ लेते हैं। इसके बाद दोबारा लड़की के साथ छेड़खानी और घसीटने का सिलसिला शुरू हो जाता है। वीडियो में लड़की के शरीर को नोंचते दिखे दरिंदे इस पूरे कांड का वहां मौजूद कुछ युवकों ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। वीडियो में दिख रहा है बार-बार कुछ युवक लड़की को पकड़ते और कुछ उसे छुड़ाने की कोशिश करते दिखाई देते हैं। ये पूरा मामला करीब एक घंटे तक चला है। 20-25 दरिंदों के चंगुल से जैसे-तैसे बचकर लड़का-लड़की घर के लिए निकलते हैं। दोनों बच्चे घर तो आ गए, लेकिन घटना के 2 घंटे बाद हुए वीडिया वायरल के कारण आज उनकी जिंदगी पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। अब वो न तो घर से बाहर निकल पा रहे हैं न ही अपनी पढ़ाई पर फोकस कर पा रहे हैं। इधर, एसपी ने पूरी घटना की जानकारी देते हुए बताया कि अब तक इस पूरे मामले में 8 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। मुख्य आरोपियों का एनकाउंटर किया गया। आगे भी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जारी है। बुधवार को हरेराम को कोर्ट में पेश किया गया, जहां उसे 14 दिन के न्यायिक हिरासत के लिए भेजा गया है। “मैं वीडियो देखने के बाद से सदमे में हूं। मुझे डर है कि आरोपी जेल से बाहर आने के बाद फिर बेटी को नुकसान पहुंचा सकता है। हम अपनी बेटी को कब तक घर में छिपाकर रखेंगे? अब वो कहीं आने-जाने में भी डरेगी। 4 दिन से न घर का दरवाजा खुला है, न ही हमारे परिवार से कोई बाहर गया है।” ये कहना है जमुई छेड़खानी कांड के पीड़ित छात्रा के पिता का, जिनकी आंखों के सामने से आज भी वो नजारा हट नहीं रहा है। पीड़िता और उसके घरवालों के डर और दर्द के बारे में बिहार प्रदेश महिला कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष डॉ.कुमारी सोनी ने दैनिक भास्कर को बताया। पीड़िता छात्र के पिता ने डॉ.सोनी कुमारी को बताया, ‘अपनी बेटी के साथ हुई घटना के बाद अब सिर्फ न्याय का इंतजार नहीं, बल्कि उसकी सुरक्षा की भी चिंता सता रही है। डर है कि आगे चलकर मेरी बेटी के साथ इससे ज्यादा कोई बड़ी मुसीबत न खड़ी हो जाए।’ घटना को हुए 5 दिन बीत गए, कैसे कट रही छात्रा की जिंदगी? परिवार के लोगों का क्या है कहना? आरोपियों को लेकर क्या मांग कर रहे घरवाले? भास्कर की रिपोर्ट में पढ़िए छात्रा के घर का क्या है माहौल? पहले घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए… दरअसल, जमुई में नाबालिग छात्रा से सड़क पर हुई छेड़खानी के बाद परिवार अब भी सदमे में है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन पीड़ित परिवार की चिंता अभी खत्म नहीं हुई है। बुधवार को बिहार प्रदेश महिला कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष डॉ.कुमारी सोनी पीड़ित छात्रा के घर पहुंचीं। इस दौरान पहले तो परिवार वाले घर का गेट नहीं खोल रहे थे। डॉ.सोनी के बार-बार समझाने के बाद करीब एक घंटे बाद पीड़ित परिवार ने गेट खोला। डॉ.सोनी ने करीब 2 घंटे तक पीड़ित परिवार से बात कर उनका हाल जाना। साथ ही छात्रा से भी बात कर उसकी स्थिति के बारे में जानकारी ली। ‘बेटी की गलती नहीं फिर भी उसकी आंखों में डर है’ छात्रा के पिता ने कहा, ‘मैं मिडल क्लास परिवार से आता हूं। मेरे लिए ये बात बहुत बड़ी है। मेरी बेटी की कोई गलती नहीं थी, फिर भी हमें ही डर कर रहना पड़ रहा है। मैं या मेरा परिवार बाहर नहीं निकल पा रहा है। मेरी बेटी हर दिन की तरह स्कूल से लौटकर कोचिंग करने गई थी। लगातार पढ़ाई करने की वजह से हर बच्चे का माइंड फ्रीज हो जाता है। इसी वजह से वो अपने कोचिंग के दोस्त के साथ माइंड फ्रेस करने के लिए पहाड़ी इलाके में चली गई थी। मड़वा पहाड़ ऐस स्पॉट है, जहां अक्सर बच्चे घूमने जाते हैं। मेरी बेटी घर पर बता कर गई थी कि उसे लौटने में थोड़ा लेट हो जाएगा। शनिवार को जब वो घर लौटी तो उसने हमलोगों से कुछ नहीं कहा…वो पूरी तरह डर गई थी। हमलोगों को लगा कोई बात होगी, लेकिन हमें इस घटना के बारे में कोई अंदाजा नहीं था।’ ट्रॉमा से बाहर नहीं आ पा रही बेटी पीड़ित परिवार ने आगे बताया, ‘इस घटना के लिए मेरी बेटी को गलत ठहराना बिल्कुल गलत है। उसके साथ जो भी हुआ, उसमें मेरी बेटी की कोई गलती नहीं थी। इस घटना के बाद से छात्रा मानसिक परेशानी से जूझ रही है। उसको नॉर्मल होने में सालों लग जाएंगे। बेटी जब भी आंख बंद करती है तो उसे वही नजारा दिख रहा है, जिसकी वजह से वो इस ट्रॉमा से बाहर नहीं निकल पा रही है। इस घटना के दौरान मेरी बेटी के शरीर पर कई जगहों पर चोट लगी है। उसका पैर छिल गया है। हाथ में चोट के निशान हैं। इस घटना की वजह से मेरी बेटी स्कूल नहीं जा पा रही है, न ही कोचिंग के लिए बाहर निकल रही है। इस साल उसका 10वीं का एग्जाम है, मेरी बेटी का करियर पूरी तरह से खराब हो गया। अब वो अपनी जिंदगी में क्या करेगी?’ ‘हमारे जीवन पर गहरा असर पड़ा है’ महिला कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष डॉ.कुमारी सोनी को छात्रा के पिता ने बताया, मैं बहुत दुखी हूं। इस घटना के बाद से मैं न कॉलोनी में घूम पा रहा हूं, न ही ऑफिस जा पा रहा हूं। लोगों के इतने कॉल्स आ रहे हैं कि मैंने अपना फोन भी बंद कर दिया है। मुझे समझ नहीं आ रहा क्या करूं? 4-5 दिन से न घर में सब्जी आई है, न ही दूध ले पा रहा हूं। कोई भी दरवाजे पर आ रहा है तो गेट तक खोलने की हिम्मत नहीं हो रही। पता नहीं हमारा परिवार अब कैसे जिएगा? अगर काम पर नहीं जाऊंगा तो पैसे कहां से लाऊंगा? घर कैसे चलेगा? मेरे दिमाग में बहुत सारे सवाल चल रहे हैं, जिसका कोई सॉल्यूशन मुझे नजर नहीं आ रहा है। मैं यही चाहता हूं कि जमुई प्रशासन हमलोगों की पूरी मदद करे। फिलहाल, यहां पर कोई पुलिस की टीम तैनात नहीं है।’ ‘मेरी बेटी ने जैकेट पहना था, आरोपियों ने खींचा’ डॉ.कुमारी सोनी को पीड़ित परिवार ने बताया, ‘मेरी बेटी ने घटना के समय फुल कपड़े पहने थे। उसने टॉप के ऊपर जैकेट भी पहना था, लेकिन आरोपियों ने वीडियो बनाने से पहले उसका कपड़ा खींच लिया। आरोपियों ने बेटी को रोकते ही सबसे पहले उसके शरीर से जैकेट खींचा। बेटी और उसका दोस्त बचाने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों की संख्या ज्यादा रहने की वजह से बेटी कुछ नहीं कर पाई। वीडियो में दिखाया गया कपड़ा पूरा पहनावा नहीं था। उसके ऊपर फुल स्लीव जैकेट जैसी ड्रेस थी, जिसे आरोपियों ने खींचा था।’ इसपर डॉ.सोनी ने पीड़ित परिवार से कहा, ‘छात्रा के कपड़ों को लेकर किसी तरह की अफवाह नहीं फैलाई जानी चाहिए। किसी लड़की के कपड़े उसके साथ होने वाली अभद्रता का कारण नहीं हो सकता है। छात्रा बहुत ही बहादुर बच्ची है। घटना में लड़की ने क्या पहना था, यह सवाल नहीं है। सवाल यह है कि उसके साथ सड़क पर क्या किया गया और ऐसा करने वालों पर क्या कार्रवाई हुई?’ 15 दिन में फास्ट ट्रैक सुनवाई की मांग परिवार से बातचीत के बाद डॉ.सोनी ने कहा, ‘पीड़ित परिवार को सुरक्षा देना प्रशासन की जिम्मेदारी है। लड़की को प्राउड फील करवाना है। बच्ची की कोई गलती नहीं है, वो जिस तरह से बहादुर बनकर वापस घर लौटी है वो बहुत बड़ी बात है। मैंने डीएम और एसपी से मिलकर इस मामले में ज्ञापन सौंपा है। साथ ही DM-SP से पीड़ित परिवार वालों को भी बात करवाया है। कांग्रेस की ओर से मांग की गई है कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक तरीके से कराई जाए। पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामले में जांच गंभीरता से होनी चाहिए।साथ ही घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जाए। उनका कहना है कि इससे घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में मदद मिल सकती है। अब घटना के बारे में पढ़िए… उस शाम क्या-क्या हुआ दरअसल, 19 सितंबर की शाम 4 बजे जमुई के एक कोचिंग की छुट्टी के बाद छात्रा और छात्र दोनों साथ में स्कूटी पर पहाड़ी पर घूमने निकलते हैं। करीब आधे घंटे की ड्राइव के बाद पहाड़ी पर पहुंचे। कुछ देर तक दोनों ने वहां पर समय बिताया और फिर अंधेरा होते ही घर के लिए निकल गए। पहाड़ से नीचे उतरते ही शाम 7 बजे के करीब कुछ लड़के सड़के किनारे खड़े हो जाते हैं। आरोपियों ने दोनों छात्र-छात्रा के स्कूटी को रोका और उनसे पूछताछ करना शुरू कर दिया। इस बीच एक-दो आरोपी लड़की के शरीर को गंदे तरीके से टच करते हुए उससे पूछते हैं- कहां घर है, नाम क्या है? लड़की उनके सवालों का जवाब देती है। इसी दौरान लड़की के साथ आए लड़के को कुछ युवक उससे अलग कर देते हैं। लड़का वहां से अलग दिखाई देता है, जबकि युवक लड़की को घेरे रहते हैं। इसके बाद कुछ युवक लड़की के प्राइवेट पार्ट के साथ छेड़खानी करते हैं और उसे सड़क पर घसीटते हैं। लड़की को काफी देर तक इसी तरह घसीटा जाता है। इस दौरान कुछ युवक उसे बचाने के लिए आगे आते हैं और लड़की को उनसे छुड़ाते हैं। लेकिन थोड़ी देर बाद कुछ दूसरे युवक फिर लड़की को पकड़ लेते हैं। इसके बाद दोबारा लड़की के साथ छेड़खानी और घसीटने का सिलसिला शुरू हो जाता है। वीडियो में लड़की के शरीर को नोंचते दिखे दरिंदे इस पूरे कांड का वहां मौजूद कुछ युवकों ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। वीडियो में दिख रहा है बार-बार कुछ युवक लड़की को पकड़ते और कुछ उसे छुड़ाने की कोशिश करते दिखाई देते हैं। ये पूरा मामला करीब एक घंटे तक चला है। 20-25 दरिंदों के चंगुल से जैसे-तैसे बचकर लड़का-लड़की घर के लिए निकलते हैं। दोनों बच्चे घर तो आ गए, लेकिन घटना के 2 घंटे बाद हुए वीडिया वायरल के कारण आज उनकी जिंदगी पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। अब वो न तो घर से बाहर निकल पा रहे हैं न ही अपनी पढ़ाई पर फोकस कर पा रहे हैं। इधर, एसपी ने पूरी घटना की जानकारी देते हुए बताया कि अब तक इस पूरे मामले में 8 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। मुख्य आरोपियों का एनकाउंटर किया गया। आगे भी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जारी है। बुधवार को हरेराम को कोर्ट में पेश किया गया, जहां उसे 14 दिन के न्यायिक हिरासत के लिए भेजा गया है।

