भारत के लिए एची-नागोया एशियाई खेलों से एक बड़ी खबर सामने आई है। सॉफ्ट टेनिस में जय मीणा ने पुरुष सिंगल्स के सेमीफाइनल में पहुंचकर इतिहास रच दिया है। उनकी इस जीत के साथ ही एशियाई खेलों में सॉफ्ट टेनिस के इतिहास में भारत का पहला पदक भी पक्का हो गया है। जय मीणा ने बुधवार को खेले गए क्वार्टर फाइनल में फिलीपींस के शेरविन नुगुइट को कड़े मुकाबले में 4-3 से हराकर अंतिम चार में जगह बनाई है।मौजूद जानकारी के अनुसार, दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला करीब हर खेल में बराबरी का रहा। जय मीणा ने शुरुआत में काफी संघर्ष किया और पहला खेल 0-4 से गंवा दिया। इसके बाद उन्होंने वापसी करते हुए दूसरा खेल 4-2 से अपने नाम किया। तीसरे खेल में नुगुइट ने फिर 4-2 से बढ़त बना ली। हालांकि जय ने हार नहीं मानी और चौथे खेल में 5-3 से जीत दर्ज कर मुकाबले को फिर बराबरी पर ला दिया।इसके बाद पांचवें खेल में फिलीपींस के खिलाड़ी ने 4-2 से बढ़त बनाई, लेकिन जय मीणा ने दबाव के बीच शानदार खेल दिखाया। छठे खेल में उन्होंने 7-5 से जीत दर्ज की और मुकाबले को निर्णायक सातवें खेल तक पहुंचा दिया। आखिरी खेल में भी भारतीय खिलाड़ी ने संयम बनाए रखा और जीत हासिल करते हुए सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर लिया।बता दें कि जय मीणा का यह तीसरा एशियाई खेल है। इससे पहले वह 2018 और 2022 के एशियाई खेलों में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इस बार उनका प्रदर्शन अब तक खासा प्रभावी रहा है। पुरुष सिंगल्स के ग्रुप डी में उन्होंने पाकिस्तान के अरैन हुसैन को सीधे चार खेलों में 4-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी।जय मीणा की सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ ही भारत ने सॉफ्ट टेनिस में अपना पहला एशियाई खेल पदक पक्का कर लिया है। अब उनके पास स्वर्ण पदक मुकाबले तक पहुंचने का मौका है। सेमीफाइनल में जीत मिलने पर वह सीधे स्वर्ण पदक के मुकाबले में पहुंच जाएंगे, जबकि हार की स्थिति में भी भारत के खाते में पदक रहेगा।एची-नागोया एशियाई खेलों में भारत के लिए निशानेबाजी में भी पदक आया है। राइजा और परीनााज ने 125 में से 111-111 अंक बनाए, जबकि माहेश्वरी ने 109 अंक जुटाकर भारतीय टीम के कुल स्कोर में योगदान दिया। भारत ने कुल 331 अंक हासिल किए। चीन ने 346 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि कजाकिस्तान ने रजत पदक अपने नाम किया है।गौरतलब है कि भारत की निशानेबाजी टीम में दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर ने भी महिला 10 मीटर एयर पिस्टल के व्यक्तिगत फाइनल में जगह बनाई है। वहीं सुरूचि इंदर सिंह और ईशा सिंह फाइनल में पहुंचने से चूक गईं। इस तरह एची-नागोया एशियाई खेलों में भारत का अभियान लगातार कई खेलों में मजबूत प्रदर्शन के साथ आगे बढ़ रहा है।
भारत के लिए एची-नागोया एशियाई खेलों से एक बड़ी खबर सामने आई है। सॉफ्ट टेनिस में जय मीणा ने पुरुष सिंगल्स के सेमीफाइनल में पहुंचकर इतिहास रच दिया है। उनकी इस जीत के साथ ही एशियाई खेलों में सॉफ्ट टेनिस के इतिहास में भारत का पहला पदक भी पक्का हो गया है। जय मीणा ने बुधवार को खेले गए क्वार्टर फाइनल में फिलीपींस के शेरविन नुगुइट को कड़े मुकाबले में 4-3 से हराकर अंतिम चार में जगह बनाई है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला करीब हर खेल में बराबरी का रहा। जय मीणा ने शुरुआत में काफी संघर्ष किया और पहला खेल 0-4 से गंवा दिया। इसके बाद उन्होंने वापसी करते हुए दूसरा खेल 4-2 से अपने नाम किया। तीसरे खेल में नुगुइट ने फिर 4-2 से बढ़त बना ली। हालांकि जय ने हार नहीं मानी और चौथे खेल में 5-3 से जीत दर्ज कर मुकाबले को फिर बराबरी पर ला दिया।
इसके बाद पांचवें खेल में फिलीपींस के खिलाड़ी ने 4-2 से बढ़त बनाई, लेकिन जय मीणा ने दबाव के बीच शानदार खेल दिखाया। छठे खेल में उन्होंने 7-5 से जीत दर्ज की और मुकाबले को निर्णायक सातवें खेल तक पहुंचा दिया। आखिरी खेल में भी भारतीय खिलाड़ी ने संयम बनाए रखा और जीत हासिल करते हुए सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर लिया।
बता दें कि जय मीणा का यह तीसरा एशियाई खेल है। इससे पहले वह 2018 और 2022 के एशियाई खेलों में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इस बार उनका प्रदर्शन अब तक खासा प्रभावी रहा है। पुरुष सिंगल्स के ग्रुप डी में उन्होंने पाकिस्तान के अरैन हुसैन को सीधे चार खेलों में 4-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी।
जय मीणा की सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ ही भारत ने सॉफ्ट टेनिस में अपना पहला एशियाई खेल पदक पक्का कर लिया है। अब उनके पास स्वर्ण पदक मुकाबले तक पहुंचने का मौका है। सेमीफाइनल में जीत मिलने पर वह सीधे स्वर्ण पदक के मुकाबले में पहुंच जाएंगे, जबकि हार की स्थिति में भी भारत के खाते में पदक रहेगा।
एची-नागोया एशियाई खेलों में भारत के लिए निशानेबाजी में भी पदक आया है। राइजा और परीनााज ने 125 में से 111-111 अंक बनाए, जबकि माहेश्वरी ने 109 अंक जुटाकर भारतीय टीम के कुल स्कोर में योगदान दिया। भारत ने कुल 331 अंक हासिल किए। चीन ने 346 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि कजाकिस्तान ने रजत पदक अपने नाम किया है।
गौरतलब है कि भारत की निशानेबाजी टीम में दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर ने भी महिला 10 मीटर एयर पिस्टल के व्यक्तिगत फाइनल में जगह बनाई है। वहीं सुरूचि इंदर सिंह और ईशा सिंह फाइनल में पहुंचने से चूक गईं। इस तरह एची-नागोया एशियाई खेलों में भारत का अभियान लगातार कई खेलों में मजबूत प्रदर्शन के साथ आगे बढ़ रहा है।
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