शाहजहांपुर में साइबर ठगों ने सीतापुर की विसवां चीनी मिल के रिटायर्ड प्रबंधक को डिजिटल हाउस अरेस्ट कर 22 लाख रुपए ठग लिए। ठगों ने व्हाट्सऐप कॉल कर पीड़ित को बताया- उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल एक आतंकी ने बैंक खाता खोलने और उसमें 25 लाख रुपए जमा करने के लिए किया है। इसके बाद गिरफ्तारी वारंट का डर दिखाकर अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई। बुधवार को पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस ने 10 लाख 88 हजार रुपए होल्ड करा दिए हैं। व्हाट्सऐप कॉल कर आधार कार्ड का डर दिखाया सदर बाजार थाना क्षेत्र के मोहल्ला ताजूखेल निवासी सुरेंद्र कुमार सक्सेना ने 22 सितंबर को साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। सुरेंद्र सक्सेना सीतापुर की विसवां चीनी मिल के रिटायर्ड प्रबंधक हैं। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर की दोपहर करीब 2 बजे उनके पास व्हाट्सऐप कॉल आई। कॉल करने वाले ने कहा कि उनका आधार कार्ड एक आतंकी को दिया गया है। उसी आधार पर आतंकी ने बैंक खाता खुलवाया है और उसमें 25 लाख रुपए भेजे गए हैं। गिरफ्तारी वारंट का डर दिखाकर किया डिजिटल हाउस अरेस्ट सुरेंद्र ने जब इस बात से इनकार किया तो ठग ने उन्हें बताया कि उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है। आरोपी ने दावा किया कि उसने फिलहाल वारंट को रोक रखा है और उनके खाते की जांच की जाएगी। इसके बाद ठगों ने सुरेंद्र को लगातार कॉल पर बनाए रखा और उनके बैंक खाते से जुड़ी जानकारी लेने के साथ फोटो भी लिए। इस तरह उन्हें डिजिटल हाउस अरेस्ट में रखा गया। तीन बार में ट्रांसफर कराए 22 लाख रुपए आरोपियों ने 19 सितंबर को सुरेंद्र से 12 लाख रुपए ट्रांसफर कराए। इसके बाद 21 सितंबर को साढ़े 6 लाख और उसी दिन साढ़े 3 लाख रुपए और ट्रांसफर करा लिए। इस तरह कुल 22 लाख रुपए की ठगी कर ली गई। 14 लाख और मांगने पर हुआ शक ठगों ने जब सुरेंद्र से 14 लाख रुपए और मांगे तो उन्हें शक हुआ। इसके बाद उन्होंने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई और ठगी की रकम वापस दिलाने की मांग की। 10.88 लाख रुपए दो खातों में होल्ड पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ठगी गई 22 लाख रुपए की रकम में से 10 लाख 88 हजार रुपए दो बैंक खातों में होल्ड करा दिए हैं। बाकी रकम को भी होल्ड कराने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

