जहानाबाद के काको प्रखंड की अमथुआ पंचायत के धरहरा गांव में सड़क, नाली और गलियों की समस्या को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी थी। इस पर मुखिया मेराज अहमद ने जल्द समाधान का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि वे गांव की समस्याओं से वाकिफ हैं और नाली-गली समेत अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने का काम धीरे-धीरे कराया जा रहा है। मुखिया मेराज अहमद ने बताया कि वे लगातार पंचायत क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों का दौरा करते हैं और लोगों की समस्याएं सुनते हैं। उन्होंने कहा कि सड़क और नाले की समस्या खत्म करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। अपने कार्यकाल में बची हुई समस्याओं को भी सुलझाने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने विकास कार्यों में ग्रामीणों से सहयोग की अपील भी की। मेराज अहमद ने अपने कार्यकाल में कराए गए विकास कार्यों का जिक्र करते हुए बताया कि चुनाव जीतने के बाद सबसे पहले छठ घाट बनवाया गया। इससे स्थानीय लोगों को पूजा के दौरान सुविधा मिली। इसके अलावा, सूर्य मंदिर और एससी-एसटी छात्रावास का निर्माण भी कराया गया है। मुखिया ने कहा कि गांव में कई और विकास कार्य भी हुए हैं। मुखिया के अनुसार, धरहरा गांव को बेहतर सुविधाओं से जोड़ने और इसकी पहचान बनाने की दिशा में भी काम हुआ है। गांव में एक आवासीय विद्यालय भी बनवाया गया, जिसका उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था। उन्होंने बताया कि गांव के विकास मॉडल को देखने के लिए राज्य के करीब 50 पंचायत प्रतिनिधि भी यहां आ चुके हैं। गांव के तालाब में ग्रामीणों और पर्यटकों के लिए बोटिंग की सुविधा शुरू की गई थी। फिलहाल पानी ज्यादा होने के कारण बोटिंग बंद है। पानी का स्तर कम होने के बाद इसे फिर से शुरू किया जाएगा। मुखिया ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचाने की कोशिश भी जारी है। इंदिरा आवास और जमीन से जुड़ी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद ग्रामीणों को दिलाने के लिए पहल की जाएगी। जहानाबाद के काको प्रखंड की अमथुआ पंचायत के धरहरा गांव में सड़क, नाली और गलियों की समस्या को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी थी। इस पर मुखिया मेराज अहमद ने जल्द समाधान का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि वे गांव की समस्याओं से वाकिफ हैं और नाली-गली समेत अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने का काम धीरे-धीरे कराया जा रहा है। मुखिया मेराज अहमद ने बताया कि वे लगातार पंचायत क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों का दौरा करते हैं और लोगों की समस्याएं सुनते हैं। उन्होंने कहा कि सड़क और नाले की समस्या खत्म करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। अपने कार्यकाल में बची हुई समस्याओं को भी सुलझाने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने विकास कार्यों में ग्रामीणों से सहयोग की अपील भी की। मेराज अहमद ने अपने कार्यकाल में कराए गए विकास कार्यों का जिक्र करते हुए बताया कि चुनाव जीतने के बाद सबसे पहले छठ घाट बनवाया गया। इससे स्थानीय लोगों को पूजा के दौरान सुविधा मिली। इसके अलावा, सूर्य मंदिर और एससी-एसटी छात्रावास का निर्माण भी कराया गया है। मुखिया ने कहा कि गांव में कई और विकास कार्य भी हुए हैं। मुखिया के अनुसार, धरहरा गांव को बेहतर सुविधाओं से जोड़ने और इसकी पहचान बनाने की दिशा में भी काम हुआ है। गांव में एक आवासीय विद्यालय भी बनवाया गया, जिसका उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था। उन्होंने बताया कि गांव के विकास मॉडल को देखने के लिए राज्य के करीब 50 पंचायत प्रतिनिधि भी यहां आ चुके हैं। गांव के तालाब में ग्रामीणों और पर्यटकों के लिए बोटिंग की सुविधा शुरू की गई थी। फिलहाल पानी ज्यादा होने के कारण बोटिंग बंद है। पानी का स्तर कम होने के बाद इसे फिर से शुरू किया जाएगा। मुखिया ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचाने की कोशिश भी जारी है। इंदिरा आवास और जमीन से जुड़ी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद ग्रामीणों को दिलाने के लिए पहल की जाएगी।

