रामपुर में सरस्वती विद्या मंदिर इण्टर कॉलेज में ‘राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस’ उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. मुनीश चंद्र शर्मा, नीता भारद्वाज एवं प्रेमप्रकाश शर्मा ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि भारत स्वाभिमान न्यास के जिला प्रभारी डॉ. मुनीश चंद्र शर्मा ने कहा कि आयुर्वेद केवल एक चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि संपूर्ण जीवन जीने की कला है। उन्होंने कहा कि निरोगी काया और मानसिक शांति के लिए छात्रों को अपनी प्राचीन चिकित्सा पद्धति पर गर्व करना चाहिए और आयुर्वेद को जीवन में आत्मसात करना चाहिए। डॉ. शर्मा ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि भारत अपनी प्राचीन विरासत आयुर्वेद, योग और स्वदेशी के बल पर विश्व की महाशक्ति बनेगा। विद्यालय की प्रधानाचार्य नीता भारद्वाज ने दैनिक दिनचर्या में आयुर्वेद और प्राकृतिक उपचार पद्धतियों को अपनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हम प्रकृति के जितने समीप रहेंगे उतने ही निरोगी रहेंगे। कार्यक्रम में प्रेमप्रकाश शर्मा सहित विद्यालय के शिक्षक, शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी ने अपनी दिनचर्या में योग और प्राकृतिक आहार को शामिल करने का संकल्प लिया।

